जोधपुर। रेलवे ने जोधपुर-दिल्ली कैंट-जोधपुर वंदे भारत एक्सप्रेस का गांधीनगर जयपुर रेलवे स्टेशन पर ठहराव देने का निर्णय लिया है। यह ठहराव 29 मार्च से प्रभावी होगा। जोधपुर मंडल के डीआरएम ने बताया कि ट्रेन संख्या 26481/26482 वंदे भारत एक्सप्रेस का सप्ताह में 6 दिन (मंगलवार को छोड़कर) गांधीनगर जयपुर स्टेशन पर प्रायोगिक ठहराव आगे आदेश तक रहेगा।
उन्होंने बताया कि समय सारणी के अनुसार ट्रेन 26481 जोधपुर-दिल्ली कैट वंदे भारत एक्सप्रेस 29 मार्च से (मंगलवार को छोड़कर) गांधीनगर जयपुर स्टेशन पर सुबह 9.34 बजे आगमन और 9.36 बजे को छोड़कर) शाम 6.37 बजे गांधीनगर जयपुर स्टेशन पर आगमन प्रस्थान करेगी। वहीं ट्रेन संख्या 26482 दिल्ली कैट-जोधपुर वंदे भारत एक्सप्रेस 29 मार्च से (मंगलवार और 6.39 बजे प्रस्थान करेगी।
अब नए लुक में नजर आएगी वंदे भारत ट्रेन
जोधपुर से दिल्ली कैंट के बीच चलने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस अब नए रैक से चलेगी। 20 कोचों वाली इस ट्रेन के इसी माह के अंत तक चलने की उम्मीद है। पहले चल रही ट्रेन में 8 कोच ही थे। लेकिन, अब 20 कोच का यह नया रैक जोड़ा जा रहा है। नया कोच लगने के बाद इस ट्रेन में 868 सीटें बढ़ जाएगी। यानी अभी 572 सीटें हैं, जो बढ़कर 1440 हो जाएगी। नई ट्रेन केसरिया रंग की मिली है। जबकि पुरानी ट्रेन सफेद व नीले रंग की है।
इन स्टेशनों पर रुकती है यह ट्रेन
उल्लेखनीय है कि जोधपुर से दिल्ली कैंट तक चलने वाली जोधपुर की दूसरी वंदे भारत सेमी हाई स्पीड एक्सप्रेस ट्रेन का उद्घाटन 25 सितम्बर को हुआ था। ट्रेन का नियमित संचालन 27 सितम्बर से शुरू हुआ था। दिल्ली कैंट-जोधपुर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन अभी गुरुग्राम, रेवाड़ी, अलवर, जयपुर, फुलेरा, मकराना, डेगाना और मेड़ता रोड स्टेशन पर रुकती है। लेकिन, 29 मार्च से गांधीनगर जयपुर स्टेशन पर भी ठहरेगी।
इलेक्ट्रिक इंजन से दौड़ेगी लीलण सुपरफास्ट
जोधपुर. उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में रेल सेवाओं के आधुनिकीकरण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिसके तहत अब ट्रेन संख्या 12467/12468 जैसलमेर-जयपुर-जैसलमेर लीलण सुपरफास्ट एक्सप्रेस का संचालन पूर्ण रूप से इलेक्ट्रिक इंजन से किया जाएगा। इससे यात्रियों को बेहतर, तेज और सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा।
मंडल रेल प्रबंधक ने बताया कि इस ट्रेन का संचालन जयपुर से एक अप्रैल तथा जैसलमेर से तीन अप्रैल से इलेक्ट्रिक इंजन के साथ प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसके साथ ही यह ट्रेन अपने प्रारंभिक स्टेशन से अंतिम स्टेशन तक डीजल इंजन के स्थान पर पूरी तरह इलेक्ट्रिक इंजन से संचालित होगी। इस बदलाव से न केवल ट्रेन की गति और समयपालन में सुधार आएगा, बल्कि यात्रियों को झटके रहित, शांत और अधिक आरामदायक सफर का अनुभव भी मिलेगा।


