नीतीश आज दे सकते हैं MLC पद से इस्तीफा:विस अध्यक्ष बोले- वो चाहें तो 6 माह CM रह सकते, नितिन नवीन के इस्तीफे पर सस्पेंस

नीतीश आज दे सकते हैं MLC पद से इस्तीफा:विस अध्यक्ष बोले- वो चाहें तो 6 माह CM रह सकते, नितिन नवीन के इस्तीफे पर सस्पेंस

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज यानी सोमवार को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं। वहीं, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी आज विधानसभा पहुंच सकते और विधायक पद से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, उनके इस्तीफे पर सस्पेंस हैं। संवैधानिक नियम के अनुसार, राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद उन्हें 14 दिनों के अंदर पिछले सदन की सदस्यता छोड़नी होती है। इस हिसाब से नीतीश कुमार और नितिन नवीन हालांकि, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन का विधानसभा से इस्तीफा देने का आखिरी आज है। वो 2 बजे तक असम में हैं। इसके बाद दिल्ली पहुंचेंगे। चार्टर्ड प्लेन से भी जाते हैं तो 4 बजे तक वो दिल्ली पहुंच पाएंगे। 5 बजे तक विधानसभा में इस्तीफा दिया जा सकता है। इसके बाद नहीं। सूत्रों के मुताबिक, अभी वो इस्तीफा कैसे देंगे, तय नहीं। इस्तीफा फोन या ऑनलाइन लेटर भेजकर दे सकते हैं। लेकिन नीतिन नवीन की अध्यक्षता पर कोई खतरा नहीं। प्रेम कुमार बोले- नीतीश कुमार बने रह सकते सीएम बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने साफ किया है कि अगर नीतीश कुमार चाहें तो वे अगले 6 महीनों तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बने रह सकते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। उनके साथ NDA के चार अन्य सदस्य भी चुने गए थे, जिनमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी शामिल हैं। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई सदस्य दूसरे सदन के लिए चुना जाता है, तो उसे 14 दिनों के भीतर दोनों सदनों में से किसी एक से इस्तीफा देना जरूरी होता है। मुख्यमंत्री ने जदयू नेताओं के साथ की थी बैठक रविवार को सीएम आवास पर जेडीयू नेताओं की अहम बैठक हुई। बैठक में मोकामा विधायक अनंत सिंह, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, मंत्री विजय चौधरी समेत कई बड़े नेता शामिल हुए। अनंत सिंह ने कहा- मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई है। उनको प्रणाम किए हम चल दिए। कल MLC पद से नीतीश इस्तीफा देंगे के सवाल पर अनंत सिंह ने कहा- नीतीश कुमार को बहुत मनाने का कोशिश किए कि वो इस्तीफा नहीं दें लेकिन वो नहीं माने। विधानमंडल में अवकाश की वजह से देरी बिहार विधानमंडल में 29 मार्च तक अवकाश था, इसलिए नीतीश कुमार अपने MLC पद से और नितिन नवीन अपने MLA पद से इस्तीफे की आधिकारिक प्रक्रिया 30 मार्च को पूरी करेंगे। बता दें कि बिहार से चुने गए अन्य राज्यसभा सदस्यों में उपेंद्र कुशवाहा और रामनाथ ठाकुर पहले से ही राज्यसभा के मौजूदा सदस्य हैं, जबकि शिवेश कुमार राम किसी भी सदन के सदस्य नहीं थे। नतीजतन, इन तीनों व्यक्तियों को किसी भी पद से इस्तीफा देने की जरूरत नहीं है। 6 महीने के नियम को स्पीकर ने समझाया विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा, नीतीश कुमार के MLC पद से हटने के बाद भी मुख्यमंत्री के तौर पर बने रहने में कोई तकनीकी रुकावट नहीं है। उन्होंने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 164(4) के तहत कोई भी व्यक्ति जो दोनों सदनों में से किसी का सदस्य नहीं है, वह भी 6 महीने तक मंत्री या मुख्यमंत्री का पद संभाल सकता है। सितंबर 2026 तक का समय इसका मतलब है कि नीतीश कुमार के पास सितंबर 2026 तक का समय है। वे तब तक मुख्यमंत्री के तौर पर काम करते रह सकते हैं। हालांकि इस दौरान उन्हें या तो विधान परिषद या विधानसभा का सदस्य बनना होगा, या फिर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना होगा। चारों सदनों का अनुभव रखने वाले नेता बने नीतीश कुमार के इस्तीफे को लेकर जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा था, यह एक सामान्य प्रोटोकॉल है, जिसमें चुनाव जीतने के 14 दिनों के भीतर एक सदन की सदस्यता छोड़नी होती है। गौरतलब है कि नीतीश कुमार अब देश