‘4 साल पहले भैसूर, अब पति की गोली मारकर हत्या’:मृतक की पत्नी बोली- जेठ के मर्डर केस में समझौता से इनकार किया था, 3 बेटियों को कैसे पालूंगी

‘4 साल पहले भैसूर, अब पति की गोली मारकर हत्या’:मृतक की पत्नी बोली- जेठ के मर्डर केस में समझौता से इनकार किया था, 3 बेटियों को कैसे पालूंगी

‘’गांव के दबंगों ने करीब 4 साल पहले मेरे भैंसूर की गोली मारकर हत्या की थी। उस केस में समझौता करने के लिए मेरे पति पर आरोपी के सगे संबंधी दबाव बना रहे थे‌। जब मेरे पति ने बात नहीं मानी तो घर से बुलाकर मेरे पति की हत्या कर दी। पहले मेरे पति के साथ मारपीट की गई। फिर गोली मारकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया। मेरी तीन बेटियां हैं, अब बेटियों को कौन पढ़ाएगा, खिलाएगा, शादी कराएगा?” बेगूसराय के सिंघौल थाना क्षेत्र के रचियाही कचहरी टोला की रहने वाली 23 साल की राजकली देवी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही है। दरअसल, राजकली देवी के पति 27 साल के मिंटू कुमार की बुधवार की देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने मिंटू को घर से बुलाकर अपने साथ ले गए। इसके बाद शराब पिलाई। फिर मिंटू पर दबाव डाला कि तुम अपने बड़े भाई की हत्या का केस वापस ले लो। इनकार पर आरोपियों ने मिंटू की हत्या कर दी। मामले में मिंटू के भाइयों ने पांच आरोपियों के खिलाफ सिंघौल थाना में आवेदन दिया है। चार साल पहले मिंटू के भाई की हत्या का क्या मामला है? मृतक मिंटू की पत्नी का वारदात को लेकर क्या कहना है? आरोपियों ने कहां और कैसे वारदात को अंजाम दिया? चार साल में एक ही परिवार के दो लोगों की हत्या को लेकर पुलिस का क्या कहना है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले जानिए, चार साल पहले हुई सिंटू हत्याकांड की कहानी जानिए? रचियाही कचहरी टोला के रहने वाले गणेश महतो के पांच बेटे सिंटू, मिंटू, पिंटू, राजेश और सौरव थे, जिसमें से बड़े बेटे सिंटू कुमार की जुलाई 2022 में हत्या कर दी गई थी। सिंटू की शादी नहीं हुई थी। दरअसल, उस वक्त सिंटू का गांव में ही कुछ युवकों से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद आरोपियों ने सिंटू की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात के दौरान सिंटू के साथ उसका भाई पिंटू भी मौजूद था, जो वारदात का मुख्य गवाह भी है। सिंटू हत्याकांड में 11 लोगों को नामजद किया गया था। मामला कोर्ट में पहुंचा और ट्रायल के दौरान अभी गवाही की प्रक्रिया चल रही है। उधर, सिंटू की हत्या के बाद उसके पिता गणेश महतो बीमार रहने लगे और बेटे की मौत के 6 महीने के अंदर गणेश महतो की भी सदमे से मौत हो गई। सिंटू की हत्या के आरोपी केस वापसी को लेकर मिंटू पर दबाव बना रहे थे सिंटू के चाचा विपिन कुमार के मुताबिक, सिंटू की हत्या के आरोपी चाहते थे कि मामले में मिंटू, पिंटू और उसका परिवार समझौता कर लें। लेकिन मिंटू, पिंटू समेत उनका परिवार इसके लिए तैयार नहीं था। जानकारी के मुताबिक, बुधवार शाम करीब 6 बजे कुछ लोगों ने मिंटू को फोन करके बुलाया। मिंटू जब आरोपियों के बुलाने पर जा रहा था, तो रास्ते में पिंटू मिला। पिंटू ने कहा कि घर चलो, कहीं जाने की जरूरत नहीं है, लेकिन मिंटू ने कहा कि तुम घर चलो, मैं आता हूं। इसके बाद मिंटू आरोपियों के साथ बलहपुर