कटनी जिले के रीठी तहसील से भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत इमलाज की रहने वाली एक आदिवासी विधवा महिला, पार्वती बाई ने पंचायत सचिव पर मृत्यु प्रमाण पत्र के बदले ₹5000 लेने का आरोप लगाया है। पति की मौत के 5 महीने बाद भी कागज न मिलने पर परेशान महिला मंगलवार को अपनी फरियाद लेकर कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंची। पार्वती बाई ने बताया कि उनके पति दशरथ भूमिया का निधन 1 नवंबर 2025 को हुआ था। उन्होंने नियम के मुताबिक 21 दिन के अंदर ही पंचायत सचिव राजू सेन को इसकी जानकारी दे दी थी। आरोप है कि सचिव ने पहले तो काम टाल दिया और बाद में सरकारी फीस के नाम पर महिला से ₹5000 ले लिए। पैसे देने के बावजूद आज तक उन्हें प्रमाण पत्र नहीं मिला है। सरकारी योजनाओं से वंचित है परिवार महिला का कहना है कि जब भी वह सचिव के पास जाती हैं, तो उन्हें ‘आज-कल’ कहकर भगा दिया जाता है। पति का मृत्यु प्रमाण पत्र न होने के कारण पार्वती बाई को न तो विधवा पेंशन मिल पा रही है और न ही संबल योजना जैसी किसी सरकारी मदद का लाभ मिल रहा है। इससे उनके परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कलेक्टर से मांगी मदद पीड़ित महिला ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर मांग की है कि दोषी पंचायत सचिव राजू सेन को तुरंत नौकरी से हटाया (सस्पेंड किया) जाए। उनसे धोखे से लिए गए ₹5000 वापस दिलाए जाएं। उनके पति का मृत्यु प्रमाण पत्र जल्द से जल्द जारी किया जाए। जनसुनवाई में मामला पहुंचने के बाद अब प्रशासन इस पर जांच और कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।


