हांगकांग के खिलाफ एशियाई कप क्वालीफायर मैच में विलियम्स के प्रदर्शन पर होगी भारत की नजरें

हांगकांग के खिलाफ एशियाई कप क्वालीफायर मैच में विलियम्स के प्रदर्शन पर होगी भारत की नजरें

भारतीय फुटबॉल टीम मंगलवार को एएफसी एशियाई कप 2027 क्वालीफायर के अपने अंतिम और औपचारिक मुकाबले में हांगकांग का सामना करने उतरेगी तो ऑस्ट्रेलिया में जन्में रयान विलियम्स पर सबकी निगाहें होंगी।
दोनों टीमें पहले ही अगले चरण में आगे बढ़ने की दौड़ से बाहर हो चुकी हैं, ऐसे में उनकी कोशिश जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आमने-सामने होने पर फीफा रैंकिंग अंक हासिल करने और भविष्य की तैयारियों को मजबूत करने पर होगी।
टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन विलियम्स का बहुप्रतीक्षित पदार्पण भारतीय टीम के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।
यह मुकाबला एक दशक बाद शहर में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल की वापसी का भी गवाह बनेगा। यह राज्य भारतीय फुटबॉल के प्रमुख केंद्रों में से एक है, जहां स्थानीय दर्शक हर स्तर के मुकाबलों में बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
हांगकांग के खिलाफ मजबूत प्रदर्शन के साथ भारतीय टीम इस अभियान का सकारात्मक अंत करना चाहेगी। हाल ही में मुख्य कोच खालिद जमील और कुछ खिलाड़ियों को केरल फुटबॉल संघ द्वारा स्टेडियम मालिकों को अनिवार्य सुरक्षा जमा राशि का भुगतान नहीं किए जाने के कारण प्रवेश से वंचित कर दिया गया था।
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के हस्तक्षेप के बाद यह मामला सुलझ गया, लेकिन अब यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम अपने अंतिम मैच में कैसा प्रदर्शन करती है।
अंक तालिका में सबसे निचले स्थान पर रहने की स्थिति में भारत जीत के बिना अभियान समाप्त करने की शर्मिंदगी से बचने के लिए पूरी ताकत झोंक देगा।
बत्तीस साल के विलियम्स का जन्म पर्थ में हुआ था और वह मुकाबले में मैदान पर नजर आ सकते हैं। भारतीय फुटबॉल के लिए ऐतिहासिक कदम उठाते हुए उन्होंने 2025 के अंत में ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता त्यागकर भारत का प्रतिनिधित्व करने का फैसला किया।
उन्होंने अपनी ‘एंग्लो-इंडियन’ मां के जरिए पात्रता हासिल की जिनके पिता 1950 के दशक में बॉम्बे के प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी रहे थे। विलियम्स 2023 में बेंगलुरु एफसी से जुड़ने से पहले इंग्लैंड में पोर्ट्समाउथ, फुलहम और ऑक्सफोर्ड यूनाइटेड जैसे क्लबों के लिए खेल चुके हैं, साथ ही ऑस्ट्रेलिया के पर्थ ग्लोरी का भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
इस मैच में लालेंगमाविया राल्टे उर्फ ‘आपुइया’ भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। पंजाब एफसी के मिडफील्डर निखिल प्रभु के चोटिल होने के बाद आपुइया ने मिडफील्ड में खुद को मजबूती से स्थापित किया है।
उन्होंने इस सत्र में मोहुन बागान के लिए शानदार प्रदर्शन किया है और अब वही फॉर्म राष्ट्रीय टीम के लिए भी दोहराने की कोशिश करेंगे।
खालिद जमील ने इस मैच के लिए 23 सदस्यीय टीम की घोषणा की है, जिसमें सहल अब्दुल समद और आशिक कुरुनियन जैसे अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं।
एश्ले वेस्टवुड के कोचिंग में हांगकांग ने पिछले 12 मैचों में सिर्फ एक हार झेली है और वह क्वालीफायर में भारत पर पहले मिली 1-0 की जीत को दोहराना चाहेगा।
यह मुकाबला शाम सात बजे से शुरू होगा। 

