दरभंगा विधायक का गाली देते ऑडियो वायरल:मुरारी मोहन झा बोले- पुराना ऑडियो है, फंसाने के लिए बिल्डर साजिश कर रहा

दरभंगा विधायक का गाली देते ऑडियो वायरल:मुरारी मोहन झा बोले- पुराना ऑडियो है, फंसाने के लिए बिल्डर साजिश कर रहा

दरभंगा के केवटी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा का एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें वे एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के सेल्स मैनेजर से फोन पर बातचीत के दौरान धमकी देते और गाली का इस्तेमाल करते सुनाई दे रहे हैं। विधायक की सफाई- “ऑडियो पुराना, बिल्डर कर रहा साजिश” केवटी विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा ने वायरल ऑडियो को 4 महीने पुराना बताते हुए कहा कि इसे जानबूझकर अभी वायरल किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित बिल्डर हाल ही में उनके आवास पर भी आया था और दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था। विवाद प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज के समर्थन को लेकर शुरू हुआ। इस मामले में संबंधित व्यापारी शंभू एम झा का कहना है कि 4 दिन पहले उन्होंने लेटर लिखकर विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। जबकि, विधायक के कंपनी के खिलाफ 8 दिन पहले एफआईआर दर्ज कराई है। जिसमें कहा है कि मेरे साथ साजिश रची जा रही है और पत्नी का जाली साइन किया गया। विधायक के अनुसार, AV सिग्नेचर प्रोजेक्ट को लेकर उनका बिल्डर के साथ 2021 में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट हुआ था, जिसमें 35 फ्लैट उनके हिस्से में और 60 फ्लैट बिल्डर के हिस्से में तय थे। उनका आरोप है कि बिल्डर ने अपने सभी फ्लैट बेच दिए, लेकिन उनके हिस्से के फ्लैट अधूरे छोड़ दिए गए। घटिया निर्माण-सुविधाओं की कमी का आरोप डॉ. झा ने कहा कि फ्लैट में बुनियादी सुविधाएं तक पूरी नहीं हैं।बाथरूम, किचन और वायरिंग अधूरी है। घटिया लिफ्ट लगा दिया गया। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता खराब है। स्विमिंग पूल तक नहीं बनाया गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में नगर निगम की ओर से कंप्लीशन सर्टिफिकेट कैसे जारी कर दिया गया और इसकी जांच होनी चाहिए। 70 लाख की मांग और एग्रीमेंट उल्लंघन का दावा विधायक ने आरोप लगाया कि बिल्डर अब प्रति फ्लैट 2 लाख रुपये के हिसाब से करीब 70 लाख रुपये या दो अतिरिक्त 2 फ्लैट की मांग कर रहा है, जबकि एग्रीमेंट में इसका कोई जिक्र नहीं है। उन्होंने कहा कि तय समय पर फ्लैट नहीं मिलने पर हर महीने 25 हजार रुपये देने का प्रावधान भी था, जिसे नहीं दिया गया। धमकी और राजनीतिक दबाव के आरोप विधायक ने दावा किया कि बिल्डर ने उन्हें धमकी दी कि उसके महाराष्ट्र के बड़े नेताओं से संबंध हैं और वह उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते। साथ ही 2025 विधानसभा चुनाव में जनसुराज को समर्थन देकर हराने की बात भी कही गई। डॉ. झा ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी के नाम से फर्जी लेटरपैड और हस्ताक्षर तैयार कर फाइल में लगाकर नगर निगम को दिया गया। इस मामले में उन्होंने नगर थाना में एफआईआर दर्ज कराई है और न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट कहा, “अब मामला कानून में है, कोई समझौता नहीं होगा।” कंपनी का पलटवार- “विधायक करते थे गाली-गलौज” AV सिग्नेचर प्रोजेक्ट से जुड़े कंपनी के सेल्स मैनेजर सुमन कुमार चौधरी ने विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, 29 जनवरी को विधायक ने फोन पर गाली-गलौज की और धमकी दी।विधायक कई बार समर्थकों के साथ साइट पर आए। स्टाफ पर फ्लैट देने का दबाव बनाया। कभी 2 तो कभी 5 फ्लैट की मांग की ।