पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चलते खाड़ी देशों से लखनऊ लौटना अब आम यात्रियों के लिए चुनौती बन गया है। एयरफेयर में बेतहाशा बढ़ोतरी के बीच रविवार को रियाद से लखनऊ की सीधी उड़ान का टिकट 1,17,145 रुपये में बिका, जो सामान्य किराए से कई गुना अधिक है। करीब एक महीने से खाड़ी देशों के लिए उड़ानों का संचालन प्रभावित है। दुबई, रियाद, मस्कट और ओमान में काम कर रहे लखनऊ के लोगों के लिए घर वापसी लगातार महंगी और जटिल होती जा रही है। सीधी उड़ानों के टिकट जहां आसमान छू रहे हैं, वहीं कनेक्टिंग फ्लाइट्स भी राहत नहीं दे पा रहीं। इंदिरानगर निवासी शादाब ने आपात स्थिति में रियाद से फ्लाईनास की फ्लाइट का टिकट 1.17 लाख रुपये में खरीदा। वहीं, इसी रूट की कनेक्टिंग उड़ानों का किराया 2.23 लाख रुपये तक पहुंच गया है। मस्कट से लखनऊ के लिए सलाम एयर का टिकट 17,528 रुपये और ओमान एयर का 21,089 रुपये दर्ज किया गया, जबकि कनेक्टिंग फ्लाइट्स 45 हजार रुपये से ऊपर बिक रही हैं। दुबई-शारजाह रूट पर भी महंगाई, सीधे विकल्प लगभग खत्म दुबई से लखनऊ के लिए सीधी उड़ानें लगभग नदारद हैं। एमिरेट्स की कनेक्टिंग फ्लाइट का किराया 1,02,886 रुपये तक पहुंच गया है, जबकि ओमान एयर की कनेक्टिंग उड़ान 1,75,087 रुपये में मिल रही है। शारजाह से लखनऊ के लिए टिकट 1,46,064 रुपये तक पहुंच चुका है, जिससे यात्रियों की जेब पर भारी दबाव पड़ रहा है। कनेक्टिंग फ्लाइट्स में 20 घंटे तक लेओवर, यात्रियों की परेशानी दोगुनी महंगे किराए के साथ-साथ लंबा लेओवर भी यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। खाड़ी देशों से आने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट्स में 15 से 20 घंटे तक का इंतजार करना पड़ रहा है। लेओवर का मतलब दो उड़ानों के बीच का अंतराल होता है, जैसे दुबई से मुंबई और फिर मुंबई से लखनऊ के बीच लंबा इंतजार। इस दौरान यात्रियों को एयरपोर्ट पर ही घंटों बिताने पड़ रहे हैं, जिससे यात्रा और अधिक थकाऊ और मुश्किल हो गई है।