भारतीय फुटबॉल टीम मंगलवार को एएफसी एशियाई कप 2027 क्वालीफायर के अपने अंतिम और औपचारिक मुकाबले में हांगकांग का सामना करने उतरेगी तो ऑस्ट्रेलिया में जन्में रयान विलियम्स पर सबकी निगाहें होंगी।
दोनों टीमें पहले ही अगले चरण में आगे बढ़ने की दौड़ से बाहर हो चुकी हैं, ऐसे में उनकी कोशिश जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आमने-सामने होने पर फीफा रैंकिंग अंक हासिल करने और भविष्य की तैयारियों को मजबूत करने पर होगी।

टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन विलियम्स का बहुप्रतीक्षित पदार्पण भारतीय टीम के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।
यह मुकाबला एक दशक बाद शहर में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल की वापसी का भी गवाह बनेगा। यह राज्य भारतीय फुटबॉल के प्रमुख केंद्रों में से एक है, जहां स्थानीय दर्शक हर स्तर के मुकाबलों में बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

हांगकांग के खिलाफ मजबूत प्रदर्शन के साथ भारतीय टीम इस अभियान का सकारात्मक अंत करना चाहेगी। हाल ही में मुख्य कोच खालिद जमील और कुछ खिलाड़ियों को केरल फुटबॉल संघ द्वारा स्टेडियम मालिकों को अनिवार्य सुरक्षा जमा राशि का भुगतान नहीं किए जाने के कारण प्रवेश से वंचित कर दिया गया था।
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के हस्तक्षेप के बाद यह मामला सुलझ गया, लेकिन अब यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम अपने अंतिम मैच में कैसा प्रदर्शन करती है।

अंक तालिका में सबसे निचले स्थान पर रहने की स्थिति में भारत जीत के बिना अभियान समाप्त करने की शर्मिंदगी से बचने के लिए पूरी ताकत झोंक देगा।
बत्तीस साल के विलियम्स का जन्म पर्थ में हुआ था और वह मुकाबले में मैदान पर नजर आ सकते हैं। भारतीय फुटबॉल के लिए ऐतिहासिक कदम उठाते हुए उन्होंने 2025 के अंत में ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता त्यागकर भारत का प्रतिनिधित्व करने का फैसला किया।
उन्होंने अपनी ‘एंग्लो-इंडियन’ मां के जरिए पात्रता हासिल की जिनके पिता 1950 के दशक में बॉम्बे के प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी रहे थे। विलियम्स 2023 में बेंगलुरु एफसी से जुड़ने से पहले इंग्लैंड में पोर्ट्समाउथ, फुलहम और ऑक्सफोर्ड यूनाइटेड जैसे क्लबों के लिए खेल चुके हैं, साथ ही ऑस्ट्रेलिया के पर्थ ग्लोरी का भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

इस मैच में लालेंगमाविया राल्टे उर्फ ‘आपुइया’ भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। पंजाब एफसी के मिडफील्डर निखिल प्रभु के चोटिल होने के बाद आपुइया ने मिडफील्ड में खुद को मजबूती से स्थापित किया है।
उन्होंने इस सत्र में मोहुन बागान के लिए शानदार प्रदर्शन किया है और अब वही फॉर्म राष्ट्रीय टीम के लिए भी दोहराने की कोशिश करेंगे।

खालिद जमील ने इस मैच के लिए 23 सदस्यीय टीम की घोषणा की है, जिसमें सहल अब्दुल समद और आशिक कुरुनियन जैसे अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं।
एश्ले वेस्टवुड के कोचिंग में हांगकांग ने पिछले 12 मैचों में सिर्फ एक हार झेली है और वह क्वालीफायर में भारत पर पहले मिली 1-0 की जीत को दोहराना चाहेगा।
यह मुकाबला शाम सात बजे से शुरू होगा।

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