बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान रामनवमी के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा में शामिल हुए। उन्होंने भभुआ के एकता चौक पर हनुमान चालीसा पाठ में भी शिरकत की। इस दौरान शहर ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गूंज उठा। मंत्री जमा खान ने शोभायात्रा में शामिल होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने भभुआ और समस्त बिहारवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज भगवान श्री राम का पवित्र दिन है। उन्होंने आगे कहा कि भगवान राम ने शबरी के जूठे बेर खाकर भाईचारा, प्रेम और मानवता का संदेश दिया था। उन्होंने जोर दिया कि कोई बड़ा-छोटा नहीं, सभी समान हैं। एक अन्य संदर्भ में, मंत्री जमा खान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने ही बिहार को संवारा है। उनके अनुसार, 2005 के बाद एनडीए सरकार बनने के बाद से बिहारवासी ‘आई वांट नीतीश कुमार’ का नारा लगा रहे हैं। उन्होंने निशांत कुमार का भी समर्थन किया। मंत्री ने कहा कि पूरा बिहार निशांत जी को आगे बढ़ने के लिए समर्थन दे रहा है और बिहार के सभी जाति-धर्म के युवा उनके साथ हैं। मंत्री की इस भागीदारी को रामनवमी उत्सव में सौहार्द और एकता के संदेश के रूप में देखा गया। बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान रामनवमी के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा में शामिल हुए। उन्होंने भभुआ के एकता चौक पर हनुमान चालीसा पाठ में भी शिरकत की। इस दौरान शहर ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गूंज उठा। मंत्री जमा खान ने शोभायात्रा में शामिल होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने भभुआ और समस्त बिहारवासियों को रामनवमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज भगवान श्री राम का पवित्र दिन है। उन्होंने आगे कहा कि भगवान राम ने शबरी के जूठे बेर खाकर भाईचारा, प्रेम और मानवता का संदेश दिया था। उन्होंने जोर दिया कि कोई बड़ा-छोटा नहीं, सभी समान हैं। एक अन्य संदर्भ में, मंत्री जमा खान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने ही बिहार को संवारा है। उनके अनुसार, 2005 के बाद एनडीए सरकार बनने के बाद से बिहारवासी ‘आई वांट नीतीश कुमार’ का नारा लगा रहे हैं। उन्होंने निशांत कुमार का भी समर्थन किया। मंत्री ने कहा कि पूरा बिहार निशांत जी को आगे बढ़ने के लिए समर्थन दे रहा है और बिहार के सभी जाति-धर्म के युवा उनके साथ हैं। मंत्री की इस भागीदारी को रामनवमी उत्सव में सौहार्द और एकता के संदेश के रूप में देखा गया।


