बिहार बोर्ड मैट्रिक का रिजल्ट जारी हो चुका है। टॉप 10 की लिस्ट में इकलौती पटना की छात्रा सुहानी सोनम हैं। सुहानी ने सेंट जेवियर्स हाई स्कूल से पढ़ाई की है। उनका घर पटना के राजापुर पुल में है, उनके पिता मनोज साहू एक किराने की दुकान चलाते हैं और माता शीला देवी हाउसवाइफ हैं। उन्होंने दसवीं रैंक हासिल की है। सुहानी को 481 मार्क्स, 96.2% आए हैं। सुहानी ने बताया कि उन्होंने कोई ट्यूशन नहीं लिए, सेल्फ स्टडी की और जरूरत महसूस होने पर चैट जीपीटी, गूगल और यूट्यूब की मदद लेकर पढ़ाई की। सुहानी बोली- साइट क्रैश था तो रिजल्ट नहीं देख पा रही थी सुहानी ने बताया कि टॉप 10 की लिस्ट में शामिल होकर उन्हें काफी खुशी हो रही है। उन्हें अपने रिजल्ट के बारे में मीडिया वालों से पता चला, जब उन्हें इंटरव्यू लेने के लिए कॉल आया था। उन्होंने बताया कि साइट क्रैश होने के कारण वह अपना रिजल्ट ही नहीं देख पाई थी। जब उनके पिता को रिजल्ट के बारे में पता चला तो उनके आंखों से आंसू निकल आए थे। उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता ने मुझे यहां तक लाने में काफी संघर्ष किया है। 6 घंटे करती थी पढ़ाई अपनी पढ़ाई को लेकर उन्होंने कहा कि मैं एग्जाम के लिए 4 से 6 घंटे ही पढ़ाई करती थी। अपने आप को कोई स्ट्रेस नहीं देती थी। मैंने कोई कोचिंग नहीं किया है, सेल्फ स्टडी ही की है। स्कूल में जो पढ़ाया जाता था उसे ही ध्यान से पढ़ती थी। किसी तरह के कन्फ्यूजन होने पर यूट्यूब, CHATGPT, गूगल की मदद लेती थी। उन्होंने कहा कि मेरा सपना वंचित लोगों की मदद करना है और आगे मैं अपने 11th की पढ़ाई करके एमबीए करना चाहती हूं। मैं अपने पिता से इंस्पायर होकर एक बिजनेस वूमेन बनना चाहती हूं। बिहार बोर्ड मैट्रिक का रिजल्ट जारी हो चुका है। टॉप 10 की लिस्ट में इकलौती पटना की छात्रा सुहानी सोनम हैं। सुहानी ने सेंट जेवियर्स हाई स्कूल से पढ़ाई की है। उनका घर पटना के राजापुर पुल में है, उनके पिता मनोज साहू एक किराने की दुकान चलाते हैं और माता शीला देवी हाउसवाइफ हैं। उन्होंने दसवीं रैंक हासिल की है। सुहानी को 481 मार्क्स, 96.2% आए हैं। सुहानी ने बताया कि उन्होंने कोई ट्यूशन नहीं लिए, सेल्फ स्टडी की और जरूरत महसूस होने पर चैट जीपीटी, गूगल और यूट्यूब की मदद लेकर पढ़ाई की। सुहानी बोली- साइट क्रैश था तो रिजल्ट नहीं देख पा रही थी सुहानी ने बताया कि टॉप 10 की लिस्ट में शामिल होकर उन्हें काफी खुशी हो रही है। उन्हें अपने रिजल्ट के बारे में मीडिया वालों से पता चला, जब उन्हें इंटरव्यू लेने के लिए कॉल आया था। उन्होंने बताया कि साइट क्रैश होने के कारण वह अपना रिजल्ट ही नहीं देख पाई थी। जब उनके पिता को रिजल्ट के बारे में पता चला तो उनके आंखों से आंसू निकल आए थे। उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता ने मुझे यहां तक लाने में काफी संघर्ष किया है। 6 घंटे करती थी पढ़ाई अपनी पढ़ाई को लेकर उन्होंने कहा कि मैं एग्जाम के लिए 4 से 6 घंटे ही पढ़ाई करती थी। अपने आप को कोई स्ट्रेस नहीं देती थी। मैंने कोई कोचिंग नहीं किया है, सेल्फ स्टडी ही की है। स्कूल में जो पढ़ाया जाता था उसे ही ध्यान से पढ़ती थी। किसी तरह के कन्फ्यूजन होने पर यूट्यूब, CHATGPT, गूगल की मदद लेती थी। उन्होंने कहा कि मेरा सपना वंचित लोगों की मदद करना है और आगे मैं अपने 11th की पढ़ाई करके एमबीए करना चाहती हूं। मैं अपने पिता से इंस्पायर होकर एक बिजनेस वूमेन बनना चाहती हूं।


