खैरथल-तिजारा जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र व्यास ने नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 साल की सजा सुनाई है। आरोपी ने अपहरण कर किया था दुष्कर्म सरकारी वकील रामजस यादव ने बताया- मामला कोटकासिम थाने का है। पीड़िता के पिता ने 1 नवंबर 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 13 वर्षीय नाबालिग पीड़िता ने बयान में बताया- आरोपी तेजप्रताप ने उसे अपहरण कर एक फ्लैट पर ले जाकर दुष्कर्म किया। उसी दौरान दूसरे आरोपी गौरव ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपियों ने पीड़िता और उसके परिजनों को जान से मारने व अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी दी, जिससे वह डर गई। 20 अक्टूबर को फिर किया दुष्कर्म इसके बाद 20 अक्टूबर 2024 को तेजप्रताप ने फिर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता को जबरन कार में बिठाया। कार सीताराम उर्फ सितो चला रहा था। आरोपी उसे रेवाड़ी के एक होटल ले गया,जहां तेजप्रताप ने उसके साथ फिर जबरन दुष्कर्म किया। पुलिस ने जांच कर चार्जशीट दाखिल की पुलिस ने मामले की बारिकी से जांच की। सभी तथ्यों के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। मामले की सुनवाई शुरू में विशिष्ट पॉक्सो कोर्ट संख्या-4,अलवर में चल रही थी। बाद में खैरथल जिले के नए गठन के बाद फाइनल आर्ग्युमेंट के समय यह मामला खैरथल-तिजारा ट्रांसफर हो गया। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से 23 गवाहों की परीक्षा की गई और 60 दस्तावेजों व 4 आर्टिकल्स को पेश किया गया। दोनों पक्षों को पर्याप्त सुनवाई का मौका देने के बाद कोर्ट ने तीनों को दोषी ठहराया। तीनों दोषियों को 20 साल की सजा और जुर्माना लगा कोर्ट ने दोषी तेजप्रताप को 20 साल की सजा और 1,80,000 रुपए जुर्माना लगाया है। दोषी गौरव को भी 20 साल की सजा और 1,30,000 रुपए जुर्माना लगाया है, वहीं दोषी सीताराम उर्फ सितो को 20 साल की सजा और 5,0000 रुपए का जुर्माना लगाया है। पीड़िता को 5 लाख मुआवजा मिलेगा कोर्ट ने पीड़िता को 5 लाख रुपए मुआवजे के रूप में 30 जिला विधिक प्राधिकरण से दिलवाने की अनुशंसा भी की है। मामले में कोर्ट के समक्ष 23 गवाह, दस्तावेज 60 और 4 आर्टिकल पेश किए गए।


