VVIP फ्लाइट्स- पायलट पर दबाव नहीं डाल सकते नेता:सिचुएशन ठीक नहीं तो ना कर सकते हैं; अजित पवार प्लेन हादसे के बाद नियम बदले

VVIP फ्लाइट्स- पायलट पर दबाव नहीं डाल सकते नेता:सिचुएशन ठीक नहीं तो ना कर सकते हैं; अजित पवार प्लेन हादसे के बाद नियम बदले

VIP और VVIP (जैसे मुख्यमंत्री, राज्यपाल आदि) को ले जाने वाले नॉन-शेड्यूल्ड विमान और हेलिकॉप्टर ऑपरेटर्स के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। DGCA ने साफ कहा है कि फ्लाइट क्रू पर किसी भी तरह का दबाव नहीं डाला जाए, ताकि सुरक्षा से समझौता न हो। DGCA के मुताबिक वीआईपी की जरूरत के नाम पर आखिरी वक्त में होने वाले बदलाव सीधे क्रू से नहीं, सिर्फ ऑपरेटर्स मैनेजमेंट के जरिए ही कराए जाएं। मौसम से जुड़े नियमों का पालन करना होगा। क्रू के फैसले का सम्मान करना होगा। नई गाइडलाइन में ध्यान रखा गया है कि वीआईपी मूवमेंट के चक्कर में पायलट थकावट का शिकार न हों। अब अगर कोई नेता दबाव डालता है, तो पायलट सीधे मना कर सकता है और उसकी जवाबदेही ‘मैनेजमेंट’ की होगी, न कि व्यक्तिगत पायलट की। दरअसल, 28 जनवरी को बारामती एयरपोर्ट पर प्लेन क्रैश में अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हुई थी। जिसके बाद से DGCA ने वीआईपी मूवमेंट्स को लेकर नियमों में बदलाव किया है। अजित पवार प्लेन हादसे में बेंगलुरु में जीरो FIR दर्ज की गई महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत के मामले में बेंगलुरु में जीरो FIR दर्ज की गई है। FIR उनके भतीजे और एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार की शिकायत पर दर्ज हुई है। उन्होंने हादसे को आपराधिक साजिश बताया है। उन्होंने FIR में 5 मुख्य आरोप लगाए हैं। रोहित ने कहा कि उन्होंने मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन, बारामती पुलिस और महाराष्ट्र CID से संपर्क किया, लेकिन कहीं भी FIR दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने 23 मार्च को बेंगलुरु में जीरो पर FIR दर्ज कराई। जहां अपराध हुआ है उसे छोड़कर देश के किसी भी थाने में उस अपराध की FIR दर्ज कराई जाती है तब उसे जीरो FIR कहते हैं। इसे फिर संबंधित थाने में ट्रांसफर कर दिया जाता है। कर्नाटक पुलिस ने केस दर्ज कर इसे महाराष्ट्र पुलिस को ट्रांसफर कर दिया है। रोहित ने FIR में 5 आरोप लगाए… CBI जांच में देरी पर सवाल जांच में अब तक क्या-क्या सामने आया… दावा-अजित का प्लेन क्रैश लैंडिंग से पहले पेड़ों से टकराया एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने बारामती प्लेन क्रैश पर 22 पेज की प्राइमरी रिपोर्ट जारी की थी। AAIB ने क्रैश साइट के पास के गांव में लगे CCTV फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि हादसे से पहले प्लेन दायीं ओर मुड़ा, पेड़ों और फिर जमीन से टकराया। इससे उसमें आग लग गई और पूरा कॉकपिट, केबिन जल गया। पोस्ट-फ्लाइट चेक में कोई गड़बड़ी नहीं मिली थी AAIB की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 27 जनवरी को प्लेन एक उड़ान पूरी करके मुंबई लौटा था। पोस्ट-फ्लाइट चेक के बाद टेक्नीशियन को उसमें कोई गड़बड़ी नहीं मिली। दरअसल, 26 जनवरी को VSR वेंचर्स के एयरक्राफ्ट VT-SSK ने मुंबई-सूरत-मुंबई सेक्टर के लिए एक चार्टर फ्लाइट ऑपरेट की थी। यह 27 जनवरी की रात 12.20 बजे मुंबई वापस आई। अगले दिन यानी 28 जनवरी को इसी एयरक्राफ्ट को सुबह करीब 8.09 बजे टेक ऑफ क्लियरेंस दिया गया था। पुणे ATC के बाद, प्लेन सुबह 8.19 बजे बारामती टावर के संपर्क में आया। बाद में कंट्रोलर ने पायलटों को बताया कि विजिबिलिटी 3 किलोमीटर थी। हालांकि, एयरक्राफ्ट ने अप्रोच जारी रखा और बाद में गो-अराउंड किया। दूसरे अप्रोच के दौरान एयरक्राफ्ट ने फील्ड इन साइट की रिपोर्ट दी। बाद में बारामती टावर ने रनवे 11 के लिए लैंडिंग क्लियरेंस दिया। लियरजेट 45 वीएसआर वेंचर्स का जेट, मुख्यालय दिल्ली में VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली स्थित एक नॉन-शेड्यूल्ड एयर ऑपरेटर कंपनी है। यह कंपनी प्राइवेट जेट चार्टर्ड, मेडिकल इवेक्युएशन (एयर एम्बुलेंस) और एविएशन कंसल्टेंसी का काम करती है। जिस लियरजेट 45XR विमान का बारामती में एक्सीडेंट हुआ, उसे 1990 के दशक में ‘सुपर-लाइट’ बिजनेस कैटेगरी के तहत बनाया गया था। इसे लग्जरी और तेज रफ्तार कॉर्पोरेट उड़ानों के लिए जाना जाता है। ———— ये खबर भी पढ़ें… अजित पवार प्लेन क्रैश मामला:भतीजे रोहित का सवाल- CID ने VSR के मालिक से पूछताछ की या मेहमाननवाजी की, अभी तक FIR क्यों नहीं महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के प्लेन क्रैश मामले में अजित के भतीजे रोहित पवार ने महाराष्ट्र सीआईडी की जांच पर सवाल खड़े किए। उन्होंने X पोस्ट में लिखा, ‘CID ने विमान कंपनी VSR के मालिक सिंह से पूछताछ की या उनकी मेहमाननवाजी की है।’ पूरी खबर पढ़ें…

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