समस्तीपुर के मोरवा प्रखंड स्थित मल्लाहों के तीर्थ स्थल बाबा केबल धाम में राजकीय मेले का आयोजन किया जा रहा है। वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी रामनवमी के अवसर पर शुक्रवार देर रात केवल धाम पहुंचे। विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। बाबा के चरणों में मत्था टेककर देश की खुशहाली, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद मुकेश सहनी ने आम जनता को संबोधित किया। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि एक रोटी कम खाइए, लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाइए। पढ़ाई बहुत जरूरी है। शिक्षा से बढ़कर कोई हथियार नहीं है।
सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया मुकेश सहनी ने आगे कहा कि बाबा केबल महाराज ने अपनी वीरता से अनेक खतरों का सामना किया। समाज को एक नई दिशा दी। उनका जीवन हिन्दू- मुस्लिम एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक माना जाता है । विशेष बात यह है की बाबा केबल महाराज का जन्म और निर्वाण दोनों ही रामनवमी के दिन ही हुआ था। समस्तीपुर के मोरवा प्रखंड स्थित मल्लाहों के तीर्थ स्थल बाबा केबल धाम में राजकीय मेले का आयोजन किया जा रहा है। वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी रामनवमी के अवसर पर शुक्रवार देर रात केवल धाम पहुंचे। विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। बाबा के चरणों में मत्था टेककर देश की खुशहाली, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। पूजा-अर्चना के बाद मुकेश सहनी ने आम जनता को संबोधित किया। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि एक रोटी कम खाइए, लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाइए। पढ़ाई बहुत जरूरी है। शिक्षा से बढ़कर कोई हथियार नहीं है।
सामाजिक समरसता का प्रतीक बताया मुकेश सहनी ने आगे कहा कि बाबा केबल महाराज ने अपनी वीरता से अनेक खतरों का सामना किया। समाज को एक नई दिशा दी। उनका जीवन हिन्दू- मुस्लिम एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक माना जाता है । विशेष बात यह है की बाबा केबल महाराज का जन्म और निर्वाण दोनों ही रामनवमी के दिन ही हुआ था।


