जमुई के झाझा प्रखंड स्थित नागी डैम से एक शिक्षक और उनके 4 साल के बेटे का शव बरामद किया गया है। पुलिस प्रथम दृष्टया इसे डूबने से हुई मौत मान रही है, जबकि परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस और एफएसएल टीम मामले की जांच में जुट गई है। मृतकों की पहचान बाराजोर निवासी शिक्षक मोहम्मद तौफीक उमर (43) और उनके बेटे मोहम्मद अरहान गाजी (4) के रूप में हुई है। मोहम्मद तौफीक उमर प्राथमिक विद्यालय बलियाडीह में कार्यरत थे। जानकारी के अनुसार, महावीर जयंती के अवसर पर स्कूल बंद होने के कारण मंगलवार सुबह वह अपने बेटे के साथ बाइक से नागी डैम घूमने निकले थे। बच्चा डैम में गिरकर डूबने लगा पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि डैम के पास उतरने के दौरान बच्चे को शौच लगी होगी और वह पानी के करीब पहुंच गया होगा। इसी दौरान बच्चा डैम में गिरकर डूबने लगा, जिसे बचाने के प्रयास में शिक्षक भी पानी में कूद गए और दोनों की डूबने से मौत हो गई। हालांकि, परिजनों ने इस घटना को संदिग्ध बताया है और इसमें साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। स्थानीय निवासी इम्तियाज ने बताया कि जब शिक्षक और उनका बेटा घर से निकलने के ढाई घंटे बाद भी वापस नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। ढाई घंटे की मशक्कत के बाद दोनों के शव बाहर निकाले गए खोजबीन के दौरान नागी डैम के पास उनकी बाइक खड़ी मिली, वहीं पास में पिता-पुत्र की चप्पलें भी पाई गईं। इसके बाद ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई। सूचना मिलने पर स्थानीय गोताखोरों ने डैम में तलाश शुरू की और लगभग ढाई घंटे की मशक्कत के बाद दोनों के शव बाहर निकाले गए। घटना की सूचना मिलते ही झाझा थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जमुई के झाझा प्रखंड स्थित नागी डैम से एक शिक्षक और उनके 4 साल के बेटे का शव बरामद किया गया है। पुलिस प्रथम दृष्टया इसे डूबने से हुई मौत मान रही है, जबकि परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस और एफएसएल टीम मामले की जांच में जुट गई है। मृतकों की पहचान बाराजोर निवासी शिक्षक मोहम्मद तौफीक उमर (43) और उनके बेटे मोहम्मद अरहान गाजी (4) के रूप में हुई है। मोहम्मद तौफीक उमर प्राथमिक विद्यालय बलियाडीह में कार्यरत थे। जानकारी के अनुसार, महावीर जयंती के अवसर पर स्कूल बंद होने के कारण मंगलवार सुबह वह अपने बेटे के साथ बाइक से नागी डैम घूमने निकले थे। बच्चा डैम में गिरकर डूबने लगा पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि डैम के पास उतरने के दौरान बच्चे को शौच लगी होगी और वह पानी के करीब पहुंच गया होगा। इसी दौरान बच्चा डैम में गिरकर डूबने लगा, जिसे बचाने के प्रयास में शिक्षक भी पानी में कूद गए और दोनों की डूबने से मौत हो गई। हालांकि, परिजनों ने इस घटना को संदिग्ध बताया है और इसमें साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। स्थानीय निवासी इम्तियाज ने बताया कि जब शिक्षक और उनका बेटा घर से निकलने के ढाई घंटे बाद भी वापस नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। ढाई घंटे की मशक्कत के बाद दोनों के शव बाहर निकाले गए खोजबीन के दौरान नागी डैम के पास उनकी बाइक खड़ी मिली, वहीं पास में पिता-पुत्र की चप्पलें भी पाई गईं। इसके बाद ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई। सूचना मिलने पर स्थानीय गोताखोरों ने डैम में तलाश शुरू की और लगभग ढाई घंटे की मशक्कत के बाद दोनों के शव बाहर निकाले गए। घटना की सूचना मिलते ही झाझा थाना पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।


