नक्सलवाद से आजाद हुआ दंतेवाड़ा:अंतिम 5 नक्सलियों ने डाल दिए हथियार, इंसास, SLR, कारबाइन जैसे वेपेंस भी बरामद

बस्तर का दंतेवाड़ा जिला अब नक्सलवाद की जंजीरों से आजाद हो गया है। जिले में सक्रिय अंतिम पांच नक्सलियों ने आत्म समर्पण कर दिया और मुख्यधारा में लौट आए हैं। इनपर कुल 9 लाख रुपए का इनाम घोषित था।

वहीं पुलिस ने अलग-अलग ऑपरेशन के दौरान इंसास, SLR, कार्बाइन, लॉन्चर समेत अन्य हथियार भी बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि अब दंतेवाड़ा जिला भी नक्सल मुक्त हो चुका है। यहां की आबो हवाओं में अब हिंसा नहीं बल्कि अमन, चैन और शांति महसूस की जा सकती है।

दंतेवाड़ा पुलिस लाइन कारली में मंगलवार को “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान के तहत सरेंडर कार्यक्रम हुआ। इसमें दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) से जुड़े 5 नक्सली मुख्यधारा में लौटे। इनमें 4 महिला कैडर शामिल हैं। दंतेवाड़ा, जिसे पहले नक्सल प्रभावित जिले के रूप में जाना जाता था, वहां अब सक्रिय बचे अंतिम 5 नक्सलियों के सरेंडर के साथ बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। हथियारों की बरामदगी सरेंडर करने वाले नक्सलियों से मिली जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। इस दौरान कुल 40 हथियार बरामद हुए।

ये हथियार मिले
8 SLR रायफल
3 इंसास रायफल
1 कारबाइन
1 .303 रायफल
5 BGL लॉन्चर
देसी पिस्टल

फैक्ट फाइल साल 2024 से अब तक 607 नक्सली सरेंडर कर चुके हैं
92 नक्सली गिरफ्तार किए गए
54 नक्सली मुठभेड़ में मारे गए

इन्होंने किया सरेंडर

सोमे कड़ती – एसीएम, भैरमगढ़ एरिया कमेटी, इनाम 5 लाख
लखमा ओयाम – पार्टी सदस्य, भैरमगढ़ एरिया कमेटी, इनाम 1 लाख
सरिता पोड़ियाम – पार्टी सदस्य, भैरमगढ़ एरिया कमेटी, इनाम 1 लाख
जोगी कलमू – पार्टी सदस्य, भैरमगढ़ एरिया कमेटी, इनाम 1 लाख
मोटी ओयाम – पार्टी सदस्य, गंगालूर एरिया कमेटी, इनाम 1 लाख

दंतेवाड़ा के SP गौरव राय ने कहा कि है हमारे जवानों के साहस का ही परिणाम है कि आज दंतेवाड़ा जिला शांति की ओर बढ़ गया है। नक्सली हिंसा खत्म हो गई है। जिले में सक्रिय अंतिम नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है।

बस्तर के IG सुंदरराज पी ने कहा कि एक समय था जब बस्तर में 4 हजार से ज्यादा नक्सली एक्टिव थे, लेकिन आज वर्तमान की परिस्थितियों में डबल डिजिट में ही कुछ नक्सली बचे हुए हैं। कई बड़े कैडर्स का एनकाउंटर हुआ। कइयों ने सरेंडर कर दिया। हमारी अपील है कि अब भी जो छिटपुट नक्सली बचे हैं वे भी हथियार डाल दें।

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