“हम छोटे कर्मचारी हैं, डर के कारण कुछ नहीं बोल पाते थे” विधायक और कंपनी के मालिक के बीच क्या समझौता हुआ था, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। क्योंकि कंपनी के ऑनर फिलहाल मुंबई में हैं। नगर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि अभी तक मेरे पास AV सिग्नेचर की तरफ से कोई आवेदन नहीं मिला हुआ है। इसके पहले केवटी के विधायक डॉ मुरारी मोहन झा की ओर से एवी सिग्नेचर के खिलाफ नगर थाना में 4 दिन पहले एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जिसका कांड संख्या 63/26 है। पुलिस इस मामले में कार्रवाई में जुटी है। दरभंगा के केवटी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा का एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें वे एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के सेल्स मैनेजर से फोन पर बातचीत के दौरान धमकी देते और गाली का इस्तेमाल करते सुनाई दे रहे हैं। विधायक की सफाई- “ऑडियो पुराना, बिल्डर कर रहा साजिश” केवटी विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा ने वायरल ऑडियो को 4 महीने पुराना बताते हुए कहा कि इसे जानबूझकर अभी वायरल किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित बिल्डर हाल ही में उनके आवास पर भी आया था और दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था। विवाद प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज के समर्थन को लेकर शुरू हुआ। इस मामले में संबंधित व्यापारी शंभू एम झा का कहना है कि 4 दिन पहले उन्होंने लेटर लिखकर विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। जबकि, विधायक के कंपनी के खिलाफ 8 दिन पहले एफआईआर दर्ज कराई है। जिसमें कहा है कि मेरे साथ साजिश रची जा रही है और पत्नी का जाली साइन किया गया। विधायक के अनुसार, AV सिग्नेचर प्रोजेक्ट को लेकर उनका बिल्डर के साथ 2021 में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट हुआ था, जिसमें 35 फ्लैट उनके हिस्से में और 60 फ्लैट बिल्डर के हिस्से में तय थे। उनका आरोप है कि बिल्डर ने अपने सभी फ्लैट बेच दिए, लेकिन उनके हिस्से के फ्लैट अधूरे छोड़ दिए गए। घटिया निर्माण-सुविधाओं की कमी का आरोप डॉ. झा ने कहा कि फ्लैट में बुनियादी सुविधाएं तक पूरी नहीं हैं।बाथरूम, किचन और वायरिंग अधूरी है। घटिया लिफ्ट लगा दिया गया। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता खराब है। स्विमिंग पूल तक नहीं बनाया गया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में नगर निगम की ओर से कंप्लीशन सर्टिफिकेट कैसे जारी कर दिया गया और इसकी जांच होनी चाहिए। 70 लाख की मांग और एग्रीमेंट उल्लंघन का दावा विधायक ने आरोप लगाया कि बिल्डर अब प्रति फ्लैट 2 लाख रुपये के हिसाब से करीब 70 लाख रुपये या दो अतिरिक्त 2 फ्लैट की मांग कर रहा है, जबकि एग्रीमेंट में इसका कोई जिक्र नहीं है। उन्होंने कहा कि तय समय पर फ्लैट नहीं मिलने पर हर महीने 25 हजार रुपये देने का प्रावधान भी था, जिसे नहीं दिया गया। धमकी और राजनीतिक दबाव के आरोप विधायक ने दावा किया कि बिल्डर ने उन्हें धमकी दी कि उसके महाराष्ट्र के बड़े नेताओं से संबंध हैं और वह उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते। साथ ही 2025 विधानसभा चुनाव में जनसुराज को समर्थन देकर हराने की बात भी कही गई। डॉ. झा ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी के नाम से फर्जी लेटरपैड और हस्ताक्षर तैयार कर फाइल में लगाकर नगर निगम को दिया गया। इस मामले में उन्होंने नगर थाना में एफआईआर दर्ज कराई है और न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट कहा, “अब मामला कानून में है, कोई समझौता नहीं होगा।” कंपनी का पलटवार- “विधायक करते थे गाली-गलौज” AV सिग्नेचर प्रोजेक्ट से जुड़े कंपनी के सेल्स मैनेजर सुमन कुमार चौधरी ने विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, 29 जनवरी को विधायक ने फोन पर गाली-गलौज की और धमकी दी।विधायक कई बार समर्थकों के साथ साइट पर आए। स्टाफ पर फ्लैट देने का दबाव बनाया। कभी 2 तो कभी 5 फ्लैट की मांग की ।“हम छोटे कर्मचारी हैं, डर के कारण कुछ नहीं बोल पाते थे” विधायक और कंपनी के मालिक के बीच क्या समझौता हुआ था, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। क्योंकि कंपनी के ऑनर फिलहाल मुंबई में हैं। नगर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि अभी तक मेरे पास AV सिग्नेचर की तरफ से कोई आवेदन नहीं मिला हुआ है। इसके पहले केवटी के विधायक डॉ मुरारी मोहन झा की ओर से एवी सिग्नेचर के खिलाफ नगर थाना में 4 दिन पहले एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जिसका कांड संख्या 63/26 है। पुलिस इस मामले में कार्रवाई में जुटी है।  

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