उज्जैन में एक बार फिर दो बड़ी कंपनियां निवेश करने जा रही हैं। दोनों कंपनियां मेडिकल पार्क में करीब 29 करोड़ रुपए का निवेश कर विक्रम उद्योगपुरी में प्लांट स्थापित करेंगी। यहां हियरिंग स्क्रीनर, ईसीजी, ईईजी और अन्य डायग्नोस्टिक डिवाइस, मल्टी पैरामीटर मॉनिटर, ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर, पल्स ऑक्सीमीटर और बीपी मॉनिटर जैसे उपकरण बनाए जाएंगे। एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक राजेश राठौड़ ने बताया कि सोहम इनोवेशन लेब्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और मान इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड उज्जैन में अपनी यूनिट स्थापित करेंगी। इन परियोजनाओं से करीब 200 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। दोनों कंपनियों को भूमि आवंटित कर दी गई है। मेडिकल डिवाइस पार्क में अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों का निर्माण शुरू होना प्रदेश के हेल्थ सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह पहल मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्योगों को प्रोत्साहन देने वाली नीतियों का परिणाम है। इससे अस्पतालों को आवश्यक उपकरण स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध होंगे और मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सकेगा। सोहम इनोवेशन लेब्स कंपनी में 150 लोगों को रोजगार मिलेगा राठौड़ ने बताया कि सोहम इनोवेशन लेब्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को करीब 2.5 एकड़ जमीन आवंटित की गई है। कंपनी इस प्रोजेक्ट में लगभग 13.75 करोड़ रुपए का निवेश करेगी और करीब 150 लोगों को रोजगार देगी। यहां हेल्थ डायग्नोस्टिक से जुड़े उपकरण तैयार किए जाएंगे, जिनका उपयोग अस्पतालों और जांच केंद्रों में होता है। इसमें हियरिंग स्क्रीनर, ईसीजी, ईईजी और अन्य डायग्नोस्टिक डिवाइस के साथ आईसीयू में उपयोग होने वाले मॉनिटरिंग उपकरण भी बनाए जाएंगे। मान इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी में 50 लोगों को मिलेगा रोजगार मान इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को करीब 1.5 एकड़ जमीन दी गई है। कंपनी लगभग 15 करोड़ रुपए का निवेश कर करीब 50 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराएगी। इस यूनिट में रोजमर्रा के इलाज में उपयोग होने वाले कई आवश्यक उपकरण तैयार किए जाएंगे। इनमें ईसीजी मशीन, मल्टी पैरामीटर मॉनिटर, ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर, पल्स ऑक्सीमीटर और बीपी मॉनिटर शामिल हैं। कोविड के दौरान इन उपकरणों की मांग सबसे अधिक रही थी। अब इनका उत्पादन उज्जैन में होने से क्षेत्र के अस्पतालों और मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा।


