दौसा। कोतवाली थाना परिसर में सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) बाबूलाल चौधरी और एडवोकेट रिद्धि शर्मा के बीच एक शिक्षक की जमानत को लेकर तकरार हो गई। इस दौरान एएसआई ने कहा कि डराने की जरूरत नहीं है, ये वर्दी ऐसे ही नहीं मिली है। लगता है आप भी हवालात में बंद होंगे। इसका वीडियो वायरल होने के बाद सोमवार को वकीलों ने प्रदर्शन किया। एएसआई को निलम्बित करने की मांग। वकीलों ने कोर्ट परिसर के ताला लगा दिया। एसपी सागर राणा को ज्ञापन दिया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कुंज बिहारी शर्मा का कहना है कि जब तक एएसआई को निलम्बित नहीं किया जाएगा तब तक कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
यह है मामला
एक जमीन के विवाद में दौसा के कोतवाली थाने इंचार्ज के आदेश पर एएसआई ने शिक्षक सुनील शर्मा को थाने बुलाया था। सुनील के फोन करने पर एडवोकेट रिद्धि चंद शर्मा भी जमानत के लिए वहां पहुंच गए। इसके साथ ही एएसआई से अपने मुवक्किल को लेकर जानकारी मांगी कि उसे किस अपराध में थाने लाया गया है।
पढ़ें दोनों के बीच क्या बहस हुई
एडवोकेट: मेरे मुवक्किल को थाने क्यों लाया गया है।
एएसआई: आप स्वागत कक्ष में बैठो, राजकार्य में बाधा मत डालो। मेरे को ऐसा लग रहा आप भी हवालात में बंद होंगे।
एडवोकेट- आप पहले नोटिस दो।
एएसआई: मैं जो करूंगा, आप न्यायालय में चैलेन्ज कर देना, बकवास करने की जरूरत नहीं है।
एडवोकेट- मैं जमानती हूं इसका, आप बताओ तो सही थाने लाने का क्या कारण है।
एएसआई: मैं आपकी इज्जत कर रहा हूं, भाईसाहब कह कर बात कर रहा हूं। डराने की जरूरत नहीं है, वर्दी ऐसे नहीं मिली है।
एडवोकेट: मैंने भी डिग्री कानून की ही ली है। आपने कहा बंद करूंगा।
एएसआई: हां, आप कोर्ट में चैलेंज कर देना। एसडीएम के जाएंगे, वहां मिल जाना।
एडवोकेट- मैं जमानत दे रहा हूं न, 151 बेलेबल ऑफेंस है।
एएसआई: बेलेबल है तो आप चैलेंज कर देना हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट में।
मैं सही कहा रहा हूं, गलत जगह पंगा ले रहे हो आप, स्वागत कक्ष में बैठ जाओ।
इनका कहना है
जमीन विवाद को लेकर मिली रिपोर्ट के आधार पर एक को पुलिस थाने बुलाया था। इसके वकील रिद्धि शर्मा से मामूली कहासुनी हुई थी। नियमानुसार कार्रवाई की गई थी। बाद में उसे छोड़ दिया गया था।
-बाबूलाल चौधरी, एएसआई
इनका कहना है
शिक्षक को पुलिस ने थाने बुलाया था। मैं जमानत के लिए गया था। इसी बात को लेकर बहस हुई थी। एएसआई ने अभद्रता की, इसके बाद एसपी ऑफिस गए तो वहां पुलिसकर्मियों ने भी अभद्रता की। एसएआई बाबूलाल चौधरी को निलम्बित किया जाए।
रिद्धि शर्मा, एडवोकेट


