Income tax: वर्षों से प्रॉपर्टी टैक्स नहीं जमा करने वाले बकायेदारों पर अब नगर निगम की सख्ती का असर साफ दिखने लगा है। निगम के विभिन्न जोनों की टीमें लगातार दबाव बनाते हुए कार्रवाई कर रही हैं, जिसके चलते बकाया करदाताओं द्वारा तेजी से राजस्व जमा किया जा रहा है। निगम के जोनों की टीम लगातार दबाव बनाए हुए है। इसलिए टैक्स जमा करने वालों की भीड़ लगातार बनी हुई है। अब केवल दो दिन 30 और 31 मार्च का समय है। इसे देखते हुए जोनों की टीम बकायेदारों के घरों के नल काटने, कई दुकानों में सीलिंग की कार्रवाई के दौरान तत्काल भुगतान लोग कर रहे हैं। कुछ लोगों ने पार्ट पेमेंट किया है।
इस तरह राजस्व वसूली टारगेट के करीब निगम की टीमें पहुंच गई है। जोन 8 द्वारा 54, जोन 9 ने 50 और जोन 10 ने 71, जोन 4 ने 26, जोन 5 ने 17, जोन 6 ने 18, जोन 1 ने 12 बकायेदारों पर कार्रवाई की। जोन 8 कमिश्नर राजेश्वरी पटेल की टीम ने 12 घरों और जोन 3 ने 6 घरों में बकाया अदा नहीं करने पर नल कनेक्शन काट दिया। निगम प्रशासन की सख्ती के बावजूद टारगेट से अभी डेढ़ सौ करोड़ से पीछे राजस्व विभाग चल रहा है। जबकि सफाई सुपरवाइजरों से लेकर इंजीनियरों को भी इस काम में लगा दिया गया है।
जीएसटी व आयकर जमा करने का कल अंतिम मौका
वित्तीय वर्ष के समाप्त होने के पहले 31 मार्च 2025-26 के सभी करदाताओं, उद्योगों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं पेशेवरों को बकाया टैक्स का भुगतान नहीं करने पर ब्याज सहित जुर्माना और अर्थदंड देना पड़ेगा। निर्धारित अवधि तक बकाया लंबित राशि का भुगतान नहीं करने पर आईटी और जीएसटी के तहत मिलने वाली छूट का लाभ नहीं मिलेगा। वहीं कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। छतीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष और सीए चेतन तारवानी ने बताया कि निर्धारित डेडलाइन के बाद टैक्स की राशि जमा करने पर ब्याज सहित अर्थदंड की राशि के साथ कार्रवाई का सामना करने पड़ सकता है।
टैक्स नहीं भरा तो कार्रवाई जारी
निगम अधिकारियों ने साफ किया है कि बकाया टैक्स नहीं चुकाने वालों पर आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे समय पर प्रॉपर्टी टैक्स जमा करें, ताकि सीलबंदी जैसी कार्रवाई से बचा जा सके।


