निशांत कुमार नीतीश के उत्तराधिकारी-पूर्व सांसद:कहा-जदयू उन्हें सक्रिय राजनीति में लाए, पूर्ण अधिकार और जिम्मेदारी सौंपे

निशांत कुमार नीतीश के उत्तराधिकारी-पूर्व सांसद:कहा-जदयू उन्हें सक्रिय राजनीति में लाए, पूर्ण अधिकार और जिम्मेदारी सौंपे

पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह ने शनिवार को सहरसा स्थित अपने आवास पर प्रेस वार्ता किया। इस दौरान उन्होंने राज्य और केंद्र की राजनीति पर अपने विचार रखे। उन्होंने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं पर सवाल उठाते हुए स्पष्टता की मांग की। सम्राट चौधरी को बताया बेहतर विकल्प आनंद मोहन ने कहा कि यदि भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री बनाया जाना है, तो पिछड़े और आक्रोशित वर्गों को ध्यान में रखते हुए लव-कुश समाज से किसी मजबूत चेहरे को आगे लाना चाहिए। उन्होंने सम्राट चौधरी को इस वर्ग का बेहतर विकल्प बताया। उन्होंने उपमुख्यमंत्री पद पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि इसका अर्थ ‘चुप मुख्यमंत्री’ जैसा हो जाता है, जहां शक्ति और निर्णय क्षमता सीमित रहती है। जदयू के भविष्य को लेकर आनंद मोहन ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं और युवाओं की आकांक्षा है कि निशांत कुमार को सक्रिय राजनीति में लाया जाए। उनका मानना है कि यदि नीतीश कुमार अपनी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो निशांत को पूर्ण अधिकार और जिम्मेदारी के साथ नेतृत्व सौंपना चाहिए। निशांत के आने से युवाओं को मिलेगी नई ऊर्जा आनंद मोहन ने आगे कहा कि ऐसा कदम युवाओं में नई ऊर्जा और उम्मीद जगाएगा, जिससे जदयू संगठन और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि नीतीश कुमार को अपने कार्यकाल और भविष्य की भूमिका को लेकर समयसीमा स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि जनता और कार्यकर्ताओं के बीच किसी तरह की असमंजस की स्थिति न रहे। पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह ने शनिवार को सहरसा स्थित अपने आवास पर प्रेस वार्ता किया। इस दौरान उन्होंने राज्य और केंद्र की राजनीति पर अपने विचार रखे। उन्होंने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं पर सवाल उठाते हुए स्पष्टता की मांग की। सम्राट चौधरी को बताया बेहतर विकल्प आनंद मोहन ने कहा कि यदि भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री बनाया जाना है, तो पिछड़े और आक्रोशित वर्गों को ध्यान में रखते हुए लव-कुश समाज से किसी मजबूत चेहरे को आगे लाना चाहिए। उन्होंने सम्राट चौधरी को इस वर्ग का बेहतर विकल्प बताया। उन्होंने उपमुख्यमंत्री पद पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि इसका अर्थ ‘चुप मुख्यमंत्री’ जैसा हो जाता है, जहां शक्ति और निर्णय क्षमता सीमित रहती है। जदयू के भविष्य को लेकर आनंद मोहन ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं और युवाओं की आकांक्षा है कि निशांत कुमार को सक्रिय राजनीति में लाया जाए। उनका मानना है कि यदि नीतीश कुमार अपनी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो निशांत को पूर्ण अधिकार और जिम्मेदारी के साथ नेतृत्व सौंपना चाहिए। निशांत के आने से युवाओं को मिलेगी नई ऊर्जा आनंद मोहन ने आगे कहा कि ऐसा कदम युवाओं में नई ऊर्जा और उम्मीद जगाएगा, जिससे जदयू संगठन और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि नीतीश कुमार को अपने कार्यकाल और भविष्य की भूमिका को लेकर समयसीमा स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि जनता और कार्यकर्ताओं के बीच किसी तरह की असमंजस की स्थिति न रहे।  

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