कैमूर जिले के भभुआ प्रखंड अंतर्गत मुहुआरी गांव में पंचायत सरकार भवन के निर्माण स्थल को लेकर ग्रामीण असंतुष्ट हैं। ग्रामीणों ने इस संबंध में जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना दिया और कैमूर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। शिकायतकर्ताओं ने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि भवन सागर छावनी के पास बनाया जा रहा है, जो मुख्य बस्ती से लगभग 18 से 20 किलोमीटर दूर है। ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत सरकार भवन का निर्माण थाना नंबर 608, खाता नंबर 174, प्लॉट नंबर 672 और रकबा 77 डिसमिल की जमीन पर होना था। छावनी में निर्माण कार्य शुरू हालांकि, अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी करते हुए सागर छावनी में निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। यह स्थान इतना दूर है कि आम लोगों को वहां पहुंचने में काफी परेशानी होती है। मुहुआरी पंचायत की मुख्य बस्ती में लगभग 500 घरों की आबादी रहती है, जबकि सागर छावनी में केवल 8-10 घर हैं। ग्रामीणों ने पत्र में स्पष्ट किया है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी 25-30 प्रतिशत तक है। भवन का दूरदराज इलाके में निर्माण होने से इन वर्गों सहित पूरी पंचायत की जनता को दफ्तर आने-जाने में कठिनाई होगी, जिससे विकास कार्य भी प्रभावित होंगे। जिला प्रशासन से कार्रवाई करने की अपील ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले पर ध्यान देने और उचित कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि भवन का निर्माण मुख्यालय गांव मुहुआरी में ही किया जाए, ताकि पंचायत सरकार की सेवाएं वास्तव में जनता तक पहुंच सकें। कैमूर जिले के भभुआ प्रखंड अंतर्गत मुहुआरी गांव में पंचायत सरकार भवन के निर्माण स्थल को लेकर ग्रामीण असंतुष्ट हैं। ग्रामीणों ने इस संबंध में जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय धरना दिया और कैमूर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। शिकायतकर्ताओं ने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि भवन सागर छावनी के पास बनाया जा रहा है, जो मुख्य बस्ती से लगभग 18 से 20 किलोमीटर दूर है। ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत सरकार भवन का निर्माण थाना नंबर 608, खाता नंबर 174, प्लॉट नंबर 672 और रकबा 77 डिसमिल की जमीन पर होना था। छावनी में निर्माण कार्य शुरू हालांकि, अधिकारियों ने नियमों की अनदेखी करते हुए सागर छावनी में निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। यह स्थान इतना दूर है कि आम लोगों को वहां पहुंचने में काफी परेशानी होती है। मुहुआरी पंचायत की मुख्य बस्ती में लगभग 500 घरों की आबादी रहती है, जबकि सागर छावनी में केवल 8-10 घर हैं। ग्रामीणों ने पत्र में स्पष्ट किया है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी 25-30 प्रतिशत तक है। भवन का दूरदराज इलाके में निर्माण होने से इन वर्गों सहित पूरी पंचायत की जनता को दफ्तर आने-जाने में कठिनाई होगी, जिससे विकास कार्य भी प्रभावित होंगे। जिला प्रशासन से कार्रवाई करने की अपील ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले पर ध्यान देने और उचित कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि भवन का निर्माण मुख्यालय गांव मुहुआरी में ही किया जाए, ताकि पंचायत सरकार की सेवाएं वास्तव में जनता तक पहुंच सकें।


