बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा घोषित मैट्रिक (कक्षा 10वीं) परीक्षा 2026 के परिणाम में मधेपुरा के छात्र नवरत्न कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिला टॉपर बनने के साथ-साथ पूरे बिहार में छठा स्थान हासिल किया है। उन्होंने 500 में 485 अंक (97%) प्राप्त कर यह सफलता हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से जिलेभर में खुशी और गर्व का माहौल है। सेल्फ स्टडी से रचा सफलता का इतिहास नवरत्न कुमार की सफलता की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने बिना किसी बड़े कोचिंग संस्थान के सहारे घर पर रहकर सेल्फ स्टडी के माध्यम से पढ़ाई की। उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। यह उपलब्धि उन छात्रों के लिए भी प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों में रहकर बड़े सपने देखते हैं। मजदूर के बेटे ने बढ़ाया मान नवरत्न कुमार भतरंधा परमानंदपुर पंचायत के बलुआहा गांव के निवासी हैं। उनके पिता सुभाष यादव पेशे से मजदूर हैं, जबकि माता द्रोपदी देवी गृहिणी हैं। आर्थिक रूप से सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने उनकी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। माता-पिता के सहयोग और बेटे की मेहनत ने आज यह ऐतिहासिक सफलता दिलाई है। जिले में दूसरे और तीसरे स्थान पर भी शानदार प्रदर्शन मधेपुरा जिले में अन्य छात्रों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है। पारसमणि हाई स्कूल, बभनी के एक छात्र ने 477 अंक प्राप्त कर जिले में दूसरा स्थान हासिल किया है। वहीं केशव कन्या हाई स्कूल की छात्रा काजल कुमारी ने 476 अंक लाकर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इन छात्रों की सफलता से जिले का प्रदर्शन और भी मजबूत हुआ है। गांव से लेकर स्कूल तक जश्न का माहौल रिजल्ट जारी होते ही नवरत्न कुमार के गांव बलुआहा में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। विद्यालय में भी शिक्षकों और छात्रों के बीच उत्साह का माहौल है। मेहनत और लगन से मिली पहचान नवरत्न ने यह साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी बाधा सफलता के रास्ते में नहीं आ सकती। उनकी यह उपलब्धि जिले के अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा घोषित मैट्रिक (कक्षा 10वीं) परीक्षा 2026 के परिणाम में मधेपुरा के छात्र नवरत्न कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिला टॉपर बनने के साथ-साथ पूरे बिहार में छठा स्थान हासिल किया है। उन्होंने 500 में 485 अंक (97%) प्राप्त कर यह सफलता हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से जिलेभर में खुशी और गर्व का माहौल है। सेल्फ स्टडी से रचा सफलता का इतिहास नवरत्न कुमार की सफलता की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने बिना किसी बड़े कोचिंग संस्थान के सहारे घर पर रहकर सेल्फ स्टडी के माध्यम से पढ़ाई की। उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। यह उपलब्धि उन छात्रों के लिए भी प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों में रहकर बड़े सपने देखते हैं। मजदूर के बेटे ने बढ़ाया मान नवरत्न कुमार भतरंधा परमानंदपुर पंचायत के बलुआहा गांव के निवासी हैं। उनके पिता सुभाष यादव पेशे से मजदूर हैं, जबकि माता द्रोपदी देवी गृहिणी हैं। आर्थिक रूप से सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने उनकी पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। माता-पिता के सहयोग और बेटे की मेहनत ने आज यह ऐतिहासिक सफलता दिलाई है। जिले में दूसरे और तीसरे स्थान पर भी शानदार प्रदर्शन मधेपुरा जिले में अन्य छात्रों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है। पारसमणि हाई स्कूल, बभनी के एक छात्र ने 477 अंक प्राप्त कर जिले में दूसरा स्थान हासिल किया है। वहीं केशव कन्या हाई स्कूल की छात्रा काजल कुमारी ने 476 अंक लाकर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इन छात्रों की सफलता से जिले का प्रदर्शन और भी मजबूत हुआ है। गांव से लेकर स्कूल तक जश्न का माहौल रिजल्ट जारी होते ही नवरत्न कुमार के गांव बलुआहा में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। विद्यालय में भी शिक्षकों और छात्रों के बीच उत्साह का माहौल है। मेहनत और लगन से मिली पहचान नवरत्न ने यह साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी बाधा सफलता के रास्ते में नहीं आ सकती। उनकी यह उपलब्धि जिले के अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।


