महाराष्ट्र में प्री-मानसून गतिविधियों ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। मार्च में लंबे सूखे के बाद अब मौसम बदलने वाला है। सोमवार से राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाएं और गरज के साथ बारिश होने की उम्मीद है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) और निजी मौसम एजेंसी एजेंसी स्काइमेट (Skymet Weather) के अनुसार, यह बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों के कारण होगा, जिससे चिलचिलाती गर्मी से भी राहत मिलेगी।
इस वजह से बदला मौसम का मिजाज
स्काइमेट वेदर के अध्यक्ष जी.पी. शर्मा के मुताबिक, देश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में बन रहे मौसमीय सिस्टम इस बदलाव के पीछे मुख्य वजह हैं। उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश से मराठवाड़ा तक एक ट्रफ बनने की संभावना है। वहीं, तटीय कर्नाटक से दक्षिण मध्य महाराष्ट्र तक दूसरा सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है। इन प्रणालियों की वजह से वातावरण में नमी बढ़ेगी और गरज-चमक के साथ बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी।
विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में आंधी-बारिश की चेतावनी
सोमवार से विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की शुरुआत हो सकती है। हालांकि कोंकण और गोवा के इलाकों में हफ्ते की शुरुआत में सूखा रह सकता है, लेकिन बाद में सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी और रायगढ़ में बारिश होगी।
सोमवार से विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में छिटपुट हल्की बारिश शुरू होने के आसार हैं। कोंकण और गोवा में शुरुआत में मौसम शुष्क रह सकता है, लेकिन बाद में सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी और रायगढ़ में बारिश होगी। कोंकण के अलग-अलग हिस्सों में 31 मार्च से लेकर 2 या 3 अप्रैल के बीच बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। महाबलेश्वर जैसे पहाड़ी इलाकों में भी बारिश की संभावना जताई गई है।
3 अप्रैल तक बिजली गिरने और ओलावृष्टि का खतरा
आईएमडी के अनुसार, 31 मार्च से बारिश की तीव्रता बढ़ने की उम्मीद है। यह सिलसिला 2 या 3 अप्रैल तक जारी रह सकता है, जिससे राज्य के बड़े हिस्से में गरज-चमक और आंधी-तूफान के साथ बारिश होगी। इस दौरान तापमान में गिरावट आने से लोगों को बढ़ती गर्मी से राहत मिलेगी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई जिलों के लिए भी चेतावनी भी जारी की है। विभाग के अनुसार, कई जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है, जिससे किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम वैज्ञानिक एस.डी. सनप ने बताया कि कहा कि नमी के प्रवेश और ऊपरी स्तर की प्रणालियों के मजबूत होने के कारण अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं, जो मानसून पूर्व (Pre-Monsoon) की गतिविधियों में सहायक होंगी। उन्होंने बताया कि यह प्री-मानसून गतिविधियां आमतौर पर असमान और स्थानीय होती हैं, यानी एक इलाके में तेज बारिश हो सकती है जबकि पास के इलाके सूखे रह सकते हैं।
आईएमडी मुंबई (IMD Mumbai) द्वारा जारी जिला स्तर के पूर्वानुमान के अनुसार, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जैसे तटीय जिलों में सोमवार से हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक शुरू हो सकती है, जो 31 मार्च और 1 अप्रैल के बीच ज्यादा तीव्र हो सकती है। वहीं,नासिक, अहिल्यानगर और पुणे जैसे आंतरिक जिलों में भी 30 मार्च से गरज-चमक, बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। पुणे जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
आने वाले कुछ दिन महाराष्ट्र में मौसम के लिहाज से काफी अहम रहने वाले हैं। मराठवाड़ा और आसपास के जिलों जैसे सोलापुर, संभाजीनगर, जालना, परभणी, बीड, लातूर और धाराशिव में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। घाट क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ मौसम का असर और ज्यादा तीव्र हो सकता है। जबकि तटीय क्षेत्रों में 31 मार्च से 1 अप्रैल के बीच मौसम अधिक सक्रिय रहेगा।


