गोपालगंज जिले की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को जीवंत करने वाले दो दिवसीय थावे महोत्सव का भव्य आगाज हो गया है। सुप्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर के समीप आयोजित इस महोत्सव का शुभारंभ आपदा प्रबंधन सह प्रभारी मंत्री नारायण प्रसाद ने दीप प्रज्वलित कर और शंखनाद के साथ किया। यह आयोजन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय कला और संस्कृति को एक बड़ा मंच प्रदान करता है। महोत्सव का उद्घाटन करते हुए आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद ने कहा कि थावे की धरती अत्यंत पवित्र है और यहां का इतिहास गौरवशाली रहा है। उन्होंने सरकारी स्तर पर पर्यटन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने पर जोर दिया। अपने संबोधन में मंत्री ने भ्रष्ट अधिकारियों पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि जो पदाधिकारी पैसे के लिए अपना धर्म और शिक्षा भी बेच देते हैं, उन्हें संभल जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अभी भी समय है, अन्यथा कई लोग गिरफ्तार होकर जेल में हैं। मुख्यमंत्री के इस्तीफे के सवाल पर उन्होंने पत्रकारों से कहा कि मुख्यमंत्री अभी इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने बताया कि 30 तारीख को जो चर्चा चल रही है, वह राज्यसभा चुनाव से संबंधित है। राज्यसभा चुनाव हुए 14 दिन हो गए हैं और इस्तीफा देने पर ही वह सीट राज्यसभा में रहेगी। उन्होंने कहा कि अभी प्रक्रिया चल रही है। निशांत कुमार के सीएम बनने की चर्चा पर उन्होंने कहा कि ऐसी चर्चाएं तो कई तरह की होती हैं, लेकिन मां थावे जिसको चाहेगी वही बनेगा। महोत्सव के दौरान जाने-माने लोक कलाकारों ने बिहार की माटी की खुशबू बिखेरते हुए गीतों और नृत्यों की प्रस्तुति दी। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर लोग झूमने को मजबूर हो गए। देर शाम आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी ओजस्वी वाणी और हास्य-व्यंग्य की रचनाओं से श्रोताओं को बांधे रखा। कविताओं के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार के साथ-साथ राष्ट्र प्रेम की भावना को भी जगाया गया। महोत्सव को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। गोपालगंज जिले की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को जीवंत करने वाले दो दिवसीय थावे महोत्सव का भव्य आगाज हो गया है। सुप्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर के समीप आयोजित इस महोत्सव का शुभारंभ आपदा प्रबंधन सह प्रभारी मंत्री नारायण प्रसाद ने दीप प्रज्वलित कर और शंखनाद के साथ किया। यह आयोजन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय कला और संस्कृति को एक बड़ा मंच प्रदान करता है। महोत्सव का उद्घाटन करते हुए आपदा प्रबंधन मंत्री नारायण प्रसाद ने कहा कि थावे की धरती अत्यंत पवित्र है और यहां का इतिहास गौरवशाली रहा है। उन्होंने सरकारी स्तर पर पर्यटन के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने पर जोर दिया। अपने संबोधन में मंत्री ने भ्रष्ट अधिकारियों पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि जो पदाधिकारी पैसे के लिए अपना धर्म और शिक्षा भी बेच देते हैं, उन्हें संभल जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अभी भी समय है, अन्यथा कई लोग गिरफ्तार होकर जेल में हैं। मुख्यमंत्री के इस्तीफे के सवाल पर उन्होंने पत्रकारों से कहा कि मुख्यमंत्री अभी इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने बताया कि 30 तारीख को जो चर्चा चल रही है, वह राज्यसभा चुनाव से संबंधित है। राज्यसभा चुनाव हुए 14 दिन हो गए हैं और इस्तीफा देने पर ही वह सीट राज्यसभा में रहेगी। उन्होंने कहा कि अभी प्रक्रिया चल रही है। निशांत कुमार के सीएम बनने की चर्चा पर उन्होंने कहा कि ऐसी चर्चाएं तो कई तरह की होती हैं, लेकिन मां थावे जिसको चाहेगी वही बनेगा। महोत्सव के दौरान जाने-माने लोक कलाकारों ने बिहार की माटी की खुशबू बिखेरते हुए गीतों और नृत्यों की प्रस्तुति दी। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर लोग झूमने को मजबूर हो गए। देर शाम आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी ओजस्वी वाणी और हास्य-व्यंग्य की रचनाओं से श्रोताओं को बांधे रखा। कविताओं के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार के साथ-साथ राष्ट्र प्रेम की भावना को भी जगाया गया। महोत्सव को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।


