चेचट. कस्बे के सालेड़ा कलां मार्ग पर राज्य सरकार द्वारा आवंटित आवासीय वेद विद्यालय की जमीन विवादों के घेरे में आ गई है। राजस्व विभाग ने विद्यालय के लिए 2.50 हेक्टेयर भूमि तो आवंटित कर दी है, लेकिन धरातल पर यह जमीन बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील है। अब स्थिति यह है कि भवन निर्माण से पहले विभाग को जमीन समतल करवाने पर लाखों का अतिरिक्त बजट खर्च करना पड़ेगा।
सूत्रों के अनुसार, आवंटित भूमि से भारी मात्रा में मिट्टी निकालकर उसे पास ही बने एक्सप्रेस-वे निर्माण में इस्तेमाल किया गया है। चर्चा है कि बिना पंचायत की मिलीभगत या स्वीकृति के इतने बड़े स्तर पर मिट्टी का उठाव संभव नहीं है।
सरपंच और अधिकारी झाड़ रहे पल्ला
मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन और पंचायत के सुर अलग-अलग हैं। सरपंच कृष्णा माली का कहना है कि भूमि आवंटन अभी हाल ही का है, जबकि गड्ढे बहुत पुराने हैं और इन्हें नरेगा कार्य के तहत खोदा गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जमीन को समतल करवाने की जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी की होगी, पंचायत की नहीं।
वही ग्राम विकास अधिकारी त्रिलोचन कुमार ने मिट्टी निकालने की किसी भी जानकारी से इनकार करते हुए कहा कि यह मामला उनके कार्यकाल से बहुत पहले का है और उनके पास इससे संबंधित कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।
बजट का बढ़ेगा बोझ
संस्कृत संकुल प्रभारी संजय नावरिया ने बताया कि भूमि की वर्तमान स्थिति को देखते हुए इसे समतल करवाना अनिवार्य है। इसके लिए सहमति और आवश्यक कार्रवाई के लिए तहसीलदार को प्रार्थना पत्र सौंप दिया गया है।