मोहल्ले की ओर चला गया। बताया जा रहा है कि आरोपियों पहले मिंटू को शराब पिलाई, इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई। पहले छाती और पीठ में गोली मारी गई। फिर उसकी लाश को मक्के के खेत में फेंक दिया गया। खेत में लाश को फेंकने के बाद भी आरोपियों ने मिंटू के सिर में दो और गोलियां मारी। आरोपियों में शामिल एक शख्स ने ही मिंटू के भाई पिंटू को फोन कर बताया कि तुम्हारे भाई की हत्या हो गई है। इसके बाद पिंटू ने पहले पुलिस को जानकारी दी, फिर परिवार के अन्य सदस्यों के साथ घटनास्थल पर पहुंचा। जहां से मिंटू की लाश बरामद हुई। घर से एक किलोमीटर दूर फेंकी गई थी मिंटू की लाश मृतक मिंटू की पत्नी राजकली देवी के मुताबिक, उसके पति की हत्या कर घर से एक किलोमीटर दूर बलहपुर टोला में खेत में लाश फेंकी गई थी। राजकली देवी ने बताया कि सिमरिया घाट पर मेरे पति का अंतिम संस्कार किया गया है। मेरे देवर ने अपने भाई को मुखाग्नि दी है। उन्होंने बताया कि पिछले 4 साल में मेरे घर में दो लोगों की हत्या के बाद से हम लोग दहशत में हैं। पता नहीं आरोपी अब किसकी और कब हत्या कर दे। उन्होंने बताया कि हम लोग बिंद जाति के लोग हैं, जो रचियाही कचहरी टोला में इस जाति का इकलौता परिवार है। आरोपी दूसरी जाति के हैं और दबंग हैं। उन्होंने कहा कि मुखिया, सरपंच कोई मदद नहीं कर रहा है, कोई देखने तक नहीं आया, पूछने तक नहीं आया। भैसूर को क्यों मारा था, ये पता नहीं, लेकिन पति को केस मैनेज नहीं करने के कारण मार दिया। किरण नाम के लड़के ने देवर को कॉल कर बताया था कि मिंटू की हत्या कर लाश को खेत में फेंक दिया है। जब हम लोग खेत में पहुंचे तो वहां चंदन नाम काा एक युवक था, जिसने मेरे पति का मोबाइल और बाइक की चाबी देकर भाग गया। मृतक की भाभी बोली- दो दिनों से कोई सोया नहीं है, डर के साये में जी रहे हैं मिंटू के चाचा विपिन कुमार ने बताया कि तीन-चार साल पहले मेरे बड़े भतीजे सिंटू कुमार की हत्या की गई थी। हत्याकांड का मामला कोर्ट में चल रहा है और अभी गवाही की प्रक्रिया चल रही है। सिंटू की हत्या मामले में भी पुलिस ने कोई मदद नहीं की। हम लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जिसने वारदात को अंजाम दिया है, उसे फांसी की सजा दी जाए, तभी हम लोगों को इंसाफ मिलेगा। सिंटू और मिंटू के पापा गणेश महतो और मेरे पापा सिंटू की हत्या के गम में ही बीमार पड़ कर मर गए। उन्होंने बताया कि दबंगों की वजह से हमारे परिवार के 4 लोगों की मौत हुई, दो लोगों की गोली मारकर हत्या की गई है। उन्होंने बताया कि जिस टोला में हम लोग रहते हैं, यहां सभी घर धानुक (राय) जाति के लोगों के हैं। इसी जाति के दबंगों ने मेरे दोनों भतीजों की हत्या की है। आरोपियों ने फायरिंग की, मेरे भतीजे को उठा ले गई पुलिस विपिन ने बताया कि करीब एक साल पहले बदमाशों ने मेरे घर पर आकर मिंटू पर दबाव बनाया था। जब मिंटू नहीं माना तो उसे साथ ले जाने की कोशिश की। जब मिंटू साथ नहीं गया तो आरोपियों ने मेरे घर के बाहर हवाई फायरिंग की। जब हम लोगों ने आरोपियों को खदेड़ा तो उन्होंने फिर से 4-5 राउंड फायरिंग की और फरार हो गए। