नेता प्रतिपक्ष बोले:मौतों पर मुआवजा राशि में अंतर क्यों?:छिंदवाड़ा बस हादसे में मृतकों के परिवारों को कांग्रेस विधायक दल 50-50 हजार की मदद देगा

नेता प्रतिपक्ष बोले:मौतों पर मुआवजा राशि में अंतर क्यों?:छिंदवाड़ा बस हादसे में मृतकों के परिवारों को कांग्रेस विधायक दल 50-50 हजार की मदद देगा

मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भोपाल में अपने सरकारी आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। सिंघार ने प्रदेश में बढ़ती दुर्घटनाओं और छिंदवाड़ा हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि देश और प्रदेश में वर्तमान स्थिति ‘इमरजेंसी’ जैसी हो गई है। उन्होंने सरकार की मुआवजा नीति पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि मृतकों के परिजनों के लिए 24 घंटे के भीतर ‘सिंगल विंडो’ सिस्टम से भुगतान होना चाहिए। सिंघार ने कहा कि उद्योगपतियों के लिए सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम बना दिया कि उन्हें जमीन से लेकर तमाम एनओसी और सुविधाएं मिल जाएंगी। उधर, किसी गरीब की सरकारी सिस्टम की खामी की वजह से मौत होती है तो उसे मुआवजे के लिए दफ्तरों में भटकना पड़ता है। छिंदवाड़ा हादसे पर घेरा: ‘भीड़ जुटाने के लिए CEO ने दी थी धमकी’ सिंघार ने छिंदवाड़ा में मुख्यमंत्री की सभा के दौरान हुई दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन ने सभा में भीड़ जुटाने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया। जनपद पंचायत के सीईओ ने पत्र जारी कर कर्मचारियों और ग्रामीणों को चेतावनी दी थी कि यदि वे नहीं आए तो कार्रवाई होगी। सिंघार ने कहा कि इसी आपाधापी में 10 लोगों की मौत हो गई और 40 घायल हुए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल की ओर से छिंदवाड़ा बस हादसे में मृत प्रत्येक मृतक के परिवार को 50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी। मुआवजा नीति में भेदभाव: ‘कहीं 1 लाख, कहीं 2 लाख… ये कैसी व्यवस्था?’ नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश में लागू अलग-अलग मुआवजा नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा भागीरथपुरा हादसे में 2 लाख दिए जाते हैं, कहीं और 1 लाख। सरकार के पास कोई ठोस ‘यूनिफॉर्म पॉलिसी’ क्यों नहीं है? सीएम की घोषणा के बाद पीड़ितों को विभागों के चक्कर काटने पड़ते हैं। कमीशन देने के बाद ही पैसा मिलता है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा जैसे व्यापारियों के लिए ‘सिंगल विंडो’ सुविधा है, वैसे ही गरीब मृतक परिवारों के लिए 24 घंटे में सहायता राशि मिलने का नियम बनना चाहिए। सिंघार ने कुछ घटनाओं में मुआवजे का अंतर बताया कफ सिरप कांड: ‘बाप ने ऑटो बेच दिया, फिर भी बच्चा नहीं बचा’ कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले पर सिंघार भावुक नजर आए। उन्होंने बताया कि जब वे पीड़ित परिवार से मिले, तो पता चला कि एक पिता ने अपने बच्चे के इलाज के लिए अपना ऑटो तक बेच दिया, लेकिन अस्पताल में समय पर मदद नहीं मिली। उन्होंने सवाल किया कि जब विपक्ष मामला उठाता है, तभी सरकार क्यों जागती है? युद्ध के बीच गैस संकट की आहट: ‘क्या फिर घंटी बजवाएंगे पीएम?’ सिंघार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान-अमेरिका तनाव और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के संकट का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार को भी निशाने पर लेते हुए कहा 80% तेल इसी मार्ग से आता है। अगर युद्ध बढ़ा तो क्या सरकार ने तेल और गैस का रिजर्व रखा है? सिंघार ने कहा- एमपी में 1.75 करोड़ गैस कनेक्शन हैं, जिनमें से 88 लाख उज्ज्वला के हैं। हकीकत यह है कि गैस महंगी होने के कारण गांव की महिलाओं ने सिलेंडर छज्जे पर सजा कर रख दिए हैं। पीएम के ‘कोविड जैसे हालात’ वाले बयान पर सिंघार ने कहा कि क्या सरकार फिर से लोगों से थाली और घंटी बजवाएगी या जनता को सस्ता पेट्रोल-डीजल और गैस देगी? आंकड़े जो डराते हैं: दुर्घटनाओं में MP नंबर-2 सिंघार ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पिछले 5 वर्षों में मध्यप्रदेश में 65,000 दुर्घटनाएं हुई हैं। केवल 2024 में अब तक 14,791 मौतें हो चुकी हैं। दुर्घटनाओं के मामले में प्रदेश देश में दूसरे नंबर पर है, फिर भी सरकार सिर्फ उन कामों में रुचि लेती है जहाँ टेंडर और कमीशन मिलता है।

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