भगवान महावीर की 2625वीं जयंती पर भव्य आयोजन:ध्वजारोहण के बाद डीजे के साथ निकाली गई शोभायात्रा, प्रशासन की ‘दोहरी नीति’ पर उठे सवाल

भगवान महावीर की 2625वीं जयंती पर भव्य आयोजन:ध्वजारोहण के बाद डीजे के साथ निकाली गई शोभायात्रा, प्रशासन की ‘दोहरी नीति’ पर उठे सवाल

भगवान महावीर की 2625वीं जन्म जयंती के पावन अवसर पर उनकी जन्मभूमि कुंडलपुर में दो दिवसीय ‘कुंडलपुर महोत्सव-2026’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। भगवान महावीर की जन्मस्थली के रूप में विख्यात कुंडलपुर के नंधावर्त परिसर और मैदान में आज-कल 31 मार्च को आस्था-संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा। उत्सव का शुभारंभ सुबह ध्वजारोहण के साथ हुआ है। इसके बाद एक भव्य रथ यात्रा निकाली गई। इस शोभा यात्रा में दिगंबर जैन समाज के पुरुष, महिलाएं और बच्चे अपने हाथों में ध्वज लेकर सम्मिलित हुए हैं। यात्रा के दौरान पूरे नगर में मिष्ठान वितरण किया जाता है। भगवान महावीर के अहिंसामय सिद्धांतों का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। यात्रा के पुनः आयोजन स्थल पर पहुंचने के बाद भगवान महावीर जिनालय में विराजमान श्वेत वर्णी प्रतिमा का दूध, दही, घी और सुगंधित द्रव्यों से भव्य अभिषेक किया जाएगा। विश्व शांति की मंगल कामना के साथ भगवान के मस्तक पर विशेष शांति धारा की जाएगी। भगवान महावीर की पावन जन्मस्थली कुंडलपुर में आयोजित जन्मोत्सव समारोह इस समय श्रद्धालुओं के उत्साह के साथ-साथ एक नए विवाद का केंद्र बन गया है। बिहार में त्योहारों के दौरान डीजे बजाने पर सरकारी पाबंदी के बावजूद, यहां आयोजित रथ यात्रा में डीजे की धमक साफ सुनाई दे रही है। इस घटना ने प्रशासन की निष्पक्षता और नियमों को लागू करने के तरीकों पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। जयपुर से इस समारोह में शामिल होने आए श्रद्धालु विजय जैन ने बताया कि बिहार में डीजे पर प्रतिबंध की जानकारी होने के बावजूद यहां के उत्सव में डीजे बज रहा है और लोग उस पर झूम रहे हैं। उन्होंने इसे अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि प्रशासन के सहयोग से यहां भगवान महावीर का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। जहां एक ओर राज्य के अन्य हिस्सों में सख्ती है, वहीं यहां प्रशासन की मौजूदगी में ही डीजे के साथ जुलूस निकाला जा रहा है। स्थानीय लोगों में नाराजगी दूसरी ओर, प्रशासन के इस ‘दोहरे मापदंड’ को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। महदीनगर निवासी कपिल दास ने कहा कि रामनवमी के दौरान प्रशासन ने डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन कुंडलपुर की रथ यात्रा में नियमों को ताक पर रखकर डीजे बजाया जा रहा है। प्रशासन एक ही जिले में दो तरह के नियम लागू कर रहा है। एक तरफ जहां धार्मिक जुलूसों में पाबंदी लगाई जाती है, वहीं दूसरी तरफ उसी प्रशासन के संरक्षण में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। डीजे पर बैन किया गया था दरअसल, बिहार सरकार ने ध्वनि प्रदूषण और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए राज्य भर में डीजे के उपयोग को लेकर कड़े निर्देश जारी किए थे, जिसे हालिया रामनवमी के पर्व पर काफी सख्ती से लागू किया गया था। अब कुंडलपुर की इस घटना के बाद स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या प्रशासन के नियम क्षेत्र और आयोजन के हिसाब से बदल जाते हैं। फिलहाल इस मामले पर स्थानीय पुलिस या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। शाम में होगा सांस्कृतिक कार्यक्रम ​महोत्सव का मुख्य आकर्षण शाम को आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। पर्यटन विभाग की ोर से आयोजित इस समारोह में प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी विशिष्ट अतिथियों, के शामिल होने की संभावना है, और उनके द्वारा ही दीप प्रज्वलित कर विधिवत उद्घाटन किया जाएगा। अतिथिगण भगवान के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित कर ‘पालना झुलाने’ और ‘रत्न वृष्टि’ की रस्म भी पूरी करेंगे। देश के नामचीन कलाकार देगें प्रस्तुति ​सांस्कृतिक संध्या को यादगार बनाने के लिए देश के नामचीन कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इस बार प्रसिद्ध जैन भजन गायक सत्य प्रकाश अपनी टीम के साथ भगवान का गुणगान करेंगे। साथ ही, कुमार गौरव संस्थान एवं नालंदा संगीत कला विकास संस्थान, पटना के कलाकारों द्वारा भगवान महावीर के जीवन दर्शन पर आधारित एक विशेष नृत्य नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। इसके अतिरिक्त मुख्य कलाकारों में शीर्षा रक्षित, सुमित श्री बाबा, सौम्या मिश्रा, हर्षप्रीत कौर और शशांक एवं ग्रुप द्वारा लोक और शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। अहिंसा का होगा शंखनाद ​इस महोत्सव के माध्यम से कुंडलपुर की इस पावन धरती से एक बार फिर अहिंसा का शंखनाद पूरे विश्व में किया जाएगा। आयोजन समिति और जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं और आम जनमानस को इस भव्य आयोजन का साक्षी बनने के लिए सादर आमंत्रित किया है। भगवान महावीर की 2625वीं जन्म जयंती के पावन अवसर पर उनकी जन्मभूमि कुंडलपुर में दो दिवसीय ‘कुंडलपुर महोत्सव-2026’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। भगवान महावीर की जन्मस्थली के रूप में विख्यात कुंडलपुर के नंधावर्त परिसर और मैदान में आज-कल 31 मार्च को आस्था-संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा। उत्सव का शुभारंभ सुबह ध्वजारोहण के साथ हुआ है। इसके बाद एक भव्य रथ यात्रा निकाली गई। इस शोभा यात्रा में दिगंबर जैन समाज के पुरुष, महिलाएं और बच्चे अपने हाथों में ध्वज लेकर सम्मिलित हुए हैं। यात्रा के दौरान पूरे नगर में मिष्ठान वितरण किया जाता है। भगवान महावीर के अहिंसामय सिद्धांतों का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। यात्रा के पुनः आयोजन स्थल पर पहुंचने के बाद भगवान महावीर जिनालय में विराजमान श्वेत वर्णी प्रतिमा का दूध, दही, घी और सुगंधित द्रव्यों से भव्य अभिषेक किया जाएगा। विश्व शांति की मंगल कामना के साथ भगवान के मस्तक पर विशेष शांति धारा की जाएगी। भगवान महावीर की पावन जन्मस्थली कुंडलपुर में आयोजित जन्मोत्सव समारोह इस समय श्रद्धालुओं के उत्साह के साथ-साथ एक नए विवाद का केंद्र बन गया है। बिहार में त्योहारों के दौरान डीजे बजाने पर सरकारी पाबंदी के बावजूद, यहां आयोजित रथ यात्रा में डीजे की धमक साफ सुनाई दे रही है। इस घटना ने प्रशासन की निष्पक्षता और नियमों को लागू करने के तरीकों पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। जयपुर से इस समारोह में शामिल होने आए श्रद्धालु विजय जैन ने बताया कि बिहार में डीजे पर प्रतिबंध की जानकारी होने के बावजूद यहां के उत्सव में डीजे बज रहा है और लोग उस पर झूम रहे हैं। उन्होंने इसे अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि प्रशासन के सहयोग से यहां भगवान महावीर का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। जहां एक ओर राज्य के अन्य हिस्सों में सख्ती है, वहीं यहां प्रशासन की मौजूदगी में ही डीजे के साथ जुलूस निकाला जा रहा है। स्थानीय लोगों में नाराजगी दूसरी ओर, प्रशासन के इस ‘दोहरे मापदंड’ को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। महदीनगर निवासी कपिल दास ने कहा कि रामनवमी के दौरान प्रशासन ने डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन कुंडलपुर की रथ यात्रा में नियमों को ताक पर रखकर डीजे बजाया जा रहा है। प्रशासन एक ही जिले में दो तरह के नियम लागू कर रहा है। एक तरफ जहां धार्मिक जुलूसों में पाबंदी लगाई जाती है, वहीं दूसरी तरफ उसी प्रशासन के संरक्षण में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। डीजे पर बैन किया गया था दरअसल, बिहार सरकार ने ध्वनि प्रदूषण और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए राज्य भर में डीजे के उपयोग को लेकर कड़े निर्देश जारी किए थे, जिसे हालिया रामनवमी के पर्व पर काफी सख्ती से लागू किया गया था। अब कुंडलपुर की इस घटना के बाद स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या प्रशासन के नियम क्षेत्र और आयोजन के हिसाब से बदल जाते हैं। फिलहाल इस मामले पर स्थानीय पुलिस या जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। शाम में होगा सांस्कृतिक कार्यक्रम ​महोत्सव का मुख्य आकर्षण शाम को आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। पर्यटन विभाग की ोर से आयोजित इस समारोह में प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी विशिष्ट अतिथियों, के शामिल होने की संभावना है, और उनके द्वारा ही दीप प्रज्वलित कर विधिवत उद्घाटन किया जाएगा। अतिथिगण भगवान के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित कर ‘पालना झुलाने’ और ‘रत्न वृष्टि’ की रस्म भी पूरी करेंगे। देश के नामचीन कलाकार देगें प्रस्तुति ​सांस्कृतिक संध्या को यादगार बनाने के लिए देश के नामचीन कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इस बार प्रसिद्ध जैन भजन गायक सत्य प्रकाश अपनी टीम के साथ भगवान का गुणगान करेंगे। साथ ही, कुमार गौरव संस्थान एवं नालंदा संगीत कला विकास संस्थान, पटना के कलाकारों द्वारा भगवान महावीर के जीवन दर्शन पर आधारित एक विशेष नृत्य नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। इसके अतिरिक्त मुख्य कलाकारों में शीर्षा रक्षित, सुमित श्री बाबा, सौम्या मिश्रा, हर्षप्रीत कौर और शशांक एवं ग्रुप द्वारा लोक और शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। अहिंसा का होगा शंखनाद ​इस महोत्सव के माध्यम से कुंडलपुर की इस पावन धरती से एक बार फिर अहिंसा का शंखनाद पूरे विश्व में किया जाएगा। आयोजन समिति और जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं और आम जनमानस को इस भव्य आयोजन का साक्षी बनने के लिए सादर आमंत्रित किया है।  

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