पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन द्वारा पर्याप्त गैस उपलब्ध होने के दावों के बावजूद, बेतिया की गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण देशभर में गैस आपूर्ति पर सतर्कता बढ़ाई गई है। इसी क्रम में बेतिया में भी एलपीजी गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। बेतिया के हरिवाटिका चौक स्थित प्रज्ञा गैस एजेंसी पर शाम करीब सात बजे तक उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी गईं। लोग घंटों अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए, जिससे प्रशासन के दावों पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने कालाबाजारी की आशंका भी जताई
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें समय पर गैस नहीं मिल रही है और वितरण में अनियमितताएं हैं, जिसके कारण उन्हें मजबूरन लंबी कतारों में लगना पड़ता है। कुछ उपभोक्ताओं ने कालाबाजारी की आशंका भी जताई है। जिला प्रशासन लगातार यह दावा कर रहा है कि जिले में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है। प्रशासन ने कालाबाजारी के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा नियमित जांच अभियान जारी है। प्रशासन के दावों और जमीनी हकीकत के बीच विरोधाभास ने उपभोक्ताओं में असमंजस पैदा कर दिया है। आवश्यकता है कि प्रशासन जमीनी स्तर पर वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन द्वारा पर्याप्त गैस उपलब्ध होने के दावों के बावजूद, बेतिया की गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण देशभर में गैस आपूर्ति पर सतर्कता बढ़ाई गई है। इसी क्रम में बेतिया में भी एलपीजी गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। बेतिया के हरिवाटिका चौक स्थित प्रज्ञा गैस एजेंसी पर शाम करीब सात बजे तक उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी गईं। लोग घंटों अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए, जिससे प्रशासन के दावों पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने कालाबाजारी की आशंका भी जताई
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें समय पर गैस नहीं मिल रही है और वितरण में अनियमितताएं हैं, जिसके कारण उन्हें मजबूरन लंबी कतारों में लगना पड़ता है। कुछ उपभोक्ताओं ने कालाबाजारी की आशंका भी जताई है। जिला प्रशासन लगातार यह दावा कर रहा है कि जिले में एलपीजी गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है। प्रशासन ने कालाबाजारी के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा नियमित जांच अभियान जारी है। प्रशासन के दावों और जमीनी हकीकत के बीच विरोधाभास ने उपभोक्ताओं में असमंजस पैदा कर दिया है। आवश्यकता है कि प्रशासन जमीनी स्तर पर वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।


