जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) अररिया के सचिव रोहित श्रीवास्तव ने मंडल कारा अररिया और पर्यवेक्षण गृह का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बंदियों और बच्चों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया तथा उनकी समस्याओं को सुना। काराधीक्षक सुजीत कुमार झा निरीक्षण के समय उनके साथ मौजूद रहे। मंडल कारा के निरीक्षण के दौरान सचिव श्रीवास्तव ने सभी वार्ड, वॉशरूम, पानी की उपलब्धता, कारा अस्पताल, स्वास्थ्य सेवाएं, मुलाकाती कक्ष, सीसीटीवी व्यवस्था और भोजनालय का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने महिला वार्ड और वहां महिलाओं व उनके बच्चों को मिल रही सुविधाओं का भी जायजा लिया। बंदियों के अध्ययन-अध्यापन कार्य का मूल्यांकन भी किया गया। साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए
सचिव ने काराधीक्षक को कारा परिसर, शौचालयों, वार्डों और नालों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने बंदियों को जेल लीगल एड क्लिनिक के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी और बताया कि जरूरतमंद बंदी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इसके बाद, सचिव श्रीवास्तव ने पर्यवेक्षण गृह अररिया का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने बच्चों को दी जा रही सुविधाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया। अधीक्षक को निर्देश दिए गए कि बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और समग्र विकास पर विशेष ध्यान दें। साथ ही, पर्यवेक्षण गृह की नियमित साफ-सफाई का स्वयं मूल्यांकन कर सुधार सुनिश्चित करें। बंदियों व बच्चों के अधिकारों की रक्षा होगी
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के इस सक्रिय कदम से कारा और पर्यवेक्षण गृह में बंदियों व बच्चों की बेहतर स्थिति सुनिश्चित करने की दिशा में सकारात्मक संदेश गया है। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा और विधिक सहायता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जोर दिया गया। सचिव रोहित श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे नियमित निरीक्षण से सुविधाओं में निरंतर सुधार होगा और बंदियों व बच्चों के अधिकारों की रक्षा होगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) अररिया के सचिव रोहित श्रीवास्तव ने मंडल कारा अररिया और पर्यवेक्षण गृह का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बंदियों और बच्चों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया तथा उनकी समस्याओं को सुना। काराधीक्षक सुजीत कुमार झा निरीक्षण के समय उनके साथ मौजूद रहे। मंडल कारा के निरीक्षण के दौरान सचिव श्रीवास्तव ने सभी वार्ड, वॉशरूम, पानी की उपलब्धता, कारा अस्पताल, स्वास्थ्य सेवाएं, मुलाकाती कक्ष, सीसीटीवी व्यवस्था और भोजनालय का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने महिला वार्ड और वहां महिलाओं व उनके बच्चों को मिल रही सुविधाओं का भी जायजा लिया। बंदियों के अध्ययन-अध्यापन कार्य का मूल्यांकन भी किया गया। साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए
सचिव ने काराधीक्षक को कारा परिसर, शौचालयों, वार्डों और नालों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने बंदियों को जेल लीगल एड क्लिनिक के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी और बताया कि जरूरतमंद बंदी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इसके बाद, सचिव श्रीवास्तव ने पर्यवेक्षण गृह अररिया का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने बच्चों को दी जा रही सुविधाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया। अधीक्षक को निर्देश दिए गए कि बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और समग्र विकास पर विशेष ध्यान दें। साथ ही, पर्यवेक्षण गृह की नियमित साफ-सफाई का स्वयं मूल्यांकन कर सुधार सुनिश्चित करें। बंदियों व बच्चों के अधिकारों की रक्षा होगी
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के इस सक्रिय कदम से कारा और पर्यवेक्षण गृह में बंदियों व बच्चों की बेहतर स्थिति सुनिश्चित करने की दिशा में सकारात्मक संदेश गया है। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा और विधिक सहायता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जोर दिया गया। सचिव रोहित श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे नियमित निरीक्षण से सुविधाओं में निरंतर सुधार होगा और बंदियों व बच्चों के अधिकारों की रक्षा होगी।


