होर्मुज स्टेट से होते हुए भारत आ रहे हैं पेट्रोल से भरे दो जहाज, सुरक्षा के लिए इंडियन नेवी तैनात

होर्मुज स्टेट से होते हुए भारत आ रहे हैं पेट्रोल से भरे दो जहाज, सुरक्षा के लिए इंडियन नेवी तैनात

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक तेल आपूर्ति पर खतरे की आशंका बनी हुई है। जंग के चलते ईरान ने हॉर्मूर्ज स्टेट बंद कर दिया है जिसके चलते दुनियाभर में गैस और तेल की परेशानी पैदा हो गई है। हॉर्मुज स्टेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक माना जाता है। हालांकि इस संकट की परिस्थिति में भारत के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। इसके अनुसार भारत के लिए पेट्रोलियम उत्पाद लेकर आ रहे दो मर्चेन्ट नेवी के जहाज इस रास्ते को पार कर रहे है। इससे संकेत मिलता है कि भारत की ऊर्जा आपूर्ति फिलहाल स्थिर बनी हुई है और सरकार स्थिति पर करीबी नजर रख रही है।

इंडियन नेवी ने अपने युद्धपोत तैनात किए

युद्ध की स्थिति को देखते हुए भारतीय नौसेना भी पूरे अलर्ट पर है। इन जहाजों को अंतराष्ट्रिय समुंद्र से सुरक्षित निकालकर भारत पहुंचाने की भारतीय नौसेना ने पूरी तैयारी कर ली है। किसी भी तरह की परिस्थिति में इन पेट्रोल से भरे जहाजों को सुरक्षित रखने के लिए इंडियन नेवी ने अपने युद्धपोत तैनात कर दिए है। जानकारी के अनुसार इन दो जहाजों के बाद आने वाले दिनों में और जहाजों के इस मार्ग से होकर भारत आने की संभावना जताई जा रही है।

सरकार ने स्थिति पर लगातार नजर बनाई हुई

यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है, जहां किसी भी तरह की बाधा से अंतरराष्ट्रीय बाजार पर असर पड़ सकता है। भारत के लिए यह सकारात्मक संकेत है कि मौजूदा हालात के बावजूद तेल आपूर्ति बनी हुई है और सप्लाई चेन बाधित नहीं हुई है। पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (MoPSW) के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सरकार विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर हालात पर लगातार नजर रख रही है। साथ ही भारतीय ध्वज वाले जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज के साथ कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई है, जिससे स्थिति नियंत्रण में होने का संकेत मिलता है।

विदेश मंत्रालयन ने दिया बयान

विदेश मंत्रालय (MEA) ने भी स्पष्ट किया है कि भारत पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और वैश्विक साझेदारों के साथ समन्वय कर रहा है। सरकार ने सुरक्षित और निर्बाध समुद्री परिवहन सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए इस तरह की रणनीतिक सतर्कता जरूरी है। साथ ही हाल ही में एलपीजी लेकर आने वाले चार भारतीय जहाजों का सुरक्षित रूप से इस मार्ग को पार करना भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

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