चूरू. अंचल में एक ओर रबी सीजन की पकी फसलों की कटाई का दौर चल रहा है दूसरी ओर चैत्र प्रतिपदा से मौसम में आ रहे उतार चढ़ाव के बीच एक बार फिर मौसम बरसाती बन रहा है। अष्टमी को तेज हवाओं के साथ गरजते मेघ कमोबेश बरसे। हालांकि बारिश कोई ज्यादा नहीं हुई फिर भी बारिश के लिए जारी हुए यलो अलर्ट से किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिले में सरसों, चने की पकी फसल की कटाई अंतिम दौर में है, गेंहू की फसल पकाव पर है तो कहीं कहीं अगेती फसल की कटाई का कार्य भी चल रहा है। ऐसे में आसमान में घटाटोप बादलों से बिजली कड़कना और तेज हवाओं साथ बूंदाबांदी होने पर खेतों कटी हुई फसलों को नुकसान होने की किसान आशंका जता रहे हैँ। चूरू में सुबह 8.30 बजे तक 2 तथा रतनगढ़ में 1 मिमी. बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कहीं कहीं मामूली बारिश हुई।
कटी फसलें हुई प्रभावित
चैत्र अष्टमी को जहां जिले के कई क्षेत्रों में तेज आंधी आई तो कहीं कहीं बूंदाबांदी हुई। हालांकि बारिश को ज्यादा नहीं हुई लेकिन तेज हवाओं से कई खेतों में कटी हुई फसल को नुकसान हुआ।
विद्युत निगम को हुआ नुकसान
सरदारशहर ग्रामीण में बुधवार रात को आई तेज आंधी से कई जगह पेड़ उखड़ गए और सौर उर्जा की प्लेट उखड़ गई। करीब 20 मिनट तक चली धूलभरी आंधी से बिजली के पोल तथा लाइनें टूटने से विद्युत निगम को नुकसान हुआ। पिछले दो दिनों में कई जगह आई तेज आंधी से कई जगह विद्युत पोल गिर गए और लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई। विद्युत निगम के अनुसार तारानगर, साहवा, भादासर और सरदारशहर ग्रामीण क्षेत्र में करीब 35 बिजली के पोल गिर गए। निगम के अनुसार आंधी से पोल आदि गिरने से गड़बड़ाई बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
मौसम अपडेट
मौसम केंद्र के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ 28 मार्च से राज्य के कुछ भागों में सक्रिय होने तथा मेघगर्जन के साथ तेज आंधी-बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है। 28 मार्च को पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर संभाग व शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में कहीं-कहीं दोपहर बाद आंधी-बारिश होने की संभावना है। 29-31 मार्च को विक्षोभ का सर्वाधिक प्रभाव होने तथा जोधपुर, बीकानेर आदि सभांगों के कुछ भागों में तेज मेघगर्जन, आंधी चलने तथा कहीं-कहीं हल्की-मध्यम बारिश होने की संभावना है।
विशेष कृषि मौसम सलाह
कृषि मौसम ने सलाह जारी करते हुए कहा है कि खुले आसमान में पक कर तैयार फसलों, कृषि मंडियों व धान मंडियों में खुले में रखे हुए अनाज व जिंसों को ढककर रखें या सुरक्षित स्थान पर भंडारण करें ताकि उन्हें भीगने से बचाया जा सके।


