हाट-बाजार, पार्किंग के टेंडर पर बनी रणनीति:मुजफ्फरपुर निगम की स्थायी समिति की बैठक, शहर के विकास पर भी हुई चर्चा

हाट-बाजार, पार्किंग के टेंडर पर बनी रणनीति:मुजफ्फरपुर निगम की स्थायी समिति की बैठक, शहर के विकास पर भी हुई चर्चा

मुजफ्फरपुर नगर निगम के सभाकक्ष में सोमवार को सशक्त स्थायी समिति की बैठक हुई। मेयर निर्मला साहू ने अध्यक्षता की, जिसमें शहर के वित्तीय प्रबंधन और आगामी विकास योजनाओं को लेकर कई निर्णय लिए गए। बैठक में मुख्य रूप से आगामी वित्तीय वर्ष के बजट, राजस्व संग्रहण और शहर के सुव्यवस्थित नियोजन पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2025–26 के राजस्व संग्रहण की समीक्षा की गई। समिति ने आय-व्यय के आरंभिक और अंतिम शेष का विश्लेषण किया, ताकि निगम की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाया जा सके। इसके साथ ही, वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए निगम के आय के मुख्य स्रोतों, विशेषकर विभिन्न सैरातों (हाट-बाजार, पार्किंग आदि) की बंदोबस्ती के लिए निविदा की वर्तमान स्थिति और उनके सफल क्रियान्वयन की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। नक्शों की स्वीकृति और नियमों का पालन अनिवार्य शहर के बुनियादी ढांचे और विस्तार को देखते हुए ‘नक्शा शाखा’ की कार्यप्रणाली केंद्र बिंदु में रही। समिति ने नक्शा शाखा की ओर से की गई कार्यवाहियों की समीक्षा की और अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए। मेयर निर्मला साहू और नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नगर के सुव्यवस्थित विकास के लिए नक्शों की स्वीकृति और नियमों का पालन अनिवार्य है। विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने और आम जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में डिप्टी मेयर डॉ. मोनालिसा और नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह ने भी अपने विचार रखे। नगर आयुक्त ने लंबित योजनाओं को समय पर पूरा करने और राजस्व वृद्धि के नए विकल्पों पर जोर दिया। इस अवसर पर सशक्त स्थायी समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने वार्ड स्तर की समस्याओं और उनके समाधान के लिए अपने सुझाव साझा किए। अंत में, शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के संकल्प के साथ बैठक संपन्न हुई। मुजफ्फरपुर नगर निगम के सभाकक्ष में सोमवार को सशक्त स्थायी समिति की बैठक हुई। मेयर निर्मला साहू ने अध्यक्षता की, जिसमें शहर के वित्तीय प्रबंधन और आगामी विकास योजनाओं को लेकर कई निर्णय लिए गए। बैठक में मुख्य रूप से आगामी वित्तीय वर्ष के बजट, राजस्व संग्रहण और शहर के सुव्यवस्थित नियोजन पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान वित्तीय वर्ष 2025–26 के राजस्व संग्रहण की समीक्षा की गई। समिति ने आय-व्यय के आरंभिक और अंतिम शेष का विश्लेषण किया, ताकि निगम की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाया जा सके। इसके साथ ही, वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए निगम के आय के मुख्य स्रोतों, विशेषकर विभिन्न सैरातों (हाट-बाजार, पार्किंग आदि) की बंदोबस्ती के लिए निविदा की वर्तमान स्थिति और उनके सफल क्रियान्वयन की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। नक्शों की स्वीकृति और नियमों का पालन अनिवार्य शहर के बुनियादी ढांचे और विस्तार को देखते हुए ‘नक्शा शाखा’ की कार्यप्रणाली केंद्र बिंदु में रही। समिति ने नक्शा शाखा की ओर से की गई कार्यवाहियों की समीक्षा की और अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए। मेयर निर्मला साहू और नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि नगर के सुव्यवस्थित विकास के लिए नक्शों की स्वीकृति और नियमों का पालन अनिवार्य है। विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने और आम जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में डिप्टी मेयर डॉ. मोनालिसा और नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह ने भी अपने विचार रखे। नगर आयुक्त ने लंबित योजनाओं को समय पर पूरा करने और राजस्व वृद्धि के नए विकल्पों पर जोर दिया। इस अवसर पर सशक्त स्थायी समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने वार्ड स्तर की समस्याओं और उनके समाधान के लिए अपने सुझाव साझा किए। अंत में, शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के संकल्प के साथ बैठक संपन्न हुई।  

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