‘हम भारत की नारी हैं, फूल नहीं चिंगारी हैं’:अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला शिक्षण केंद्र में कार्यक्रम, डीएम ने किया उद्घाटन

‘हम भारत की नारी हैं, फूल नहीं चिंगारी हैं’:अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिला शिक्षण केंद्र में कार्यक्रम, डीएम ने किया उद्घाटन

शेखपुरा। शनिवार को डीएम शेखर आनंद ने मारिया आश्रम स्थित महिला शिक्षण केंद्र में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर डीएम ने नारी शक्ति के सम्मान और समाज में उनके योगदान पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम की शुरुआत में मारिया आश्रम प्रबंधन ने जिला पदाधिकारी का भव्य स्वागत किया। उन्हें ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान के प्रतीक स्वरूप पौधा और शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। मारिया आश्रम के बच्चों ने अपनी कला, गीत-संगीत और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया। उन्होंने “हम भारत की नारी हैं, फूल नहीं चिंगारी हैं” जैसे नारों से महिला सशक्तिकरण का शंखनाद किया। कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ “बेटी नहीं बचाओगे तो दुल्हन कहाँ से लाओगे” और “अनदेखी बिटिया करे पुकार, मत करो भ्रूण हत्या, अत्याचार” जैसे भावुक संदेशों के जरिए लोगों को जागरूक किया गया। सशक्तिकरण के साथ-साथ आर्थिक स्वावलंबन पर भी कार्यक्रम में चर्चा हुई। नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से बेरोजगारी की समस्या को प्रभावी ढंग से उठाया गया। स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा देने के लिए “चीनी मिल चालू करने” जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रदर्शन के जरिए ध्यान आकर्षित किया गया, ताकि युवाओं और महिलाओं को घर के पास ही काम मिल सके। इस अवसर पर मारिया आश्रम के प्रिंसिपल, शिक्षकगण, बड़ी संख्या में बच्चे और समाज के बुजुर्ग उपस्थित थे। डीएम ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना की और महिलाओं के उत्थान के लिए शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताया। महिला सशक्तिकरण, भ्रूण हत्या पर रोक लगे और रोजगार भी मिले। उन्होंने कहा कि सभी प्रतियोगिता परीक्षा में 35 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को सरकार के द्वारा दिया जा रहा है और सभी प्रतियोगिता परीक्षा में बढ़ चढ़ कर महिलाएं भाग ले रही है। महिलाएं अपने अपने कर्तव्यों को सही निर्वहन भी कर रही है। शेखपुरा। शनिवार को डीएम शेखर आनंद ने मारिया आश्रम स्थित महिला शिक्षण केंद्र में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर डीएम ने नारी शक्ति के सम्मान और समाज में उनके योगदान पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम की शुरुआत में मारिया आश्रम प्रबंधन ने जिला पदाधिकारी का भव्य स्वागत किया। उन्हें ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान के प्रतीक स्वरूप पौधा और शाल भेंट कर सम्मानित किया गया। मारिया आश्रम के बच्चों ने अपनी कला, गीत-संगीत और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया। उन्होंने “हम भारत की नारी हैं, फूल नहीं चिंगारी हैं” जैसे नारों से महिला सशक्तिकरण का शंखनाद किया। कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ “बेटी नहीं बचाओगे तो दुल्हन कहाँ से लाओगे” और “अनदेखी बिटिया करे पुकार, मत करो भ्रूण हत्या, अत्याचार” जैसे भावुक संदेशों के जरिए लोगों को जागरूक किया गया। सशक्तिकरण के साथ-साथ आर्थिक स्वावलंबन पर भी कार्यक्रम में चर्चा हुई। नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से बेरोजगारी की समस्या को प्रभावी ढंग से उठाया गया। स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा देने के लिए “चीनी मिल चालू करने” जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी प्रदर्शन के जरिए ध्यान आकर्षित किया गया, ताकि युवाओं और महिलाओं को घर के पास ही काम मिल सके। इस अवसर पर मारिया आश्रम के प्रिंसिपल, शिक्षकगण, बड़ी संख्या में बच्चे और समाज के बुजुर्ग उपस्थित थे। डीएम ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना की और महिलाओं के उत्थान के लिए शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताया। महिला सशक्तिकरण, भ्रूण हत्या पर रोक लगे और रोजगार भी मिले। उन्होंने कहा कि सभी प्रतियोगिता परीक्षा में 35 प्रतिशत आरक्षण महिलाओं को सरकार के द्वारा दिया जा रहा है और सभी प्रतियोगिता परीक्षा में बढ़ चढ़ कर महिलाएं भाग ले रही है। महिलाएं अपने अपने कर्तव्यों को सही निर्वहन भी कर रही है।  

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