आईपीएल 2026 में दिल्ली कैपिटल्स खिताब का सूखा खत्म करने के लिए उतरेगी। टीम 2008 से ही लीग का हिस्सा है लेकिन एक बार भी खिताब नहीं जीत पाई है। दिल्ली डेयरडेविल्स से दिल्ली कैपिटल्स तक का सफर बेहद रोमांचक रहा। टीम 18 सीजन में केवल एक बार फाइनल खेल पाई है। 2020 में उसे मुंबई इंडियंस से हार का सामना करना पड़ा था।
आईपीएल के 19वें सीजन में अक्षर पटेल की अगुवाई में दिल्ली कैपिटल्स उम्मीद करेगी कि वह इस साल 18 साल का सूखा खत्म करे। अक्षर पिछले सीजन भी टीम के कप्तान थे। शुरुआत में टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन किया लेकिन बाद में टीम प्लेऑफ तक में नहीं पहुंच पाई। दिल्ली कैपिटल्स के टीम मैनेजमेंट को अनावश्यक प्रयोग से बचना होगा।
दिल्ली कैपिटल्स की ताकत
दिल्ली कैपिटल्स की ताकत की बात करें तो बेन डकेट ने आईपीएल के इस सीजन से नाम वापस ले लिया है लेकिन इसके बाद भी टीम के पास पृथ्वी शॉ, केएल राहुल और पथुम निसांका जैसे ओपनिंग बल्लेबाज के विकल्प हैं। मध्यक्रम में ट्रिस्टन स्टब्स, आशुतोष शर्मा और डेविड मिलर जैसे खिलाड़ी हैं। लुंगी एनगिडी, कुलदीप यादव और आकिब नबी जैसे गेंदबाज हैं। ऑलराउंडर अक्षर पटेल और प्रिंस यादव जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम और संतुलित दिखाई देती है।
दिल्ली कैपिटल्स की कमजोरी
वहीं कमजोरी की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क की मौजूदगी पर अभी भी संशय है। स्टार्क जैसे गेंदबाज का न होना दिल्ली के लिए चिंता का विषय है। दिल्ली पिछले सीजन पहले 7 में केवल दो मैच हारी थी। इसके बाद भी प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाई थी। लगातार 4 मैच जीतने के बाद भी बदलाव के कारण संतुलित प्लेइंग 11 नहीं बन पाया।