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद गांव-समाज के लोग जुटे और पुलिस भी आई। सभी ने मिलकर मेरे भतीजे मिंटू को ही दोषी बताया। इसके बाद पुलिस ने मिंटू को पकड़कर जेल भेज दिया। मिंटू होली से पहले जमानत पर बाहर आया था, अब उसकी हत्या कर दी गई है। ‘’गांव के दबंगों ने करीब 4 साल पहले मेरे भैंसूर की गोली मारकर हत्या की थी। उस केस में समझौता करने के लिए मेरे पति पर आरोपी के सगे संबंधी दबाव बना रहे थे‌। जब मेरे पति ने बात नहीं मानी तो घर से बुलाकर मेरे पति की हत्या कर दी। पहले मेरे पति के साथ मारपीट की गई। फिर गोली मारकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया। मेरी तीन बेटियां हैं, अब बेटियों को कौन पढ़ाएगा, खिलाएगा, शादी कराएगा?” बेगूसराय के सिंघौल थाना क्षेत्र के रचियाही कचहरी टोला की रहने वाली 23 साल की राजकली देवी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही है। दरअसल, राजकली देवी के पति 27 साल के मिंटू कुमार की बुधवार की देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने मिंटू को घर से बुलाकर अपने साथ ले गए। इसके बाद शराब पिलाई। फिर मिंटू पर दबाव डाला कि तुम अपने बड़े भाई की हत्या का केस वापस ले लो। इनकार पर आरोपियों ने मिंटू की हत्या कर दी। मामले में मिंटू के भाइयों ने पांच आरोपियों के खिलाफ सिंघौल थाना में आवेदन दिया है। चार साल पहले मिंटू के भाई की हत्या का क्या मामला है? मृतक मिंटू की पत्नी का वारदात को लेकर क्या कहना है? आरोपियों ने कहां और कैसे वारदात को अंजाम दिया? चार साल में एक ही परिवार के दो लोगों की हत्या को लेकर पुलिस का क्या कहना है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले जानिए, चार साल पहले हुई सिंटू हत्याकांड की कहानी जानिए? रचियाही कचहरी टोला के रहने वाले गणेश महतो के पांच बेटे सिंटू, मिंटू, पिंटू, राजेश और सौरव थे, जिसमें से बड़े बेटे सिंटू कुमार की जुलाई 2022 में हत्या कर दी गई थी। सिंटू की शादी नहीं हुई थी। दरअसल, उस वक्त सिंटू का गांव में ही कुछ युवकों से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद आरोपियों ने सिंटू की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात के दौरान सिंटू के साथ उसका भाई पिंटू भी मौजूद था, जो वारदात का मुख्य गवाह भी है। सिंटू हत्याकांड में 11 लोगों को नामजद किया गया था। मामला कोर्ट में पहुंचा और ट्रायल के दौरान अभी गवाही की प्रक्रिया चल रही है। उधर, सिंटू की हत्या के बाद उसके पिता गणेश महतो बीमार रहने लगे और बेटे की मौत के 6 महीने के अंदर गणेश महतो की भी सदमे से मौत हो गई। सिंटू की हत्या के आरोपी केस वापसी को लेकर मिंटू पर दबाव बना रहे थे सिंटू के चाचा विपिन कुमार के मुताबिक, सिंटू की हत्या के आरोपी चाहते थे कि मामले में मिंटू, पिंटू और उसका परिवार समझौता कर लें। लेकिन मिंटू, पिंटू समेत उनका परिवार इसके लिए तैयार नहीं था। जानकारी के मुताबिक, बुधवार शाम करीब 6 बजे कुछ लोगों ने मिंटू को फोन करके बुलाया। मिंटू जब आरोपियों के बुलाने पर जा रहा था, तो रास्ते में पिंटू मिला। पिंटू ने कहा कि घर चलो, कहीं जाने की जरूरत नहीं है, लेकिन मिंटू ने कहा कि तुम घर चलो, मैं आता हूं। इसके बाद मिंटू आरोपियों के साथ बलहपुर मोहल्ले की ओर चला गया। बताया जा रहा है कि आरोपियों पहले मिंटू को शराब पिलाई, इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई। पहले छाती और पीठ में गोली मारी