करनाल के इंद्री थाना क्षेत्र में गौ तस्करी कर गोवंशों की हत्या कर उनके अवशेष नहर में डालने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए गिरोह के चौथे सदस्य को गिरफ्तार किया है। नहर की पटरी पर गोवंश को काटकर उनके अवशेष फेंकने की घटनाओं के बाद पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही थी। पहले तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर चौथे आरोपी को पकड़ा गया। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। इस मामले में तीन से चार और आरोपी है जो अभी फरार चल रहे है। पुलिस उनको भी पकड़ने के लिए यूपी में छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि जल्दी ही सभी आरोपी पुलिस के गिरफ्त में होंगे। वहीं चौथे आरोपी को भी पुलिस ने आज आदलत में पेशकर न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया। सीआईए-1 टीम ने की गिरफ्तारी
जिला पुलिस की सीआईए-1 टीम ने यह कार्रवाई इंचार्ज इंस्पेक्टर संदीप सिंह के नेतृत्व में की। एएसआई राजीव कुमार की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जिला कुरूक्षेत्र के गांव बबैन निवासी चांद पुत्र धन सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपी इस गिरोह का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। इससे पहले पुलिस आजम, नवाब और शहजाद को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर चुकी है। अदालत से तीनों का 5 दिन का पुलिस रिमांड मिला था। रिमांड के दौरान हुई गहन पूछताछ में चांद का नाम सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी। पूरे नेटवर्क की जांच जारी
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि चांद आसपास के क्षेत्रों से गोवंश एकत्रित कर अपने साथियों को सप्लाई करता था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जिला जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में और भी लोगों की संलिप्तता सामने आ सकती है। टीम पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि इस तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। तीनों टीमों ने मिलकर की कार्रवाई
सीआईए इंचार्ज संदीप ने बताया कि इस गंभीर मामले की जांच एसपी करनाल द्वारा सीआईए-1, सीआईए-2 और सीआईए-3 को सौंपी गई थी। तीनों टीमों ने लगातार मिलकर काम किया था जिसके चलते बिते मंगलवार शाम की शाम को यूपी निवासी तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 5 दिन के रिमांड हासील कर पूछताछ़ की गई। मामले में अभी और भी आरोपी है जिन आरोपियों के नाम सामने आ रहे है पुलिस उन सभी आरोपियों की तलाश कर रही है। क्या था पूरा मामला…
धमनहेड़ी के पास पहली बार मिले अवशेष
घटनाक्रम की शुरुआत 18 मार्च, बुधवार को हुई थी। धमनहेड़ी गांव के पास नहर किनारे से गुजर रहे लोगों को 7 गोवंश के अवशेष दिखाई दिए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और अवशेषों को बाहर निकलवाया। इसके बाद उन्हें उचानी स्थित पशुधन केंद्र में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। मौके पर कटे हुए सिर पड़े थे, जबकि कुछ पैर नहर के अंदर मिले। आसपास हड्डियों का ढांचा और खाल भी पड़ी हुई थी। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए और जांच शुरू की गई। अगले दिन फिर मिले कटे सिर, हाईवे जाम
पहली घटना के अगले ही दिन 19 मार्च, गुरुवार को उसी नहर के पास फिर से 5-6 गोवंश के कटे हुए सिर मिलने से माहौल और गर्म हो गया। गोरक्षक मौके पर पहुंचे और विरोध जताते हुए कटे सिर अपने साथ लेकर इंद्री कोर्ट के सामने स्टेट हाईवे पर रख दिए। इसके बाद सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया गया। जाम के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। पुलिस ने समझा-बुझाकर गोरक्षकों को शांत किया और ठोस कार्रवाई का भरोसा देकर जाम खुलवाया। धनौरा के पास तीसरी बार मिले अवशेष
तीसरी घटना 21 मार्च, शनिवार को सामने आई। धनौरा गांव के पास नहर में फिर से गोवंश के कटे हुए सिर मिले। सूचना पर थाना प्रभारी विपिन कुमार मौके पर पहुंचे और जांच की। उन्होंने बताया कि अवशेष काफी पुराने और गली-सड़ी हालत में थे। इसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी थी।


