किशोरी को लग चुकी थी लत… शौक पूरा करने के लिए चुराया पिता का फोन, डांट पड़ी तो छोड़ दिया घर

किशोरी को लग चुकी थी लत… शौक पूरा करने के लिए चुराया पिता का फोन, डांट पड़ी तो छोड़ दिया घर

Delhi Crime News: सोशल मीडिया पर रील्स बनाने का क्रेज किशोरों के लिए किस कदर सिर चढ़कर बोल रहा है, इसका एक ताजा उदाहरण दिल्ली के बाराखंबा रोड इलाके में देखने को मिला। यहां एक 16 वर्षीय किशोरी ने रील्स बनाने के शौक को पूरा करने के लिए अपने पिता का मोबाइल ही चुरा लिया। जब पिता को इस चोरी का पता चला और उन्होंने बेटी को डांटा, तो आहत होकर किशोरी घर छोड़कर भाग गई। दिल्ली पुलिस ने तकनीकी जांच और सोशल मीडिया की मदद से किशोरी को सुरक्षित बरामद कर लिया है।

पुलिस जांच में सामने आया कि किशोरी रील्स बनाने की शौकीन थी और इसके लिए उसे एक अच्छे फोन की जरूरत थी। उसने चुपके से अपने पिता का मोबाइल चुराया और पहचान छिपाने के लिए पिता का सिम कार्ड निकालकर फेंक दिया। इसके बाद उसने फोन में दूसरा सिम डाल दिया। 8 मार्च को जब पिता ने मोबाइल गायब होने पर किशोरी को फटकार लगाई, तो वह उसी दिन घर से निकल गई।

इंस्टाग्राम मैसेज ने खोला राज

9 मार्च को बाराखंबा रोड थाने में मामला दर्ज होने के बाद थाना प्रभारी महावीर सिंह की टीम ने जांच तेज की। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि किशोरी मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन से ट्रेन पकड़कर राजौरी गार्डन की ओर गई थी। जांच के दौरान उपनिरीक्षक महावीर जोगी को तकनीकी सर्विलांस से पता चला कि किशोरी के मोबाइल से इंस्टाग्राम पर एक मैसेज किया गया है। इसी एक सुराग ने पुलिस को किशोरी के करीब पहुँचा दिया।

तिलक नगर से हुई सुरक्षित बरामदगी

इंस्टाग्राम मैसेज और सीसीटीवी कैमरों के विश्लेषण के आधार पर पुलिस टीम ने पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर स्थित विष्णु गार्डन इलाके में छापेमारी की। पुलिस ने किशोरी को वहाँ से सुरक्षित बरामद कर लिया। राहत की बात यह रही कि घर से बाहर रहने के दौरान किशोरी के साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। मेडिकल जांच के बाद किशोरी को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया गया और फिर परिजनों को सौंप दिया गया।

Delhi पुलिस की सतर्कता ने टाला बड़ा हादसा

बाराखंबा रोड पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी दक्षता के कारण किशोरी को समय रहते ढूंढ लिया गया। अक्सर ऐसे मामलों में बच्चे किसी असामाजिक तत्व के संपर्क में आ सकते हैं, लेकिन मेट्रो फुटेज और सोशल मीडिया की निगरानी ने इस मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई। पुलिस ने परिजनों को सलाह दी है कि बच्चों के सोशल मीडिया व्यवहार पर नजर रखें और उनके साथ संवादात्मक दृष्टिकोण अपनाएं।

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