जमुई में मुंगेर प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक राकेश कुमार ने सोमवार को मलयपुर स्थित पुलिस लाइन केंद्र का वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण से पूर्व उन्होंने पुलिस लाइन परिसर में आयोजित परेड की सलामी ली। इस परेड का नेतृत्व प्रथम कमांडर सार्जेंट सुमित कुमार और द्वितीय कमांडर दिवेश विक्रम ने किया, जिसमें जिला बल की चार टुकड़ियों ने भाग लिया। निरीक्षण के दौरान डीआईजी राकेश कुमार ने शस्त्रागार का गहनता से जायजा लिया। उन्होंने हथियारों के रख-रखाव और संबंधित अभिलेखों की जांच की, साथ ही अधिकारियों को हथियारों का उचित संरक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके उपरांत, पुलिस मुख्यालय से आवंटित वाहनों की स्थिति, उनके रख-रखाव और मरम्मत पर हुए खर्च की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक कार्यालय का भी निरीक्षण किया
पुलिस उप महानिरीक्षक ने पुलिस लाइन परिसर में स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय का भी निरीक्षण किया। इस दौरान अपराध शाखा, लेखा शाखा सहित अन्य सभी शाखाओं के अभिलेखों की जांच की गई। निरीक्षण के बाद डीआईजी ने बताया कि यह एक नियमित वार्षिक प्रक्रिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ कमियां सामने आई हैं, जिन्हें शीघ्र दूर करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल, साइबर डीएसपी राजन कुमार और मलयपुर थानाध्यक्ष शेखर सौरभ सहित कई पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे। जमुई में मुंगेर प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक राकेश कुमार ने सोमवार को मलयपुर स्थित पुलिस लाइन केंद्र का वार्षिक निरीक्षण किया। निरीक्षण से पूर्व उन्होंने पुलिस लाइन परिसर में आयोजित परेड की सलामी ली। इस परेड का नेतृत्व प्रथम कमांडर सार्जेंट सुमित कुमार और द्वितीय कमांडर दिवेश विक्रम ने किया, जिसमें जिला बल की चार टुकड़ियों ने भाग लिया। निरीक्षण के दौरान डीआईजी राकेश कुमार ने शस्त्रागार का गहनता से जायजा लिया। उन्होंने हथियारों के रख-रखाव और संबंधित अभिलेखों की जांच की, साथ ही अधिकारियों को हथियारों का उचित संरक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके उपरांत, पुलिस मुख्यालय से आवंटित वाहनों की स्थिति, उनके रख-रखाव और मरम्मत पर हुए खर्च की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक कार्यालय का भी निरीक्षण किया
पुलिस उप महानिरीक्षक ने पुलिस लाइन परिसर में स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय का भी निरीक्षण किया। इस दौरान अपराध शाखा, लेखा शाखा सहित अन्य सभी शाखाओं के अभिलेखों की जांच की गई। निरीक्षण के बाद डीआईजी ने बताया कि यह एक नियमित वार्षिक प्रक्रिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ कमियां सामने आई हैं, जिन्हें शीघ्र दूर करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल, साइबर डीएसपी राजन कुमार और मलयपुर थानाध्यक्ष शेखर सौरभ सहित कई पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे।


