कानपुर। चार साल की मासूम बच्ची की एक छोटी-सी जिद और भोलेपन भरी बातों ने ऐसा माहौल बना दिया कि खुद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। गोरखपुर में हुई इस मुलाकात का वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वहीं, मुख्यमंत्री से मिलकर जब बच्ची अपने कानपुर स्थित घर लौटी, तो परिवार और आसपास के लोगों में खुशी का माहौल बन गया।
बचपन से “बाबा जी” के लिए खास लगाव
कल्याणपुर के पुराना शिवली रोड निवासी अभय सिंह राजावत, जो पेशे से शिक्षक हैं, बताते हैं कि उनकी चार साल की बेटी यशस्वनी सिंह बचपन से ही मुख्यमंत्री को “बाबा जी” कहकर पुकारती है। यह लगाव तब शुरू हुआ जब वह महज एक साल की थी और पहली बार अपने माता-पिता के साथ गोरखपुर गई थी। उस दौरान मुख्यमंत्री ने उसे गोद में लेकर दुलार किया और चॉकलेट दी थी। तभी से बच्ची के मन में उनके लिए विशेष स्नेह है।
रामनवमी पर गोरखपुर जाने की जिद
रामनवमी के अवसर पर अभय सिंह अपने परिवार के साथ Gorakhnath Math दर्शन के लिए जाने वाले थे। जैसे ही यशस्वनी को इसका पता चला, उसने भी साथ चलने की जिद पकड़ ली। इतना ही नहीं, उसने यह भी कहा कि वह “बाबा जी” को गिफ्ट देगी। जब उससे पूछा गया कि क्या गिफ्ट दोगी, तो उसने तुरंत जवाब दिया—“बुलडोजर।”
“पहले आप आंखें बंद करिए…” और फिर सरप्राइज
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान जैसे ही यशस्वनी उनके सामने पहुंची, उन्होंने उसे अपने पास बुलाकर गोद में उठा लिया। बच्ची ने तुरंत कहा—“मैं आपके लिए गिफ्ट लाई हूं।” मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए पूछा—“क्या लाई हो?”इस पर बच्ची ने मासूमियत से कहा—“पहले आप आंखें बंद करिए…”
मुख्यमंत्री ने उसकी बात मान ली और आंखें बंद कर लीं। इसी बीच बच्ची दौड़कर सुरक्षाकर्मियों के पास गई और अपना खिलौना बुलडोजर लेकर आई। उसने चुपके से वह गिफ्ट मुख्यमंत्री के हाथ में रख दिया। जैसे ही मुख्यमंत्री ने आंखें खोलीं और बुलडोजर देखा, वह जोर से हंस पड़े। वहां मौजूद लोग भी इस दृश्य को देखकर मुस्कुरा उठे।
“आपका फेवरेट है” सुनकर फिर गूंजी हंसी
मुख्यमंत्री ने दुलार करते हुए पूछा—“बुलडोजर क्यों लाई?” इस पर बच्ची ने तुरंत जवाब दिया—“आपका फेवरेट है, इसलिए।” यह सुनते ही माहौल और भी खुशनुमा हो गया।
कन्या पूजन में भी शामिल हुई यशस्वनी
इस दौरान आयोजित कन्या पूजन कार्यक्रम में भी बच्ची शामिल रही। मुख्यमंत्री ने करीब 200 कन्याओं के पैर धोकर उनका सम्मान किया, जिसमें यशस्वनी भी शामिल थी। यह पल परिवार के लिए बेहद खास रहा।
कानपुर लौटते ही घर में छाई खुशी
गोरखपुर से लौटने के बाद जब यशस्वनी अपने कानपुर स्थित घर पहुंची, तो वह बार-बार उसी पल को दोहराती नजर आई। परिवार के लोग बताते हैं कि वह लगातार “बाबा जी” से मुलाकात की बातें कर रही है और बेहद खुश है।


