कम नहीं हुई तहसीलदार अमिता सिंह की ‘अकड़’, जेल में बोली- ‘तुम मुझे जानते नहीं हो’

कम नहीं हुई तहसीलदार अमिता सिंह की ‘अकड़’, जेल में बोली- ‘तुम मुझे जानते नहीं हो’

mp news: मध्यप्रदेश के श्योपुर में करीब ढ़ाई करोड़ रुपये के बाढ़ राहत घोटाले में आरोपी महिला तहसीलदार अमिता सिंह की अकड़ जेल जाने के बाद भी कम नहीं हुई है। गुरुवार को पुलिस ने अमिता सिंह को कोर्ट में पेश किया था जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। ऐसी जानकारी मिली है कि अमिता सिंह ने जेल में पहुंचने के बाद प्रारंभिक तौर पर जेल स्टाफ के साथ ठीक से बर्ताव नहीं किया और अपना रुतबा दिखाने की कोशिश की जिसके कारण उन्हें समझाईश दी गई है

कम नहीं हुई अकड़

सूत्रों से पता चला है कि जेल पहुंचने के बाद तहसीलदार अमिता सिंह से जब जेल के स्टाफ ने नाम पूछा तो अपना नाम बताने से मना करते हुए कहा कि वारंट में लिखा है। इतना ही नहीं चक्कर आने की शिकायत भी की जिसके बाद डॉक्टर से जांच कराने पर स्वास्थ्य सामान्य निकला। शुक्रवार सुबह जब जेल में नियमित प्रक्रिया महिला जेल प्रहरियों द्वारा की जा रही थी तब भी अमिता सिंह ने अपनी अफसरगिरी दिखाने की कोशिश की और महिला प्रहरियों से कहा कि तुम मुझे जानती नहीं हो, मैं एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट हूं। इसके बाद जेल अधिकारियों ने उन्हें काव्यवहार सामान्य रखने की समझाइश दी है।

बाढ़ राहत राशि घोटाले का है आरोप

विजयपुर तहसीलदार अमिता सिंह तोमर पर आरोप है कि साल 2021 में श्योपुर जिले में आई बाढ़ के बाद बाढ़ पीड़ितों के लिए जो राहत राशि आई और वितरित की गई उसमें तहसीलदार अमिता सिंह ने बड़ा घोटाला किया है। आरोप है कि तहसीलदार अमिता सिंह तोमर जो कि उस समय बड़ौदा तहसील में तत्कालीन तहसीलदार थीं उन्होंने करीब दो दर्जन पटवारियों और दलालों से मिलकर 127 फर्जी खातों में लगभग 2.57 करोड़ रुपये की राशि बांट दी। बाद में ये गड़बड़ी डिप्टी कलेक्टर के ऑडिट में पकड़ में आई थी और बड़ौदा थाने में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में 100 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें अमिता सिंह तोमर और 25 पटवारी भी शामिल हैं।

KBC में जीते थे 50 लाख रुपये

तहसीलदार अमिता सिंह तोमर 2011 में ‘कौन बनेगा करोड़पति’ सीजन-5 में 50 लाख रुपये जीतकर सुर्खियों में आई थीं। तब से उन्हें ‘KBC वाली मैडम’ के नाम से बुलाया जाने लगा था। सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट और कमेंट डालकर प्रशासन की कार्रवाई को गलत बताने और संविधान से जुड़ी एक पोस्ट पर आपत्तिजनक कमेंट करने पर अमिता तोमर निलंबित भी हो चुकी हैं। इतना ही नहीं 14 साल की नौकरी में 25 तबादले होने पर उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र भी लिखा था और इसके कारण भी तहसीलदार अमिता सिंह तोमर मीडिया की सुर्खियां बनी थीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *