व्हाइट हाउस के नीचे बन रहा सीक्रेट मिलिट्री कॉम्प्लेक्स, ट्रंप ने खुद खोला बॉलरूम प्रोजेक्ट के पीछे का बड़ा राज

व्हाइट हाउस के नीचे बन रहा सीक्रेट मिलिट्री कॉम्प्लेक्स, ट्रंप ने खुद खोला बॉलरूम प्रोजेक्ट के पीछे का बड़ा राज

White House Military Complex: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में बन रहे चर्चित बॉलरूम प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि इस बॉलरूम के नीचे एक बड़ा अंडरग्राउंड कॉम्प्लेक्स तैयार किया जा रहा है, जो भविष्य में अमेरिकी प्रशासन और सुरक्षा तंत्र के लिए अहम कमांड सेंटर का काम कर सकता है।

बॉलरूम के नीचे बन रहा है सैन्य ठिकाना

ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि बॉलरूम के नीचे एक बड़ा अंडरग्राउंड कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक, यह सिर्फ एक बॉलरूम नहीं बल्कि एक ‘कवर’ है, जिसके नीचे सुरक्षा और प्रशासनिक उपयोग के लिए हाईटेक कमांड सेंटर तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि यह कॉम्प्लेक्स पुराने इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर से जुड़ा हो सकता है या उसे अपग्रेड कर उसकी जगह लेने के लिए तैयार किया जा रहा है, ताकि यह आधुनिक जरूरतों के मुताबिक काम कर सके।

क्या है बॉलरूम प्रोजेक्ट?

व्हाइट हाउस के ईस्ट विंग में बनाए जा रहे इस बॉलरूम प्रोजेक्ट को ट्रंप का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी लागत करीब 400 मिलियन डॉलर बताई जा रही है।

इस परियोजना के लिए ईस्ट विंग को गिराया गया था, जिसके नीचे पहले से ही द्वितीय विश्व युद्ध के समय का एक आपातकालीन बंकर मौजूद था।

पुराने बंकर की जगह लेगा नया कॉम्प्लेक्स

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट के समय व्हाइट हाउस के नीचे इमरजेंसी के लिए एक बंकर बनाया गया था, जिसे बाद में प्रेसिडेंशियल इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर (PEOC) कहा गया। अब जिस नए अंडरग्राउंड कॉम्प्लेक्स की बात हो रही है, वह इन पुरानी संरचनाओं से जुड़ा हो सकता है या उन्हें अपग्रेड करके तैयार किया जा सकता है।

बुलेटप्रूफ और हाईटेक सुरक्षा

ट्रंप के मुताबिक, यह नया बॉलरूम बुलेटप्रूफ होगा और ड्रोन हमलों से सुरक्षित बनाया जा रहा है। इसके ठीक नीचे एक आधुनिक कमांड सेंटर तैयार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह परिसर अत्याधुनिक तकनीक और हाई-टेक संचार प्रणाली (Communication System) से लैस हो सकता है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राष्ट्रपति और सुरक्षा एजेंसियां सुरक्षित रहते हुए कमांड और संचालन कर सकें।

प्रोजेक्ट पर उठे सवाल

हालांकि, इस प्रोजेक्ट को लेकर विवाद भी सामने आया है। आलोचकों का कहना है कि ईस्ट विंग को गिराने और इस तरह के बड़े निर्माण से पहले जरूरी मंजूरी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।

क्या है इसका रणनीतिक महत्व?

विशेषज्ञों के अनुसार, दुनिया भर में बढ़ते खतरों को देखते हुए अमेरिका अपनी अंडरग्राउंड सुरक्षा को और मजबूत कर रहा है। यह नया कॉम्प्लेक्स न केवल किसी भी हमले के दौरान राष्ट्रपति को सुरक्षित रखेगा, बल्कि आधुनिक युद्ध (Modern War) और संकट के समय कमांड और कंट्रोल (Command Center) के लिए एक मुख्य केंद्र की भूमिका भी निभा सकता है।

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