बाबा बैद्यनाथ मंदिर की दानपेटी में मिली पाकिस्तानी करेंसी:सुरक्षा पर उठे सवाल, सांसद-पुरोहित ने NIA जांच की मांगी

बाबा बैद्यनाथ मंदिर की दानपेटी में मिली पाकिस्तानी करेंसी:सुरक्षा पर उठे सवाल, सांसद-पुरोहित ने NIA जांच की मांगी

देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 25 मार्च को मंदिर की 18 दान पेटियां खोली गईं, जिनमें कुल 32 लाख 14 हजार 245 रुपए की राशि मिली। इस दान राशि के बीच पाकिस्तान की 100 रुपेए की करेंसी मिलने से हड़कंप मच गया है और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस पूरे मामले पर गोड्डा लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे चल रही है। सांसद ने बताया कि वर्ष 2019 से 2026 तक मंदिर प्रबंधन को लेकर कोई ठोस बैठक नहीं हुई है, जिससे कई अहम मुद्दे लंबित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि श्राइन बोर्ड के ट्रस्टी होने के बावजूद उन्हें मंदिर के अंदर चल रही गतिविधियों की जानकारी नहीं दी जाती है, जो गंभीर चिंता का विषय है। वहीं, मंदिर के पुरोहित और अखिल भारतीय तीर्थपुरोहित महासभा के संरक्षक दुर्लभ मिश्रा ने भी इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि दान पेटी में पाकिस्तानी करेंसी का मिलना जांच का विषय है। दुर्लभ मिश्रा ने इस पूरे प्रकरण की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से गहन जांच कराने की मांग की है। गौरतलब है कि मंदिर के इतिहास में पहली बार इस तरह की विदेशी करेंसी मिलने की बात सामने आई है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 25 मार्च को मंदिर की 18 दान पेटियां खोली गईं, जिनमें कुल 32 लाख 14 हजार 245 रुपए की राशि मिली। इस दान राशि के बीच पाकिस्तान की 100 रुपेए की करेंसी मिलने से हड़कंप मच गया है और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस पूरे मामले पर गोड्डा लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे चल रही है। सांसद ने बताया कि वर्ष 2019 से 2026 तक मंदिर प्रबंधन को लेकर कोई ठोस बैठक नहीं हुई है, जिससे कई अहम मुद्दे लंबित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि श्राइन बोर्ड के ट्रस्टी होने के बावजूद उन्हें मंदिर के अंदर चल रही गतिविधियों की जानकारी नहीं दी जाती है, जो गंभीर चिंता का विषय है। वहीं, मंदिर के पुरोहित और अखिल भारतीय तीर्थपुरोहित महासभा के संरक्षक दुर्लभ मिश्रा ने भी इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि दान पेटी में पाकिस्तानी करेंसी का मिलना जांच का विषय है। दुर्लभ मिश्रा ने इस पूरे प्रकरण की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से गहन जांच कराने की मांग की है। गौरतलब है कि मंदिर के इतिहास में पहली बार इस तरह की विदेशी करेंसी मिलने की बात सामने आई है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।  

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