Stock Market: भारतीय शेयर बाजार आज सोमवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुआ है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स आज 2.22 फीसदी या 1635 अंक की गिरावट के साथ 71,947 पर बंद हुआ। बाजार बंद होते समय सेंसेक्स पैक के 30 शेयरों में से 12 शेयर हरे निशान पर और 28 शेयर लाल निशान पर थे। उधर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी आज 2.14 फीसदी या 488 अंक की गिरावट के साथ 22,331 पर बंद हुआ।
सरकारी बैंकों के शेयरों में भारी गिरावट
सेक्टोरल सूचकांकों की बात करें, तो आज सबसे अधिक गिरावट निफ्टी पीएसयू बैंक में 4.56 फीसदी दर्ज हुई। इसके अलावा, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 3.37 फीसदी, निफ्टी रियल्टी में 2.84 फीसदी, निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में 1.61 फीसदी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 2.58 फीसदी, निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.39 फीसदी, निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर में 1.21 फीसदी, निफ्टी फार्मा में 1.48 फीसदी, निफ्टी मेटल में 0.21 फीसदी, निफ्टी ऑटो में 2.39 फीसदी, निफ्टी एफएमसीजी में 1.91 फीसदी, निफ्टी आईटी में 1.62 फीसदी और निफ्टी मीडिया में 2.50 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई।
सेंसेक्स पैक के शेयरों का हाल
सेंसेक्स पैक के शेयरों में आज सबसे अधिक गिरावट बजाज फाइनेंस में 5.09 फीसदी, एसबीआई में 3.95 फीसदी, इंडिगो में 3.80 फीसदी, बजाज फिनसर्व में 3.71 फीसदी, एक्सिस बैंक में 3.59 फीसदी, कोटक बैंक में 3.54 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। इसके अलावा, एचडीएफसी बैंक, एयरटेल, ट्रेंट, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक, सनफार्मा, एशियन पेंट, अडानी पोर्ट्स, इटरनल, लार्सन एंड टुब्रो, एचसीएल टेक, इन्फोसिस, एनटीपीसी, टीसीएस, बीईएल, मारुति, टाटा स्टील और टाइटन के शेयर लाल निशान पर बंद हुए।
क्यों गिरा शेयर बाजार?
अमेरिका-ईरान युद्ध: अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब एक महीने से ज्यादा लंबा खिंच चुका है। 28 फरवरी से शुरू हुआ यह युद्ध अभी तक किसी ठोस समाधान की तरफ बढ़ता नहीं दिख रहा है। पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमलों को रोकने की अवधि बढ़ाई थी, जिससे कुछ समय के लिए तनाव कम होने की उम्मीद जगी थी। लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।
कच्चे तेल की कीमतें: अमेरिका-ईरान तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है। ब्रेंट क्रूड ऑयल 115 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच चुका है, जो वैश्विक बाजारों में बढ़ती चिंता को दिखाता है। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह यह है कि होर्मुज स्ट्रेट, जहां से दुनिया के लगभग 20% कच्चे तेल और एलएनजी (LNG) की सप्लाई गुजरती है, अब भी ज्यादातर शिपिंग के लिए प्रभावी रूप से बाधित है।
बाजार में बढ़ी घबराहट: बाजार की घबराहट का एक बड़ा संकेत इंडिया VIX में आई तेज उछाल भी है। वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX करीब 6% चढ़कर 28 के ऊपर पहुंच गया, जो निवेशकों के बीच बढ़ती बेचैनी और अनिश्चितता को दर्शाता है।


