इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जान्हवी पूर्व माध्यमिक विद्यालय प्रयागराज के सरकारी फंड से 35 लाख के गबन व फर्जी दस्तावेज से नौकरी हासिल करने के मामले में राज्य सरकार से पूछा है कि क्या सहायक अध्यापक सीताकुंड,मंसूराबाद ,निवासी हरिशंकर यादव के खिलाफ कोई विभागीय जांच की गई है। साथ ही कोर्ट के 26 नवंबर 14 के आदेश के अनुपालन में एफआईआर दर्ज की गई है या नहीं, यदि हां तो क्या परिणाम हुआ। कोर्ट ने विद्यालय प्रबंधक, प्रधानाचार्य व हरिशंकर यादव को भी नोटिस जारी की है।याचिका की अगली सुनवाई 21अप्रैल को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव तथा न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने बी डी सी कौडिहार सदस्य सिंगरौर निवासी श्रीमती सुलोचना देवी की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। 2014 में मांगा था जवाब इससे पहले कोर्ट ने 2014 में राज्य सरकार से जवाब मांगा था और पूछा था कि स्कूल फंड का 35 लाख रूपये विपक्षी हरिशंकर यादव को दिया गया था या नहीं।क्या यह भुगतान वैध था। नहीं तो एफआईआर दर्ज कर विभागीय जांच की जाय। किंतु सरकार की तरफ से हलफनामा दाखिल नहीं किया गया।जिस पर अब फिर कोर्ट ने आदेश के अनुपालन के बाबत जानकारी मांगी है। धोखाधड़ी का आरोप लगा याचिका में आरोप लगाया गया है कि विपक्षी हरिशंकर यादव ने धोखाधड़ी की है। फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र के जरिए सहायक अध्यापक की नौकरी हासिल की है जिसकी शिकायत पर वित्त एवं लेखाधिकारी ने बी एस ए को प्रमाणपत्र का सत्यापन करने को लिखा । प्रधानाचार्य ने विभागीय जांच की शिफारिश की है। याची का कहना है कि 35 लाख के गबन में बी एस ए , लेखाधिकारी, प्रबंधक, प्रधानाचार्य व विपक्षी हरिशंकर यादव की मिलीभगत है।जिसकी एफआईआर दर्ज कर जांच की जाय।गबन की गई राशि की वसूली हो तथा याची की सुरक्षा की जाए।


