बैग-लेस डे पर बच्चे बायोडायवर्सिटी पार्क घूमें:किशनगंज के स्कूली बच्चों को मिला प्रकृति से जुड़ने का मौका

बैग-लेस डे पर बच्चे बायोडायवर्सिटी पार्क घूमें:किशनगंज के स्कूली बच्चों को मिला प्रकृति से जुड़ने का मौका

अररिया जिले के कुसियारगांव स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क में किशनगंज के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय काशीबाड़ी के बच्चों ने बैग-लेस डे पर भ्रमण किया। विद्यालय के प्रधान शिक्षक मो. आफ़ताब फिरोज़ ने अपने निजी खर्च पर बच्चों को यह भ्रमण कराया, जिसका उद्देश्य उन्हें किताबी ज्ञान से परे प्रकृति से जोड़ना था। पेड़-पौधों की प्रजातियों के बारे में जानकारी ली एनएच-57 के निकट स्थित इस जैव विविधता उद्यान में बच्चों ने पेड़-पौधों, विभिन्न प्रजातियों की वनस्पतियों और जैव विविधता के बारे में जानकारी प्राप्त की। भ्रमण के दौरान बच्चों में अपार उत्साह और खुशी देखी गई। उन्होंने न केवल प्रकृति को करीब से समझा, बल्कि पार्क में खेल-कूद का भी आनंद लिया। इस भ्रमण में विद्यालय के प्रधानाध्यापक, सभी शिक्षकगण और स्कूल सचिव भी बच्चों के साथ रहे। पार्क भ्रमण समाप्त होने के बाद बच्चों ने सामूहिक रूप से भोजन किया और फिर स्कूल वापस लौटे। बस यात्रा के दौरान बच्चों ने अंताक्षरी और अन्य मजेदार खेल खेलकर पूरे सफर का आनंद उठाया। विद्यालय शिक्षा समिति की सचिव खुशनदी प्रवीण ने इस अवसर पर प्रधान शिक्षक मो. आफ़ताब फिरोज़ के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि विद्यालय में लगातार सकारात्मक परिवर्तन आ रहे हैं, जिसमें विद्यालय शिक्षा समिति (VSS) का पूर्ण सहयोग प्राप्त है। शिक्षिकाओं शगुफ्ता जूही, सोफिया शरवत, स्विटी कुमारी, बाल संसद की प्रधानमंत्री साकिया प्रवीण और ईको क्लब की अध्यक्ष नेहा प्रवीण ने भी प्रधान शिक्षक के प्रयासों की प्रशंसा की। यह भ्रमण मात्र एक शैक्षणिक दौरा नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सराहनीय कदम साबित हुआ। इससे यह संदेश मिला कि शिक्षा केवल किताबों और कक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति से जुड़कर बच्चों में पर्यावरण संरक्षण की भावना, जिज्ञासा और खुशहाल जीवनशैली विकसित की जा सकती है। ऐसे प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों के लिए एक मिसाल बन सकते हैं। अररिया जिले के कुसियारगांव स्थित बायोडायवर्सिटी पार्क में किशनगंज के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय काशीबाड़ी के बच्चों ने बैग-लेस डे पर भ्रमण किया। विद्यालय के प्रधान शिक्षक मो. आफ़ताब फिरोज़ ने अपने निजी खर्च पर बच्चों को यह भ्रमण कराया, जिसका उद्देश्य उन्हें किताबी ज्ञान से परे प्रकृति से जोड़ना था। पेड़-पौधों की प्रजातियों के बारे में जानकारी ली एनएच-57 के निकट स्थित इस जैव विविधता उद्यान में बच्चों ने पेड़-पौधों, विभिन्न प्रजातियों की वनस्पतियों और जैव विविधता के बारे में जानकारी प्राप्त की। भ्रमण के दौरान बच्चों में अपार उत्साह और खुशी देखी गई। उन्होंने न केवल प्रकृति को करीब से समझा, बल्कि पार्क में खेल-कूद का भी आनंद लिया। इस भ्रमण में विद्यालय के प्रधानाध्यापक, सभी शिक्षकगण और स्कूल सचिव भी बच्चों के साथ रहे। पार्क भ्रमण समाप्त होने के बाद बच्चों ने सामूहिक रूप से भोजन किया और फिर स्कूल वापस लौटे। बस यात्रा के दौरान बच्चों ने अंताक्षरी और अन्य मजेदार खेल खेलकर पूरे सफर का आनंद उठाया। विद्यालय शिक्षा समिति की सचिव खुशनदी प्रवीण ने इस अवसर पर प्रधान शिक्षक मो. आफ़ताब फिरोज़ के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि विद्यालय में लगातार सकारात्मक परिवर्तन आ रहे हैं, जिसमें विद्यालय शिक्षा समिति (VSS) का पूर्ण सहयोग प्राप्त है। शिक्षिकाओं शगुफ्ता जूही, सोफिया शरवत, स्विटी कुमारी, बाल संसद की प्रधानमंत्री साकिया प्रवीण और ईको क्लब की अध्यक्ष नेहा प्रवीण ने भी प्रधान शिक्षक के प्रयासों की प्रशंसा की। यह भ्रमण मात्र एक शैक्षणिक दौरा नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सराहनीय कदम साबित हुआ। इससे यह संदेश मिला कि शिक्षा केवल किताबों और कक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति से जुड़कर बच्चों में पर्यावरण संरक्षण की भावना, जिज्ञासा और खुशहाल जीवनशैली विकसित की जा सकती है। ऐसे प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों के लिए एक मिसाल बन सकते हैं।  

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