Jaipur-Bagru Road Accident: सिंवारमोड़/बगरू (जयपुर): कहते हैं कि खुशियां अक्सर कच्चे धागे से बंधी होती हैं, जो कब टूट जाए कोई नहीं जानता। निवारू रोड के शक्तिनगर निवासी दीपक और उनकी पत्नी रिया गुप्ता के लिए शुक्रवार का सूरज सुनहरे सपने लेकर उगा था, लेकिन दोपहर होते-होते बेगस रोड के हिम्मतपुरा में एक अनियंत्रित डंपर ने उन सपनों को हमेशा के लिए सड़क पर बिखेर दिया।
इस हृदयविदारक हादसे ने न केवल एक होनहार बेटी को छीना, बल्कि एक हंसते-खेलते परिवार की नींव ही हिला दी। शुक्रवार दोपहर करीब 12:45 बजे का वक्त था। 30 वर्षीय रिया गुप्ता अपने पति दीपक के साथ बाइक पर सवार होकर अपनी मंजिल की ओर बढ़ रही थीं।
रिया मणिपाल यूनिवर्सिटी से पीएचडी कर रही थीं और उच्च शिक्षा के जरिए अपने भविष्य को संवारने की जद्दोजहद में जुटी थीं। दंपती बूरियों की ढाणी के पास पहुंचे ही थे कि पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भयावह थी कि रिया उछलकर सीधे डंपर के भारी-भरकम टायरों के नीचे जा गिरीं। चालक ने डंपर रोकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी और पहिए रिया को कुचलते हुए निकल गए। रिया की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दीपक दूर जा गिरे, जिससे उन्हें मामूली चोटें आईं।
उठो रिया…पति की चीखों से दहल उठा इलाका
हादसे के बाद का मंजर रूह कंपा देने वाला था। अपनी आंखों के सामने अपनी जीवनसंगिनी को काल के गाल में समाते देख दीपक सुध-बुध खो बैठे। सड़क पर बिखरे खून और क्षत-विक्षत शव को देखकर उनकी चीखें आसमान चीर रही थीं।
वहां मौजूद राहगीर भी इस मंजर को देखकर सन्न रह गए, जिस पत्नी के साथ चंद लम्हे पहले वह भविष्य की योजनाएं बना रहे थे, वह अब बेजान पड़ी थी। दीपक की करुण पुकार ने वहां मौजूद हर शख्स की आंखों को नम कर दिया।
सपनों का अंत और पसरा मातम
रिया महज एक बहू या पत्नी नहीं थीं, वह एक उभरती हुई विद्वान थीं जो शिक्षा के शिखर को छूना चाहती थीं। लेकिन एक चालक की लापरवाही ने उन तमाम उम्मीदों और सालों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही बगरू पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर राजकीय चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया। हादसे को अंजाम देने के बाद डंपर चालक वाहन समेत फरार हो गया। पुलिस अब इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि उस ‘खूनी डंपर’ और उसके चालक का पता लगाया जा सके।
घर में कोहराम
शाम को जब रिया का शव उनके निवास स्थान पहुंचा, तो पूरे इलाके में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। हर कोई बस यही कह रहा था कि नियति इतनी क्रूर कैसे हो सकती है?