गई। फिर उसकी लाश को मक्के के खेत में फेंक दिया गया। खेत में लाश को फेंकने के बाद भी आरोपियों ने मिंटू के सिर में दो और गोलियां मारी। आरोपियों में शामिल एक शख्स ने ही मिंटू के भाई पिंटू को फोन कर बताया कि तुम्हारे भाई की हत्या हो गई है। इसके बाद पिंटू ने पहले पुलिस को जानकारी दी, फिर परिवार के अन्य सदस्यों के साथ घटनास्थल पर पहुंचा। जहां से मिंटू की लाश बरामद हुई। घर से एक किलोमीटर दूर फेंकी गई थी मिंटू की लाश मृतक मिंटू की पत्नी राजकली देवी के मुताबिक, उसके पति की हत्या कर घर से एक किलोमीटर दूर बलहपुर टोला में खेत में लाश फेंकी गई थी। राजकली देवी ने बताया कि सिमरिया घाट पर मेरे पति का अंतिम संस्कार किया गया है। मेरे देवर ने अपने भाई को मुखाग्नि दी है। उन्होंने बताया कि पिछले 4 साल में मेरे घर में दो लोगों की हत्या के बाद से हम लोग दहशत में हैं। पता नहीं आरोपी अब किसकी और कब हत्या कर दे। उन्होंने बताया कि हम लोग बिंद जाति के लोग हैं, जो रचियाही कचहरी टोला में इस जाति का इकलौता परिवार है। आरोपी दूसरी जाति के हैं और दबंग हैं। उन्होंने कहा कि मुखिया, सरपंच कोई मदद नहीं कर रहा है, कोई देखने तक नहीं आया, पूछने तक नहीं आया। भैसूर को क्यों मारा था, ये पता नहीं, लेकिन पति को केस मैनेज नहीं करने के कारण मार दिया। किरण नाम के लड़के ने देवर को कॉल कर बताया था कि मिंटू की हत्या कर लाश को खेत में फेंक दिया है। जब हम लोग खेत में पहुंचे तो वहां चंदन नाम काा एक युवक था, जिसने मेरे पति का मोबाइल और बाइक की चाबी देकर भाग गया। मृतक की भाभी बोली- दो दिनों से कोई सोया नहीं है, डर के साये में जी रहे हैं मिंटू के चाचा विपिन कुमार ने बताया कि तीन-चार साल पहले मेरे बड़े भतीजे सिंटू कुमार की हत्या की गई थी। हत्याकांड का मामला कोर्ट में चल रहा है और अभी गवाही की प्रक्रिया चल रही है। सिंटू की हत्या मामले में भी पुलिस ने कोई मदद नहीं की। हम लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जिसने वारदात को अंजाम दिया है, उसे फांसी की सजा दी जाए, तभी हम लोगों को इंसाफ मिलेगा। सिंटू और मिंटू के पापा गणेश महतो और मेरे पापा सिंटू की हत्या के गम में ही बीमार पड़ कर मर गए। उन्होंने बताया कि दबंगों की वजह से हमारे परिवार के 4 लोगों की मौत हुई, दो लोगों की गोली मारकर हत्या की गई है। उन्होंने बताया कि जिस टोला में हम लोग रहते हैं, यहां सभी घर धानुक (राय) जाति के लोगों के हैं। इसी जाति के दबंगों ने मेरे दोनों भतीजों की हत्या की है। आरोपियों ने फायरिंग की, मेरे भतीजे को उठा ले गई पुलिस विपिन ने बताया कि करीब एक साल पहले बदमाशों ने मेरे घर पर आकर मिंटू पर दबाव बनाया था। जब मिंटू नहीं माना तो उसे साथ ले जाने की कोशिश की। जब मिंटू साथ नहीं गया तो आरोपियों ने मेरे घर के बाहर हवाई फायरिंग की। जब हम लोगों ने आरोपियों को खदेड़ा तो उन्होंने फिर से 4-5 राउंड फायरिंग की और फरार हो गए। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद गांव-समाज के लोग जुटे और पुलिस भी आई। सभी ने मिलकर मेरे भतीजे मिंटू को ही दोषी बताया। इसके बाद पुलिस ने मिंटू को पकड़कर जेल भेज दिया। मिंटू होली से पहले जमानत पर बाहर आया था, अब उसकी हत्या कर दी गई है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *