देवरिया में सोमवार को जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल, जिला जज धनेन्द्र प्रताप सिंह, सीजेएम मंजू कुमारी और पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने संयुक्त रूप से जेल का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यह निरीक्षण जिले की कानून-व्यवस्था और कारागार व्यवस्थाओं की समीक्षा के तहत किया गया। अधिकारियों ने कारागार में बंद लगभग 510 कैदियों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने विशेष रूप से बीमार बंदियों के इलाज की व्यवस्था पर ध्यान दिया और संबंधित अधिकारियों को समय पर उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान कैदियों के भोजन, स्वच्छता और अन्य दैनिक सुविधाओं की भी गहनता से जांच की गई। अधिकारियों ने जेल परिसर में संचालित ‘भारत पाठशाला’ का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां चल रही शैक्षिक गतिविधियों की जानकारी ली और कहा कि बंदियों के सुधार व पुनर्वास के लिए शिक्षा और कौशल विकास अत्यंत आवश्यक है। इस दिशा में प्रभावी प्रयास करने पर जोर दिया गया।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने जेल प्रशासन को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसपी ने कारागार में लगे सीसीटीवी कैमरों के सुचारु संचालन और निगरानी तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बंदियों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कैदियों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस संयुक्त निरीक्षण के बाद जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कारागार में सुरक्षा, स्वास्थ्य और अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार निगरानी रखी जाएगी और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।


