रांची यूनिवर्सिटी ने नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता पर सख्त रुख अपनाते हुए शनिवार को बड़ा फैसला लिया। कुलपति प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई एप्लीकेशन कमेटी की बैठक में 43 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता पर विचार किया गया, जिसमें 41 कॉलेजों को मानक के अनुरूप सुधार के निर्देश के साथ मान्यता दे दी गई। जबकि दो कॉलेजों की स्थिति इतनी खराब पाई गई कि यूनिवर्सिटी ने उनकी मान्यता पर फिलहाल रोक लगा दी। इन दोनों संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है, अन्यथा मान्यता रद्द करने की कार्रवाई तय मानी जा रही है। कॉलेज में शिक्षकों की संख्या भी कम यूनिवर्सिटी द्वारा गठित निरीक्षण टीम जब इन कॉलेजों की जांच के लिए पहुंची, तो स्थिति चौंकाने वाली रही। विश्मा इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एजुकेशन प्रोफेशनल स्टडी एंड रिसर्च सेंटर, अनगड़ा रांची पूरी तरह बंद मिला। टीम के सदस्यों ने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन प्रबंधन ने फोन तक रिसीव नहीं किया। वहीं झारखंड नर्सिंग कॉलेज, पुंदाग (रांची) में प्रबंधन मौजूद मिले लेकिन न शिक्षकों की संख्या कम थी। वहीं छात्र नहीं थे। प्रबंधन ने रसोई गैस की किल्लत के चलते स्टूडेंट्स अभी कैंपस में नहीं हैं। दोनों कॉलेजों को नोटिस जारी 3 दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट कर दिया है कि कागजों पर नहीं, जमीन पर चलने वाले संस्थान ही मान्य होंगे। रांची यूनिवर्सिटी ने नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता पर सख्त रुख अपनाते हुए शनिवार को बड़ा फैसला लिया। कुलपति प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई एप्लीकेशन कमेटी की बैठक में 43 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता पर विचार किया गया, जिसमें 41 कॉलेजों को मानक के अनुरूप सुधार के निर्देश के साथ मान्यता दे दी गई। जबकि दो कॉलेजों की स्थिति इतनी खराब पाई गई कि यूनिवर्सिटी ने उनकी मान्यता पर फिलहाल रोक लगा दी। इन दोनों संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है, अन्यथा मान्यता रद्द करने की कार्रवाई तय मानी जा रही है। कॉलेज में शिक्षकों की संख्या भी कम यूनिवर्सिटी द्वारा गठित निरीक्षण टीम जब इन कॉलेजों की जांच के लिए पहुंची, तो स्थिति चौंकाने वाली रही। विश्मा इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एजुकेशन प्रोफेशनल स्टडी एंड रिसर्च सेंटर, अनगड़ा रांची पूरी तरह बंद मिला। टीम के सदस्यों ने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन प्रबंधन ने फोन तक रिसीव नहीं किया। वहीं झारखंड नर्सिंग कॉलेज, पुंदाग (रांची) में प्रबंधन मौजूद मिले लेकिन न शिक्षकों की संख्या कम थी। वहीं छात्र नहीं थे। प्रबंधन ने रसोई गैस की किल्लत के चलते स्टूडेंट्स अभी कैंपस में नहीं हैं। दोनों कॉलेजों को नोटिस जारी 3 दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट कर दिया है कि कागजों पर नहीं, जमीन पर चलने वाले संस्थान ही मान्य होंगे।


