मुजफ्फरपुर में एक युवक का शव उसके कमरे में फंदे से लटका मिला है। परिजन ने बताया कि पिछले 6 दिनों से डिप्रेशन में था। इलाज की तैयारी कर रहे थे, इसी बीच उसने यह कदम उठा लिया। इसके पीछे की वजह भाई ने बताया जो हैरान करने वाला है। घटना अहियापुर थाना क्षेत्र स्थित SKMCH गेट-1 के सामने कृष्णा नगर मोहल्ले की है। सोमवार सुबह एक बिल्डिंग के उपरी मंजिल पर एक कमरे में युवक का शव मिला। मृतक की पहचान जैतपुर ओपी के कोइलवारा निवासी हरिवंश सिंह के बेटे मनोज कुमार (39) के रूप में हुई। अंदर से बंद था कमरा, खिड़की से दिखा फंदे पर झूलता शव सोमवार सुबह मनोज के छोटे भाई संजीव कुमार जब उनके कमरे के पास पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी आवाज देने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर उन्होंने पिता को बुलाया। दोनों ने खिड़की से झांककर देखा तो मनोज का शव फंदे से लटका हुआ था। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया, पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आत्महत्या के पीछे हैरान करने वाली कहानी मृतक के भाई संजीव का आरोप है कि मनोज को पहले धोखे से जमीन लिखवाकर ठगा गया, फिर करीब दो साल तक बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया। इसी से तंग आकर भाई ने यह कदम उठाया। मृतक के भाई संजीव के अनुसार सिलसिलेवार तरीके से जानिए क्या है पूरा मामला…. पहले जमीन लिखवाई, फिर बना लिया बंधक मृतक के भाई संजीव कुमार के अनुसार, उसका भाई थोड़ा मंदबुद्धी था। उसे दोनों आंख से काफी कम दिखाई देता था। जैतपुर थाना क्षेत्र के ही रहने वाले मुकेश कुमार, सुनीता कुमारी और कविता देवी ने करीब तीन साल पहले धोखे से मनोज से 10 कट्ठा जमीन अपने नाम लिखवा ली। जमीन का पैसा भी नहीं दिया गया। इसको लेकर उन्होंने केस किया। आरोप है कि इसके एक साल बाद पैसे देने के बहाने मनोज को बुलाकर किडनैप कर लिया। दो साल तक उसे किसी गुप्त ठिकाने पर रखा गया। इस उन्होंने लगातार उसकी तलाश की और पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। ‘नशे में रखते थे, प्रताड़ित करते थे’ संजीव के मुताबिक, 24 मार्च 2026 को जैतपुर ओपी पुलिस ने करीब दो साल बाद मनोज को बरामद कर परिवार को सौंपा था। घर लौटने के बाद मनोज अक्सर अपनी आपबीती सुनाता था। वह कहता था कि उसे लगातार प्रताड़ित किया गया, ठीक से खाना नहीं दिया जाता था और 24 घंटे शराब के नशे में रखा जाता था।
संजीव के अनुसार, मनोज यह भी बताता था कि उसे गलत माहौल में रखा जाता था, लड़की भी रहती थी। इन सब चीजों से वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका था। 6 दिन से डिप्रेशन में था, अब मौत ने खड़े किए सवाल घर लौटने के बाद से ही मनोज गहरे सदमे और डिप्रेशन में था। परिजन उसका इलाज कराने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। परिजन ने तीन लोगों को आरोपी बनाते हुए थाने में आवेदन दिया है। बयान के आधार पर की जा रही छानबीन एसडीपीओ-2 विनाता सिन्हा ने बताया कि कृष्णा नगर मोहल्ले से सोमवार सुबह एक मकान में शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पुलिस टीम पहुंची, FSL की टीम को भी भेजा गया था। परिजन के बयान के अनुसार मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। मुजफ्फरपुर में एक युवक का शव उसके कमरे में फंदे से लटका मिला है। परिजन ने बताया कि पिछले 6 दिनों से डिप्रेशन में था। इलाज की तैयारी कर रहे थे, इसी बीच उसने यह कदम उठा लिया। इसके पीछे की वजह भाई ने बताया जो हैरान करने वाला है। घटना अहियापुर थाना क्षेत्र स्थित SKMCH गेट-1 के सामने कृष्णा नगर मोहल्ले की है। सोमवार सुबह एक बिल्डिंग के उपरी मंजिल पर एक कमरे में युवक का शव मिला। मृतक की पहचान जैतपुर ओपी के कोइलवारा निवासी हरिवंश सिंह के बेटे मनोज कुमार (39) के रूप में हुई। अंदर से बंद था कमरा, खिड़की से दिखा फंदे पर झूलता शव सोमवार सुबह मनोज के छोटे भाई संजीव कुमार जब उनके कमरे के पास पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी आवाज देने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर उन्होंने पिता को बुलाया। दोनों ने खिड़की से झांककर देखा तो मनोज का शव फंदे से लटका हुआ था। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया, पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आत्महत्या के पीछे हैरान करने वाली कहानी मृतक के भाई संजीव का आरोप है कि मनोज को पहले धोखे से जमीन लिखवाकर ठगा गया, फिर करीब दो साल तक बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया। इसी से तंग आकर भाई ने यह कदम उठाया। मृतक के भाई संजीव के अनुसार सिलसिलेवार तरीके से जानिए क्या है पूरा मामला…. पहले जमीन लिखवाई, फिर बना लिया बंधक मृतक के भाई संजीव कुमार के अनुसार, उसका भाई थोड़ा मंदबुद्धी था। उसे दोनों आंख से काफी कम दिखाई देता था। जैतपुर थाना क्षेत्र के ही रहने वाले मुकेश कुमार, सुनीता कुमारी और कविता देवी ने करीब तीन साल पहले धोखे से मनोज से 10 कट्ठा जमीन अपने नाम लिखवा ली। जमीन का पैसा भी नहीं दिया गया। इसको लेकर उन्होंने केस किया। आरोप है कि इसके एक साल बाद पैसे देने के बहाने मनोज को बुलाकर किडनैप कर लिया। दो साल तक उसे किसी गुप्त ठिकाने पर रखा गया। इस उन्होंने लगातार उसकी तलाश की और पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। ‘नशे में रखते थे, प्रताड़ित करते थे’ संजीव के मुताबिक, 24 मार्च 2026 को जैतपुर ओपी पुलिस ने करीब दो साल बाद मनोज को बरामद कर परिवार को सौंपा था। घर लौटने के बाद मनोज अक्सर अपनी आपबीती सुनाता था। वह कहता था कि उसे लगातार प्रताड़ित किया गया, ठीक से खाना नहीं दिया जाता था और 24 घंटे शराब के नशे में रखा जाता था।
संजीव के अनुसार, मनोज यह भी बताता था कि उसे गलत माहौल में रखा जाता था, लड़की भी रहती थी। इन सब चीजों से वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका था। 6 दिन से डिप्रेशन में था, अब मौत ने खड़े किए सवाल घर लौटने के बाद से ही मनोज गहरे सदमे और डिप्रेशन में था। परिजन उसका इलाज कराने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। परिजन ने तीन लोगों को आरोपी बनाते हुए थाने में आवेदन दिया है। बयान के आधार पर की जा रही छानबीन एसडीपीओ-2 विनाता सिन्हा ने बताया कि कृष्णा नगर मोहल्ले से सोमवार सुबह एक मकान में शव मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पुलिस टीम पहुंची, FSL की टीम को भी भेजा गया था। परिजन के बयान के अनुसार मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।