के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद-चारों सदनों की सदस्यता हासिल की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज यानी सोमवार को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे सकते हैं। वहीं, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी आज विधानसभा पहुंच सकते और विधायक पद से इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, उनके इस्तीफे पर सस्पेंस हैं। संवैधानिक नियम के अनुसार, राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद उन्हें 14 दिनों के अंदर पिछले सदन की सदस्यता छोड़नी होती है। इस हिसाब से नीतीश कुमार और नितिन नवीन हालांकि, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन का विधानसभा से इस्तीफा देने का आखिरी आज है। वो 2 बजे तक असम में हैं। इसके बाद दिल्ली पहुंचेंगे। चार्टर्ड प्लेन से भी जाते हैं तो 4 बजे तक वो दिल्ली पहुंच पाएंगे। 5 बजे तक विधानसभा में इस्तीफा दिया जा सकता है। इसके बाद नहीं। सूत्रों के मुताबिक, अभी वो इस्तीफा कैसे देंगे, तय नहीं। इस्तीफा फोन या ऑनलाइन लेटर भेजकर दे सकते हैं। लेकिन नीतिन नवीन की अध्यक्षता पर कोई खतरा नहीं। प्रेम कुमार बोले- नीतीश कुमार बने रह सकते सीएम बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने साफ किया है कि अगर नीतीश कुमार चाहें तो वे अगले 6 महीनों तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बने रह सकते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे। उनके साथ NDA के चार अन्य सदस्य भी चुने गए थे, जिनमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी शामिल हैं। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई सदस्य दूसरे सदन के लिए चुना जाता है, तो उसे 14 दिनों के भीतर दोनों सदनों में से किसी एक से इस्तीफा देना जरूरी होता है। मुख्यमंत्री ने जदयू नेताओं के साथ की थी बैठक रविवार को सीएम आवास पर जेडीयू नेताओं की अहम बैठक हुई। बैठक में मोकामा विधायक अनंत सिंह, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, मंत्री विजय चौधरी समेत कई बड़े नेता शामिल हुए। अनंत सिंह ने कहा- मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई है। उनको प्रणाम किए हम चल दिए। कल MLC पद से नीतीश इस्तीफा देंगे के सवाल पर अनंत सिंह ने कहा- नीतीश कुमार को बहुत मनाने का कोशिश किए कि वो इस्तीफा नहीं दें लेकिन वो नहीं माने। विधानमंडल में अवकाश की वजह से देरी बिहार विधानमंडल में 29 मार्च तक अवकाश था, इसलिए नीतीश कुमार अपने MLC पद से और नितिन नवीन अपने MLA पद से इस्तीफे की आधिकारिक प्रक्रिया 30 मार्च को पूरी करेंगे। बता दें कि बिहार से चुने गए अन्य राज्यसभा सदस्यों में उपेंद्र कुशवाहा और रामनाथ ठाकुर पहले से ही राज्यसभा के मौजूदा सदस्य हैं, जबकि शिवेश कुमार राम किसी भी सदन के सदस्य नहीं थे। नतीजतन, इन तीनों व्यक्तियों को किसी भी पद से इस्तीफा देने की जरूरत नहीं है। 6 महीने के नियम को स्पीकर ने समझाया विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा, नीतीश कुमार के MLC पद से हटने के बाद भी मुख्यमंत्री के तौर पर बने रहने में कोई तकनीकी रुकावट नहीं है। उन्होंने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 164(4) के तहत कोई भी व्यक्ति जो दोनों सदनों में से किसी का सदस्य नहीं है, वह भी 6 महीने तक मंत्री या मुख्यमंत्री का पद संभाल सकता है। सितंबर 2026 तक का समय इसका मतलब है कि नीतीश कुमार के पास सितंबर 2026 तक का समय है। वे तब तक मुख्यमंत्री के तौर पर काम करते रह सकते हैं। हालांकि इस दौरान उन्हें या तो विधान परिषद या विधानसभा का सदस्य बनना होगा, या फिर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना होगा। चारों सदनों का अनुभव रखने वाले नेता बने नीतीश कुमार के इस्तीफे को लेकर जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा था, यह एक सामान्य प्रोटोकॉल है, जिसमें चुनाव जीतने के 14 दिनों के भीतर एक सदन की सदस्यता छोड़नी होती है। गौरतलब है कि नीतीश कुमार अब देश के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद-चारों सदनों की सदस्यता हासिल की है।  

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