जमुई नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 21 स्थित घोड़ा अस्पताल के पास निर्माणाधीन बजरंगबली मंदिर को सोमवार को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी प्रियंका गुप्ता के निर्देश पर की गई। मंदिर तोड़े जाने की खबर मिलते ही दर्जनों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। मंदिर के पुनर्निर्माण में सहयोग की मांग ग्रामीणों ने इस कार्रवाई को अपनी आस्था पर चोट बताया और मंदिर के पुनर्निर्माण में सहयोग की मांग की। इसी दौरान वहां से गुजर रहे भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गा केसरी की गाड़ी रोककर ग्रामीणों ने उनसे शिकायत की और मंदिर निर्माण में मदद का आग्रह किया। 20 वर्षों से होता आ रहा था पूजा-पाठ विरोध प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण विकास कुमार ने बताया कि पिछले लगभग 20 वर्षों से इस स्थान पर पूजा-पाठ होता आ रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीणों के चंदे से मंदिर का निर्माण शुरू किया गया था, जिसे ‘साजिश के तहत’ तुड़वाया गया। उन्होंने वार्ड नंबर 6 के पार्षद प्रतिनिधि पर भी गंभीर आरोप लगाए। रिंग रोड का निर्माण प्रस्तावित वहीं, नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी प्रियंका गुप्ता ने कार्रवाई को उचित ठहराया। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर मंदिर का निर्माण हो रहा था, वह एक महत्वपूर्ण चौराहा है और वहां रिंग रोड का निर्माण प्रस्तावित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति के किया गया यह निर्माण यातायात और विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न कर सकता था। ईओ गुप्ता ने आगे कहा कि सड़क चौड़ी होने से जाम की समस्या कम होगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी घटेगी। उन्होंने ग्रामीणों के आरोपों को ‘बेबुनियाद’ बताते हुए कहा कि भविष्य में इसी विकास कार्य का लाभ सभी को मिलेगा और जो ग्रामीण अभी विरोध कर रहे हैं, वे बाद में धन्यवाद देंगे। जमुई नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 21 स्थित घोड़ा अस्पताल के पास निर्माणाधीन बजरंगबली मंदिर को सोमवार को जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी प्रियंका गुप्ता के निर्देश पर की गई। मंदिर तोड़े जाने की खबर मिलते ही दर्जनों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। मंदिर के पुनर्निर्माण में सहयोग की मांग ग्रामीणों ने इस कार्रवाई को अपनी आस्था पर चोट बताया और मंदिर के पुनर्निर्माण में सहयोग की मांग की। इसी दौरान वहां से गुजर रहे भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गा केसरी की गाड़ी रोककर ग्रामीणों ने उनसे शिकायत की और मंदिर निर्माण में मदद का आग्रह किया। 20 वर्षों से होता आ रहा था पूजा-पाठ विरोध प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण विकास कुमार ने बताया कि पिछले लगभग 20 वर्षों से इस स्थान पर पूजा-पाठ होता आ रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीणों के चंदे से मंदिर का निर्माण शुरू किया गया था, जिसे ‘साजिश के तहत’ तुड़वाया गया। उन्होंने वार्ड नंबर 6 के पार्षद प्रतिनिधि पर भी गंभीर आरोप लगाए। रिंग रोड का निर्माण प्रस्तावित वहीं, नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी प्रियंका गुप्ता ने कार्रवाई को उचित ठहराया। उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर मंदिर का निर्माण हो रहा था, वह एक महत्वपूर्ण चौराहा है और वहां रिंग रोड का निर्माण प्रस्तावित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति के किया गया यह निर्माण यातायात और विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न कर सकता था। ईओ गुप्ता ने आगे कहा कि सड़क चौड़ी होने से जाम की समस्या कम होगी और दुर्घटनाओं की संभावना भी घटेगी। उन्होंने ग्रामीणों के आरोपों को ‘बेबुनियाद’ बताते हुए कहा कि भविष्य में इसी विकास कार्य का लाभ सभी को मिलेगा और जो ग्रामीण अभी विरोध कर रहे हैं, वे बाद में धन्यवाद देंगे।


