Census 2026: जनगणना को इस बार नए और रोचक अंदाज में अंजाम दिया जाएगा। अब सिर्फ लोगों की संख्या नहीं, बल्कि घर की बारीक डिटेल भी जुटाई जाएंगी। जैसे शौचालय में वेस्टर्न सीट है या भारतीय शैली, कितने लोग मोबाइल का उपयोग करते हैं, खाना क्या खाते हैं… जैसी कई अहम जानकारियां दर्ज होंगी।
गणना के दौरान कुल 34 प्रकार की सूचनाएं जुटाई जाएंगी, जिनमें परिवार के सदस्यों की संख्या, शिक्षा, रोजगार, डिजिटल सुविधाएं और जीवन स्तर से जुड़ी जानकारी शामिल है। सरकार का उद्देश्य इस बार डेटा को और अधिक सटीक और उपयोगी बनाना है, ताकि योजनाएं जमीनी जरूरतों के अनुसार तैयार की जा सकें। यह सर्वे भविष्य की नीतियों और विकास योजनाओं की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
17 अप्रेल से नागरिक कर सकेंगे स्व-गणना
अभियान की शुरुआत 17 अप्रेल से स्व-गणना के रूप में होगी। नागरिक खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 2 मई से गणक घर- घर जाकर विवरण एकत्रित करेंगे। ग्वालियर में इसके लिए 6 हजार अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। साथ ही ऑपरेटरों की भर्ती भी की जा चुकी है।
जनगणना में इन प्रश्नों के देने होंगे जवाब
- मुखिया की जाति में सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग, एसटी/एसी दर्ज होगा। वर्ग के आधार पर भी जनसंख्या का आंकड़ा सामने आएगा।
- घर में कितनी सुख सुविधाएं मौजूद हैं। सदस्यों का टेलीफोन व मोबाइल नंबर भी लिया जाएगा।
- घर के मुखिया प्रकाश का मुख्य स्त्रोत, लैपटॉप कंम्प्यूटर टेलीफोन व मोबाइल की संख्या
- घर के संबंध में प्रश्न, परिवार के संबंधी, घर की बुनियादी जरूरत, घरेलू उपकरण, मकान नंबर आदि।
- मकान संख्या, परिवार संख्या, पेयजल का स्रोत
- घर की फर्स, पेयजल की उपलब्धता भी बतानी होगी।
- घर के छत की सामग्री , मुखिया का लिंग, शौचालय की सुलभता
- घर की स्थिति, मुखिया की जाति, शौचालय का प्रकार, दो पहिया वाहन
- स्वयं का या किराये का घर, स्नान घर की जानकारी भी देनी होगी।
- घर में कितने विवाहित लोग, रसोईघर की उपलब्धता, मोबाइल नंबर
- खाना पकाने का साधन, मुख्य अनाज भी बताना होगा ।
ये 1 चीज नहीं पूछेगा प्रशासन
अभी पूरी प्रक्रिया प्रशासनिक कार्यालयों में ट्रेनिंग-तैयारियों के तौर पर हो रही है। अप्रैल से हर घर दस्तक देना शुरू होगी। एसआइआर में साढ़े चार लाख मतदाताओं के नाम हटाए थे, जनगणना में सिर्फ 33 हजार को ही मृत श्रेणी में रखा जाएगा। जनगणना में बैकिंग की डिटेल नहीं मांगी जाएगी। जनधन खातों व यूपीआइ के तहत हर व्यक्ति की बैकिंगग डिटेल सरकार के पास है।


