लखीसराय के जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने सोमवार को सदर अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्वयं रक्तदान कर एक मिसाल पेश की। डीएम ने विशेष रूप से ब्लड बैंक की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि आपात स्थिति में रक्त की कमी नहीं होनी चाहिए और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जाए। निरीक्षण के दौरान, जिला पदाधिकारी ने ब्लड बैंक में रक्त यूनिट, उनकी गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और रिकॉर्ड संधारण की गहन जांच की। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रक्तदान शिविर आयोजित करने और नागरिकों को रक्तदान के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया। रक्तदान से गर्भवती महिला की जान बचाई
इस अवसर पर, डीएम के साथ मौजूद विकास कुमार और राहुल कुमार ने भी रक्तदान किया। उनके इस कदम से एक गर्भवती महिला की जान बचाई जा सकी, जिसका समय पर रक्त उपलब्ध होने के कारण सफलतापूर्वक इलाज संभव हुआ। महिला के परिजनों ने जिला प्रशासन और रक्तदाताओं का आभार व्यक्त किया। जिला पदाधिकारी ने कहा कि रक्तदान किसी की जान बचाने का सबसे सरल और महान माध्यम है। उन्होंने आमजन से स्वेच्छा से रक्तदान करने और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की अपील की। अंत में, उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को ब्लड बैंक की कार्यप्रणाली को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए ताकि मरीजों को असुविधा न हो। लखीसराय के जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने सोमवार को सदर अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्वयं रक्तदान कर एक मिसाल पेश की। डीएम ने विशेष रूप से ब्लड बैंक की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि आपात स्थिति में रक्त की कमी नहीं होनी चाहिए और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जाए। निरीक्षण के दौरान, जिला पदाधिकारी ने ब्लड बैंक में रक्त यूनिट, उनकी गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और रिकॉर्ड संधारण की गहन जांच की। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रक्तदान शिविर आयोजित करने और नागरिकों को रक्तदान के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया। रक्तदान से गर्भवती महिला की जान बचाई
इस अवसर पर, डीएम के साथ मौजूद विकास कुमार और राहुल कुमार ने भी रक्तदान किया। उनके इस कदम से एक गर्भवती महिला की जान बचाई जा सकी, जिसका समय पर रक्त उपलब्ध होने के कारण सफलतापूर्वक इलाज संभव हुआ। महिला के परिजनों ने जिला प्रशासन और रक्तदाताओं का आभार व्यक्त किया। जिला पदाधिकारी ने कहा कि रक्तदान किसी की जान बचाने का सबसे सरल और महान माध्यम है। उन्होंने आमजन से स्वेच्छा से रक्तदान करने और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की अपील की। अंत में, उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को ब्लड बैंक की कार्यप्रणाली को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए ताकि मरीजों को असुविधा न हो।


