सुपौल के राजदीप बने जिला मैट्रिक टॉपर:राज्य में 6ठे स्थान पर, 22 छात्रों ने टॉप-10 में बनाई जगह, अनुज-प्रकाश का भी जलवा

सुपौल के राजदीप बने जिला मैट्रिक टॉपर:राज्य में 6ठे स्थान पर, 22 छात्रों ने टॉप-10 में बनाई जगह, अनुज-प्रकाश का भी जलवा

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा घोषित मैट्रिक परीक्षा परिणाम में इस बार सुपौल जिले के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जिले के कुल 22 छात्र-छात्राओं ने राज्य के टॉप-10 में जगह बनाकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। इस वर्ष सुपौल के राजदीप कुमार ने 485 अंक (97%) प्राप्त कर राज्य स्तर पर 6ठा स्थान हासिल किया है। इसके साथ ही वे जिले के टॉपर बने हैं। राजदीप खुभलाल उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, रामविशनपुर राघोपुर के छात्र हैं। उनकी इस सफलता से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। अनुज और प्रकाश ने भी दिखाई दमदार मौजूदगी
जिले में दूसरे स्थान पर अनुज कुमार रहे, जिन्होंने 481 अंक (96.2%) हासिल किए। वहीं प्रकाश कुमार ने 478 अंक (95.6%) लाकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। इन तीनों छात्रों ने सुपौल को राज्य स्तर पर मजबूती से प्रतिनिधित्व किया है। टॉप-10 में बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी
इस बार टॉप-10 सूची में सुपौल के 22 छात्रों का शामिल होना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। चौथे स्थान पर चंदनी कुमारी और सुजीत कुमार (477 अंक), जबकि पांचवें स्थान पर सृष्टि कुमारी झा, करिश्मा कुमारी, कृति कुमारी, विकास कुमार आनंद और गौतम कुमार (476 अंक) संयुक्त रूप से रहे। वहीं छठे स्थान पर स्वाति कुमारी, सत्यम कुमार और अमन कुमार (475 अंक), सातवें स्थान पर सृष्टि कुमारी और रोनक कुमार (474 अंक) तथा आठवें स्थान पर आयुष कुमार आनंद और ऋषभ कुमार (473 अंक) ने जगह बनाई। नौवें स्थान पर हिमांशु कुमार मेहता (472 अंक) और दसवें स्थान पर अनुप्रिया कुमारी, पुष्पा कुमारी, सोनू कुमार और मो. सोहैल अख्तर (471 अंक) संयुक्त रूप से शामिल रहे। ग्रामीण परिवेश से निकलकर रचा इतिहास
कई सफल छात्र ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। उनकी मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई है। यह उपलब्धि अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। जिले में जश्न का माहौल, घर-घर बंटी मिठाइयां
परिणाम घोषित होते ही जिले के विभिन्न हिस्सों में जश्न का माहौल देखने को मिला। सफल छात्रों के घरों में मिठाइयां बांटी गईं और अभिभावकों ने अपने बच्चों की सफलता पर गर्व जताया। स्कूलों में भी उत्सव जैसा माहौल रहा, जहां शिक्षकों ने छात्रों की मेहनत की सराहना की। शिक्षा विभाग ने दी बधाई, भविष्य को लेकर जताई उम्मीद
जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सभी सफल छात्रों को बधाई देते हुए इसे पूरे सुपौल के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में जिले के छात्र राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे। कुल मिलाकर, सुपौल के छात्रों ने इस बार मैट्रिक परीक्षा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। 22 छात्रों का टॉप-10 में शामिल होना जिले में लगातार बेहतर होती शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है, जो भविष्य में नई ऊंचाइयों की ओर इशारा करता है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा घोषित मैट्रिक परीक्षा परिणाम में इस बार सुपौल जिले के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जिले के कुल 22 छात्र-छात्राओं ने राज्य के टॉप-10 में जगह बनाकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। इस वर्ष सुपौल के राजदीप कुमार ने 485 अंक (97%) प्राप्त कर राज्य स्तर पर 6ठा स्थान हासिल किया है। इसके साथ ही वे जिले के टॉपर बने हैं। राजदीप खुभलाल उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, रामविशनपुर राघोपुर के छात्र हैं। उनकी इस सफलता से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। अनुज और प्रकाश ने भी दिखाई दमदार मौजूदगी
जिले में दूसरे स्थान पर अनुज कुमार रहे, जिन्होंने 481 अंक (96.2%) हासिल किए। वहीं प्रकाश कुमार ने 478 अंक (95.6%) लाकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। इन तीनों छात्रों ने सुपौल को राज्य स्तर पर मजबूती से प्रतिनिधित्व किया है। टॉप-10 में बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी
इस बार टॉप-10 सूची में सुपौल के 22 छात्रों का शामिल होना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। चौथे स्थान पर चंदनी कुमारी और सुजीत कुमार (477 अंक), जबकि पांचवें स्थान पर सृष्टि कुमारी झा, करिश्मा कुमारी, कृति कुमारी, विकास कुमार आनंद और गौतम कुमार (476 अंक) संयुक्त रूप से रहे। वहीं छठे स्थान पर स्वाति कुमारी, सत्यम कुमार और अमन कुमार (475 अंक), सातवें स्थान पर सृष्टि कुमारी और रोनक कुमार (474 अंक) तथा आठवें स्थान पर आयुष कुमार आनंद और ऋषभ कुमार (473 अंक) ने जगह बनाई। नौवें स्थान पर हिमांशु कुमार मेहता (472 अंक) और दसवें स्थान पर अनुप्रिया कुमारी, पुष्पा कुमारी, सोनू कुमार और मो. सोहैल अख्तर (471 अंक) संयुक्त रूप से शामिल रहे। ग्रामीण परिवेश से निकलकर रचा इतिहास
कई सफल छात्र ग्रामीण पृष्ठभूमि से आते हैं और सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। उनकी मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई है। यह उपलब्धि अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। जिले में जश्न का माहौल, घर-घर बंटी मिठाइयां
परिणाम घोषित होते ही जिले के विभिन्न हिस्सों में जश्न का माहौल देखने को मिला। सफल छात्रों के घरों में मिठाइयां बांटी गईं और अभिभावकों ने अपने बच्चों की सफलता पर गर्व जताया। स्कूलों में भी उत्सव जैसा माहौल रहा, जहां शिक्षकों ने छात्रों की मेहनत की सराहना की। शिक्षा विभाग ने दी बधाई, भविष्य को लेकर जताई उम्मीद
जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सभी सफल छात्रों को बधाई देते हुए इसे पूरे सुपौल के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में जिले के छात्र राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे। कुल मिलाकर, सुपौल के छात्रों ने इस बार मैट्रिक परीक्षा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। 22 छात्रों का टॉप-10 में शामिल होना जिले में लगातार बेहतर होती शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है, जो भविष्य में नई ऊंचाइयों की ओर इशारा करता है।  

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